लीजिए साहब व्यापमं से भी बड़ा घोटाला. बस थोड़ा इंतजार कीजिए इस सड़ांध में इतनी गंदगी मिलेगी की सांस लेना मुश्किल हो जाएगा. खबर पढ़िए व नीचे लिंक देखिए. प्रदेश अभी व्यापम और पीएससी घोटालों के झटकों से उबर भी नहीं पाया था कि उसकी प्रतिष्ठा को एक और झटका लगा है। सांची में खुल रहा नया बौद्ध विश्वविद्यालय औपचारिक शुरुआत के पहले ही गंभीर विवादों में उलझ गया है। विश्वविद्यालय के गैर अकादमिक पदों के लिए हुई नियुक्तियों के जो नतीजे सोमवार एक दिसंबर को घोषित किए गए हैं, उनमें गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में हुई इन भर्तियों के लिए विज्ञापन गत सितंबर महीने में जारी किए गए थे। 9 नवंबर को इसकी लिखित परीक्षा भोपाल में आयोजित की गई। 24 नवंबर को लिखित परीक्षा का परिणाम आया, 29 नवंबर को साक्षात्कार आयोजित किया गया जबकि एक दिसंबर की देर रात सांची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अंतिम परिणाम घोषित कर दिये गए।
क्या हुईं अनियमितताएं-
परीक्षा के विज्ञापन में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया कि इसके मूल्यांकन की पद्धति क्या होगी?
साक्षात्कार के बारे में यह जानकारी नहीं दी गई कि साक्षात्कार कितने अंकों का होगा?
संघ लोकसेवा आयोग के मानकों के मुताबिक किसी भी परीक्षा में साक्षात्कार के अंक लिखित परीक्षा के पांच फीसदी से ज्यादा नहीं होने चाहिए।
यहां दो सौ अंकों का लिखित व सौ अंक का साक्षात्कार बताया गया.
द्वितीय श्रेणी के पदों तथा निचले स्तर के पदों की भर्ती के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई जो कि अपने आप में संदेह को जन्म देता है।
वहीं अगर परीक्षा संयुक्त थी तो हर पद के लिए अलग-अलग साक्षात्कार क्यों आयोजित किए गए?
इसके अलावा लिखित परीक्षा से लेकर अंतिम परिणाम घोषित किए जाने तक किसी स्तर पर परीक्षार्थियों को यह नहीं बताया गया कि उनको किस परीक्षा में कितने अंक मिले हैं।
कुछ नाम बहुत संदेहास्पद हैं उनका खुलासा बाद मेंं किया जाएगा, जरा सबूत जुटा लिए जाएं.
http://epaper.starsamachar.com/387352/Star-Samachar-Bhopal/03.12.2014#page/1/2
Supriya Singh



