एडवोकेट गोवर्धन सिंह-
राजस्थान में जयपुर के एक MLA श्री Gopal Sharma के साथ Dainik Bhaskar की ब्लैकमेलिंग शुरू… जिस दिन विधायकजी ने मीडिया में यह बोला कि-
“कांग्रेस शासन में हुई Goverdhan Singh जी की गिरफ़्तारी इमरजेंसी (आपातकाल) की याद दिलाती है और गोवर्धन सिंह जी जैसे जाँबाज़ मिलते ही कहाँ है…”
उसके बाद से लगातार रोज़ाना MLA श्री गोपाल शर्मा के ख़िलाफ़ ख़बर छाप रहा है, Dainik Bhaskar… लेकिन गोपालजी उनसे ब्लैकमेल नहीं हो पा रहे हैं…
सत्य यह है कि स्टिंग वीडियो वाले 52 विधायकों को छोड़कर इस अख़बार से कोई ब्लैकमेल नहीं हो रहा है… यह अख़बार गली वाला वह गुंडा है जो गीदड़ भभकी देता है, जो डर जाए उसको ब्लैकमेल कर लेता है, जो नहीं डरे उसके पैर पकड़ लेता है…
52 विधायकों को भी इस अखबार की ब्लैकमेलिंग से बाहर निकालना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है, क्योंकि कानून के मुताबिक उनको दण्ड मिलना चाहिए, भास्कर के POCSO आरोपियों से नहीं…
CM Bhajanlal Sharma से निवेदन है कि अखबार मालिक सुधीर अग्रवाल और संपादक एल पी पंत को POCSO के मुकदमों में जल्द गिरफ्तार किया जाए… अन्यथा 52 विधायक अखबार मालिक को ही राजस्थान का मुख्यमंत्री घोषित कर देंगे…
स्टिंग के दम पर नेताओं और अफसरों को ब्लैकमेल करने वाले Dainik Bhaskar अखबार के मालिक की POCSO अपराध से संबंधित समस्त फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय में PM के प्रमुख सचिव श्री पी के मिश्र तक पहुँची है… वहाँ से विधिसम्मत कार्यवाही किए जाने का आश्वासन मिला है… विशेष बात यह है कि उनको 55 MLA के स्टिंग की सही जानकारी थी ही नहीं…
Rajasthan Police, Government of Rajasthan, कुछ अफ़सर और कुछ न्यायिक अधिकारियों की भूमिका के सटीक प्रमाण भी हमारे द्वारा दिए गए…
Office of the Prime Minister (PMO India) के अलावा अख़बार के कारनामों की सम्पूर्ण फाइल Om Birla, Gajendra Singh Shekhawat, Amit Shah और Ashwini Vaishnaw को भी पहुँचाई गई है…
लगभग सभी का यह मानना था कि Bharatiya Janata Party (BJP) की जमकर ख़िलाफ़त करने वाले अख़बार के कुकर्मों को छुपाने का काम चल रहा था…
सबसे अंत में उन नेताओं और अफ़सरों सहित कुछ जजों को धन्यवाद देना चाहूँगा जिन्होंने दिल्ली का मेरा मार्ग प्रशस्त किया…


