रायपुर दिनांक 11/06/25
एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा में ड्यूटी से नदारद रहने वाले एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी की शिकायत देश की गृहमंत्री अमित शाह से की है।
गृहमंत्री अमित शाह से कुणाल शुक्ला ने इस बात के जांच की मांग की है कि अभिषेक माहेश्वरी कैसे सुकमा छोड़ कर मौखिक अनुमति/आदेश पर रायपुर/बलौदबाज़ार में शासकीय कार्य के नाम पर मौज मारते रहा?कौन से अधिकारी उसको नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा से ड्यूटी से गायब होने का संरक्षण देते रहे हैं और क्यों अभिषेक माहेश्वरी के स्थान पर ड्यूटी का फ़र्ज़ निभा रहे आकाश राव गिरिपूंजे को शहीद होना पड़ा?
शिकायत में इस बात की भी जांच की माँग की गई है की अभिषेक माहेश्वरी सुकमा जॉइनिंग के दिन से आज के दिनांक तक कितने दिनों तक ड्यूटी से गायब रहा है?

कुणाल शुक्ला-
सुकमा में आज हुए नक्सलियों द्वारा आईईडी ब्लास्ट (IED Blast Sukma) में जिस जगह एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को होना था? वहाँ पर एडिशनल एसपी आकाश राव गिरिपूंजे की शहादत हो गई।
कारण ये बताया जा रहा है की अभिषेक माहेश्वरी कुछ पुलिस अफसरों की विशेष कृपा से बस्तर के सुकमा में ड्यूटी से नदारत हो कर आधे टाइम छुट्टी पर रहता है।
इस बात की जांच होना चाहिए की अभिषेक माहेश्वरी ड्यूटी से कैसे और क्यों गायब था और उसकी ड्यूटी कोई अन्य अफ़सर क्यों और कैसे निभा रहा था? जिन्हें आज हुए आईईडी ब्लास्ट में शहादत देना पड़ा।
ये पुलिस में मौखिक आदेश क्या होता है? लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस मौखिक आदेश पर काम कर रही है? एक नक्सल प्रभावित राज्य में ये क्या कोई मज़ाक चल रहा है?
एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को दिनांक 10/03/24 को पुलिस मुख्यालय से कार्यमुक्त किया जाता है और वो 16/03/24 को सुकमा में जॉइनिंग देता है। एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को नक्सली विरोधी अभियान एवं पर्यवेक्षण संबधित तथा फोर्स मूवमेंट की मॉनिटरिंग संबंधी कार्य सौंपा गया था।
लेकिन ये आदमी मौखिक अनुमति पर रायपुर/बलौदाबाज़ार में अन्य कामों के नाम पर मौज मारते रहा। इस बात की जाँच होना चाहिए की एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी अपनी जॉइनिंग से आज के दिनांक तक कितने दिनों तक मौखिक आदेश और छुट्टी पर नक्सल प्रभावित सुकमा को छोड़ कर रायपुर में मौज करते रहा।
जांच होना चाहिए वो कौन पुलिस अधिकारी हैं जिनकी मेहरबानी और कृपादृष्टि इस पर बनी हुई है। नक्सल प्रभावित प्रदेश में चल रहे इस पूरे मज़ाक़ की शिकायत मैं देश के गृहमंत्री से आज ही करूँगा।
कन्हैया शुक्ला-
छत्तीसगढ़ का सबसे मज़बूत पुलिस वाला अभिषेक माहेश्वरी ही है! मतलब, इतने आरोप लगे फ़िर भी मस्त घूम रहा है। सुना है, राजधानी संभाल रहे एक बड़े आईपीएस अधिकारी का इसके ऊपर हाथ है, इसीलिए यह ट्रांसफर के बाद बहुत कम दिन ही बस्तर में ड्यूटी किया और हमेशा राजधानी में ही दिखाई देता है। और इतने आरोपों के बाद अभी तक कोई एक्शन नहीं होने का मतलब तो यही है या तो इसने किसी की गोटी पकड़ रखी है या फिर ये अपना सिस्टम सेट कर चुका है..!




Saket singh
June 14, 2025 at 3:01 pm
Police wala chor …..