नई दिल्ली। सार्वजनिक सेवा प्रसारण के 90 गौरवशाली वर्ष के उपलक्ष्य में आकाशवाणी ने आज नई दिल्ली में मैराथन/वॉकथॉन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 1936 में स्थापित ऑल इंडिया रेडियो की अब तक की अपनी यात्रा का जश्न मनाना रहा।
नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी के मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक धावकों ने भाग लिया। राष्ट्रीय प्रसारक के साथ एकजुटता दिखाते हुए, फिट इंडिया की भावना को बढ़ावा देते हुए और भारत में ऑडियो प्रसारण की समृद्ध विरासत का स्मरण करते हुए दौड़ लगाई। प्रसार भारत के सीईओ श्री गौरव द्विवेदी ने औपचारिक रूप से इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया।
इस अवसर पर प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने कहा कि आकाशवाणी का अपना इतिहास रहा है और भविष्य में भी आकाशवाणी की आवाज गूंजती रहेगी। इस मौके पर प्रसार भारती के कार्मिक सदस्य राजीव भारद्वाज और आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन भी मौजूद रहे। आकाशवाणी के इस आयोजन में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल के विशिष्ट अतिथियों और प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
आकाशवाणी का यह मैराथन 3.5 किलोमीटर का रहा, जो आकाशवाणी भवन से शुरू होकर भारतीय वायु सेना मुख्यालय तक और फिर वापस आकाशवाणी भवन तक रहा।
इस मैराथन में पुरूषों की श्रेणी में पहले स्थान पर सशस्त्र सीमा बल के हेमकिशोर रहे, जबकि दूसरे स्थान पर भी सशस्त्र सीमा बल के ही आनंद रहे। तीसरे स्थान पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस के स्टैनजिन जेकमेट रहे। महिलाओं की श्रेणी में पहले और दूसरे स्थान पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की भूमिका वार्ष्णेय और कमलेश बाली रहीं, जबकि तीसरे स्थान पर सशस्त्र सीमा बल की स्नेहा रहीं। आकाशवाणी के कर्मचारियों ने इस मैराथन में हिस्सा लिया, जिसमें मुरुगन, सोमपाल और रणधीर ठाकुर ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए। विजेताओं को ट्रॉफी और पदक प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए पदक दिए गए।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव और सामूहिक जयकार के साथ हुआ, जिसमें आकाशवाणी की चिरस्थायी विरासत का जश्न मनाया गया और इसके चिरस्थायी आदर्श वाक्य “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के तहत राष्ट्र की समर्पित सेवा के कई और वर्षों के लिए आशा व्यक्त की गई।



