जयदास मानिकपुरी-
छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का ठगी की शिकार महिलाओं को धमकाना सत्ता के अहंकार और असंवेदनशीलता का शर्मनाक उदाहरण है। जिन महिलाओं ने न्याय की आस में मंत्री से गुहार लगाई, उन्हें सहानुभूति देने के बजाय धमकाया गया। यह बयान न केवल उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह दर्शाता है कि जनता के प्रतिनिधि खुद को जनता का सेवक नहीं, बल्कि शासक समझने लगे हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा का दायित्व सरकार का है, लेकिन जब सत्ता में बैठे लोग ही अपमानजनक भाषा का प्रयोग करें, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। मंत्री को अपनी भाषा और रवैये पर मंथन कर माफी मांगनी चाहिए, ताकि जनप्रतिनिधित्व की गरिमा और जनता का विश्वास बरकरार रह सके।
कन्हैया शुक्ला-
छत्तीसगढ़ के ये दो मंत्री महोदय हैं..जो पिछले विधानसभा चुनाव में इन्हीं महिलाओं के सामने कटोरा ले के वोट की भीख मांगते नज़र आते थे, अब ये मालिक हैं ..इनकी मुंह की टोन सुनिए –
रामविचार नेताम (कृषिमंत्री ) :- रोड जाम करोगे तो बर्बाद हो जाओगे ..!
लखनलाल देवांगन (उद्योगमंत्री ) :- ज्यादा हेकड़ी दिखाओगी, तो पुलिस को बुलाकर फेंकवा दूंगा..!
एक बात तो मैंने सुनी थी वो सच भी है कि नौकरों को जैसे सर चढ़ाओ वो मालिक बन जाते हैं ..ये नेता चुनाव के समय जनता की सेवक- नौकर बन जाते हैं पर जैसे ही जनता इनको चुन के जिता देती है वैसे ये मालिक बन जाते हैं ..ये वही नेता-मंत्रीगण हैं जिनकी BJP पार्टी “महतारी वंदन” और “लाडली बहना” जैसी योजना से जीत के कई राज्यों में सरकार बन चुके हैं ..!
इस वीडियो में कम बालों वाले शख्स कोरबा के कलेक्टर अजीत बसंत साहब हैं जिसके ऊपर ननकीराम कवंर (BJP) ने इसी फ़्लोरा मैक्स फ्रॉड मामले में PM तक शिकायत भेजी है ..!
वैसे मंत्री जी ने महिलाओं को ज्ञान दिया कि लोन तो बड़ों-बड़ों का माफ़ नहीं होता (केंद्र सरकार से लिस्ट निकलवा लें मंत्री महोदय जी और देखें कितने बड़े-बड़े लोगों का लोन माफ़ हुआ है)
कलेक्टर ने कहा कि- क्या कलेक्टर ने बोला था लोन के लिए? इनकी बात तो सही है पर ज़िले के सबसे बड़े अधिकारी की क्या जिम्मेदारी बनती है जनता के लिए..? अगर इतने बड़े पैमाने पर कोई फ्रॉड ज़िले में ग़रीब जनता के साथ हो रहा है तो ज़िला शासन-प्रशासन के माईं-बाप समझे जाने वाले कलेक्टर को क्या करना चाहिए था..? इसकी जानकारी शासन-प्रशासन को क्यों नहीं थी ..? शासन-प्रशासन का क्या दायित्त्व बनता है? पहले जब सब फ्राड हो जाये, फ्राड़िये भाग लें जनता लुट जाए और जनता जब सड़क पर आ जाये तो ये अपनी धौंस जमाएं या ये की समय रहते जनता को किसी बड़े स्कैम या फ्रॉड से बचाएं?
महिलाओं को बाहर फ़ेंकवाने की धमकी देने वाले उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की एक फ़ोटो भी वायरल है जिसमें बताया जा रहा है की मंत्री महोदय ठगी करने वाली कंपनी फ़्लोरोमैक्स का उद्घाटन कर रहे हैं!
ननकीराम ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री गृहमंत्री और तमाम एजेंसियों को पत्र लिखकर शिक़ायत भेजी है, FIR तक हुई है ..!
पूरा मामला क्या है?
आरोप है कि कोरबा जिले में फ्लोरामैक्स कंपनी ने 500 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है.. महिलाओं की मांग है कि उनके ऊपर जो कर्ज चढ़ा दिया गया है उसे सरकार माफ कराये..क्योंकि कंपनी में इंवेस्ट की गई रकम डूब गई, लेकिन कंपनी ने उनके नाम पर बैंक से लोन निकलवा कर इंवेस्ट करवा लिया..करोड़ों की ठगी करने वाले फ्लोरामैक्स के डायरेक्टरों के साथ टॉप-10 लीडर और कैशियर ने एक साल के भीतर जमकर कमाई की..कोरबा पुलिस को जांच में अब तक ऑन रिकार्ड 27 हजार महिलाओं के फ्लोरा मैक्स से जुड़े होने और रकम निवेश होने का पता चला है..!
इस मामले में शासन ने जांच-पड़ताल के लिए सात सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई है..!
पर निष्कर्ष ये है कि मंत्री जी बाहर फेंकवा देंगे ..!!
ठीक एक साल पहले ये जनता के सेवक और नौकर थे ..कटोरा ले के वोट की भीख मांग रहे थे.. आज मालिक हैं ..ग़रीब–मजबूर महिलाओं को बाहर फेंकवा देंगे ..!!
महतारी वंदन योजना और लाडली योजना के नाम पर वोट लेने वाले पार्टी ( बीजेपी ) के मंत्रियों की हनक तो देखिए ..!!



