बरखा दत्त ने अरनब गोस्वामी को मोदी सरकार का चमचा कहा!

Barkha Dutt : Times Now calls for gagging of media & for journalists to be tried &punished. This man is journalist?I am ashamed to be from same industry as him. What’s striking is his brazen and cowardly hypocrisy. So he drones on and on about Pro Pakistan Doves without one word on the JK alliance agreement that commits the BJP and PDP to talks with Pakistan and Hurriyat and is silent on Modi’s own Pakistan outreach- neither of which I object to- but since Arnab Goswami measures patriotism by such views why is he so silent on the government? Chamchagiri?

Imagine, a journalist actually exhorts the government to shut down sections of the media, misrepresents them as isi agents and terror sympathisers, calls for them to be tried and acted against. And our fraternity remains locked into politically correct and timid silence. Well Im not a shrinking violet Mr. Goswami and no matter how many times you take my name directly or indirectly on your show, I really dont give a toss for your opinion. I hope I will always be someone whose journalism you loathe, because trust me, the feeling is so utterly mutual that it would kill me to be on the same side of any issue as you.

टाइम्‍स नाऊ मीडिया के दमन की बात करता है. वह पत्रकारों पर मामला चलाने और उन्‍हें सजा दिलाने की बात करता है. क्‍या यह शख्‍स पत्रकार है? मैं शर्मिंदा हूँ कि मैं भी उसी की तरह इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूँ। अर्नब का बेशर्म और कायरतापूर्ण पाखंड आश्चर्यजनक है। वह बार-बार पाकिस्तान से बातचीत के समर्थकों पर पिनपिना रहा है लेकिन एक भी शब्द जम्मू-कश्मीर की बीजेपी-पीडीपी वाली उस सरकार के लिए नहीं बोल रहा जिनके गठबंधन की शर्तों में पाकिस्तान और हुर्रियत से बातचीत का समझौता है। और, वह मोदी पर चुप्पी साधे हुए है जो पाकिस्तान के बातचीत के मामले में हद से आगे निकल गए हैं। मुझे इनमें से किसी पर भी आपत्ति नहीं है लेकिन चूँकि अर्णब गोस्वामी किसी की देशभक्ति को ऐसे विचारों से नापता है तो पूछा जाना चाहिए कि वह सरकार पर चुप क्यों है? चमचागीरी?

कल्पना कीजिए कि एक पत्रकार सचमुच में सरकार पर मीडिया के एक धड़े का दमन करने के लिए दबाव बना रहा है। ऐसे पत्रकारों को वह पाकिस्तान की ख़ुफिया एजेंसी आईसीआई का एजेंट ठहरा रहा है, आतंकियों का हमदर्द बता रहा है और कह रहा है कि उनके ऊपर मामला चलना चाहिए और सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। और, हमारी पत्रकार बिरादरी? इस बिरादरी से राजनीतिक रूप से सही-गलत बने रहने के नाते कायराना चुप्पी साध रखी है। ठीक है लेकिन डरने वालों में से नहीं हूं श्रीमान गोस्वामी। और मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुम अपने शो पर कितनी बार मेरा नाम सीधे या घुमाकर लेते हो क्योंकि मैं तुम्हारे विचार को ढेला भर भी अहमियत नहीं देती। मुझे उम्मीद है कि मैं तुम्हारे लिए हमेशा वही रहूंगी जिसकी पत्रकारिता से तुम घृणा करोगे। और यक़ीन करो, यह घृणा इतनी परस्पर है कि किसी भी मुद्दे पर तुम्हारी तरफ़ होने का ख़्याल भी मेरे लिए मरने जैसा होगा.

वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त की एफबी वॉल से.

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Comments on “बरखा दत्त ने अरनब गोस्वामी को मोदी सरकार का चमचा कहा!

  • राजीव रंजन तिवारी says:

    देश की जानी मानी पत्रकार बरखा दत्त जी ने श्री अर्नब गोस्वामी जी के बारे में जो कुछ भी कहा है, वह अक्षरशः सत्य प्रतीत हो रहा है। वजह स्पष्ट है, देश के प्रधानसेवक आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के चुनाव जीतने से पहले से लेकर अबतक श्री अर्नब जी भूमिका कठघरे में ही दिखती रही है। कोई एक मौका नहीं है, जिसका उदाहरण दिया जाए। जहां तक अर्नब जी के पक्ष में अंधभक्तों और अनुपम खेर के आने का सवाल है तो यह स्पष्ट कर दूं कि देश के लोग अब चाटूकारिता को समझने लगे हैं। अंधभक्तों व अनुपम खेर के कुछ कहने या बोलने से बरखा दत्त जी की आवाज दबने वाली नहीं है।

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  • nitin srivastava says:

    बरखा दत्त किसी कारपोरेट दलाल का चमचा होने से बेहतर मोदी का चमचा होना है

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