तेजस्वी यादव-
ये सरकार अपनी सच्चाई छुपाने के लिए किसी की भी जान ले सकती है फिर आप किस भ्रम में जी रहे हैं..? इनकी मौत आज विमान हादसे में हो गई! बयान कुछ दिन पुरानी है, बाकी समझदार है आप..?
संदीप खासा-
नवंबर 2024 में Ajit Pawar ने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया था कि कैसे गौतम अडानी भाजपा की गंदी राजनीति को नियंत्रित करते हैं।
“गौतम अडानी 2019 में महाराष्ट्र सरकार को गिराने के लिए अमित शाह के साथ हमारी बैठक में मौजूद थे” वो बहुत सारे रहस्यों को जानता था, बहुत सारे सौदों का हिस्सा था…
बघीरा-
ये महज इत्तेफाक तो नहीं हो सकता-
- बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की अचानक रोड एक्सीडेंट में मौत
- CDS विपिन रावत का अचानक प्लेन क्रैश में निधन
- गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपानी की प्लेन क्रैश में मृत्यु
- और अब अजीत पवार की अचानक बारामती प्लेन क्रैश में मौत
AJIT PAWAR महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम भी थे और आजकल बीजेपी से उनके संबंध ठीक नहीं चल रहे थे सब जानते है। ये आरोप नहीं है बस बता रहा हु कि कुछ तो है जो सामने नहीं आ रहा है..
एक ही सिस्टम, एक जैसा सन्नाटा हर प्लेन क्रैश पर वही लीपा पोती, वही संयोग की कहानी…जब सत्ता सवालों से भागे और जांच से डरे, तब शक पैदा होता है… हादसा था या साजिश फैसला जनता करेगी, दरबार नहीं…!! -मयूर वघेला
जीतू बुरडक-
24 जनवरी को शिवसेना नेता संजय राउत मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते है और कहते है। अजित पवार BJP की महायुति सरकार छोड़ सकते हैं।
शरद पवार के साथ फिर से MVA में लौट सकते हैं और NCP के दोनों गुट फिर से एक हो सकते हैं। 28 जनवरी को अजीत पवार की बारामती प्लेन क्रैश में मृत्य हो जाती है।
क्या सच में Ajit Pawar बीजेपी की महायुति सरकार छोड़ना चाहते थे? संजय राउत ने ऐसे ही तो कुछ नहीं कहा होगा पुराने नेता है राजनीति समझते है..!
शकील अख्तर-
संसद में आज जैसे ही यह खबर आई तो वहां शोक का एक जबरदस्त माहौल छा गया। लेकिन उसके साथ एक ऐसी स्तब्धता थी की हर नेता लगा जैसे हिल गया।
और उसके बाद जैसे ही ममता बनर्जी का साजिश का बयान आया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की तो उसके बाद वहां सारे लोग यह बात करने लगे।
गोपीनाथ मुंडे की सड़क दुर्घटना की मौत के बारे में काफी लोग बात कर रहे थे। जज लोया, तोगड़िया द्वारा बताए गए अपने पर खतरे की बात और सुब्रमण्यम स्वामी के अचानक चुप हो जाने की बातें भी हो रही थीं। एक डर का माहौल भी था लेकिन शक का भी।



