लखनऊ: आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आज इंस्पेक्टर महानगर लखनऊ को शिकायत भेजकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जुड़े टोंटी चोरी सहित अन्य फेक न्यूज़ मामले में एफआईआर की मांग की है.
अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि कल अखिलेश यादव ने पूर्व आईएएस अफसर अवनीश अवस्थी तथा एक अन्य अधिकारी पर उन्हें फर्जी ढंग से टौंटी चोर बता कर बदनाम करने के आरोप लगाए.
इससे पूर्व दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने एक स्ट्रिंग ऑपरेशन के माध्यम से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद तथा लखनऊ में फैले हजारों करोड़ों रुपए के फेक न्यूज़ इंडस्ट्री का भंडाफोड़ किया था.
स्टिंग ऑपरेशन से सोनिया गांधी का स्विमसूट फोटो तथा रिलेशनशिप में होने, अमित शाह का फर्जी वीडियो, राहुल गांधी को पप्पू और शादीशुदा होने तथा अखिलेश यादव की टौंटी चोरी आदि जैसे तमाम फेक न्यूज़ प्रसारित किए जाने के तथ्य सामने आए थे.
इस स्टिंग ऑपरेशन में एवरमोर टेक, नमामि गंगे ट्रस्ट, कोडरैप, वी स्पार्क, प्रियस तथा टेक क्यूआरटी नामक कंपनियों का नाम सामने आया था. स्टिंग ऑपरेशन में प्रत्येक डीप फेक तथा फर्जी फोटो तथा वीडियो के लिए डेढ़ लाख से 3 लाख रुपए लिए जाने तथा प्रति माह के फेक न्यूज़ प्रचार के लिए लाखों रुपए लिए जाने जैसे तथ्य भी सामने आए थे.
फेक न्यूज़ का काम करने वाली कंपनियों ने इसके लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने तथा नाइजीरिया, आस्ट्रेलिया आदि विदेश आदि देशों से काम करने की बात स्वीकार की थी.
अमिताभ ठाकुर ने इन सभी तथ्यों को अत्यंत गंभीर बताते हुए इन्हें आईपीसी, आईटी एक्ट तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं में गंभीर अपराध बताते हुए एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है.
इस प्रकरण पर अवनीश अवस्थी को लेकर एक्स पर क्या कुछ चल रहा है? कुछ प्रतिक्रियाएं पढ़ें…
डॉ मुकेश कुमार-
अवनीश अवस्थी और उनके ओएसडी के बुरे दिन आने वाले हैं। अखिलेश यादव ने कह दिया है कि इनको बख़्शा नहीं जाएगा। यही दो अधिकारी थे जिन्होंने अखिलेश यादव को टोंटीचोर कहकर बदनाम किया था। इन्ही पर आरोप है कि अखिलेश यादव के बंगले को गंगाजल से धुलवाया था। ऐसे जातिवादी और टुच्चे अधिकारियों को सज़ा तो मिलना ही चाहिए।
राजा यादव-
फोटो में दिखने वाले व्यक्ति ही अवनीश अवस्थी है जो अखिलेश जी पर झूठा टोटीचोरी का आरोप लगाया था, ये अधिकारी योगी जी के चरणबंधन में इतने मग्न है कि इनको लगता है योगी जी मुख्यमंत्री नहीं राजा है, इनसे बस इतना कहना है कि अवनीश जी भारत लोकतांत्रिक देश है और यहां सत्ता किसी के बापकी बपौती
अशोक पाल-
मानस एकता फाउंडेशन का मानना है। कि किसी की छवि धूमिल करना एक जघन्य अपराध है। ‘हमारे घर को गंगा जल से धोया गया’
आईएएस अवनीश अवस्थी और उनके OSD कौशिक जो डस्टबिन जितना है ने टोंटी चोरी की झूठी खबर फैलायी थी। ये दोनों बात मैं कभी नहीं भूल सकता, सरकार चलाने वाले ये बात समझ लें।
नूनू-
अवनीश अवस्थी नाम नहीं, प्रतीक हैं उस सिस्टम का जहाँ IAS की कुर्सी ‘सेवक’ बन जाती है सत्ता की। कल जब FIR अवस्थी इतिहास बनेंगे, तो आने वाले अफ़सरों के लिए ये सबसे बड़ा सबक होगा—क़लम जनता की सेवा के लिए है, किसी सरकार का बूट पॉलिश करने के लिए नहीं।

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