नोएडा (गौतमबुद्धनगर)। उत्तर प्रदेश के सबसे हाई-प्रोफाइल जिले गौतमबुद्धनगर में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नोएडा–ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में शराब की दुकानों पर खुलेआम लूट, मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव को शासन ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 17 जनवरी 2026 को की गई।
शासन के अनुसार, जिले में लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि शराब दुकानों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से कहीं अधिक कीमत वसूली जा रही है, लेकिन आबकारी विभाग आंख मूंदे बैठा है। सेक्टर-62, सेक्टर-71, सेक्टर-34, बिसरख सहित कई इलाकों से उपभोक्ताओं ने बार-बार शिकायत की कि शराब तय दाम से महंगी बेची जा रही है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
जांच में सामने आया कि जिला आबकारी अधिकारी ने इन गंभीर शिकायतों पर न तो प्रभावी नियंत्रण किया और न ही दुकानदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। इसी लापरवाही को आधार बनाकर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया।
हालांकि, सवाल यह है कि क्या सिर्फ एक अधिकारी की निलंबन कार्रवाई से गौतमबुद्धनगर में फैले आबकारी भ्रष्टाचार पर लगाम लग पाएगी?
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि जिले में हालात बेहद खराब हैं—
- शराब दुकानों पर खुलेआम ओवरचार्जिंग
- सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शराबखोरी
- बिना लाइसेंस होटलों और ढाबों को शराब की सप्लाई
- नीचे से ऊपर तक पूरा आबकारी तंत्र भ्रष्टाचार में डूबा हुआ
आरोप यह भी हैं कि आबकारी विभाग की मिलीभगत के बिना यह सब संभव ही नहीं है। दुकानदार बेखौफ होकर लूट मचाए हुए हैं और विभागीय अफसरों की चुप्पी इस पूरे खेल को संरक्षण दे रही है।
शासन का दावा है कि यह कार्रवाई शराब व्यापार में पारदर्शिता और अनुशासन कायम रखने के लिए की गई है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि नोएडा–ग्रेटर नोएडा में आबकारी विभाग लंबे समय से भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है।
गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग का हाल यह कोई नया नहीं बल्कि पिछले तीन साल से एक ही कहानी चल रही है- नोएडा आबकारी विभाग के घपलों/घोटालों की टाइमलाइन देखें-
17 अक्टूबर 2023 को Deccan Herald की खबर – Noida pub sells cheap liquor in expensive bottles, 2 held; license to be suspended
- नोएडा के एक पब में सस्ती शराब महंगी बोतलों में बेचने का खुलासा।
- दो लोग गिरफ्तार, पब का लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया में।
17 जनवरी 2025 को Deccan Herald की खबर – Noida: 5 arrested for serving liquor without license at Christmas party
- क्रिसमस पार्टी में बिना लाइसेंस शराब परोसने का मामला।
- पांच लोगों की गिरफ्तारी, आबकारी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि।
17 जनवरी 2026 को The Times of India लिखता है- Noida excise chief placed under suspension over recurrent complaints of overcharging
- गौतमबुद्धनगर के जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार निलंबित।
- शराब दुकानों पर लगातार ओवरचार्जिंग की शिकायतों के बाद कार्रवाई।
Navbharat Times की खबर – नोएडा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित, ओवररेटिंग मामले में शासन का ताबड़तोड़ एक्शन
- हिंदी मीडिया में भी उसी दिन निलंबन की पुष्टि।
Rashtriya Jan Morcha ने लिखा- गौतमबुद्ध नगर जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार निलंबित
- स्थानीय/क्षेत्रीय पोर्टल पर निलंबन की खबर।
पैटर्न क्या बनता है?
2023 से 2026 तक नोएडा–ग्रेटर नोएडा में ओवरचार्जिंग, मिलावटी शराब, बिना लाइसेंस शराब परोसना, पब–होटलों की मनमानी लगातार सामने आती रही। इसके बावजूद आबकारी तंत्र लंबे समय तक ढीला बना रहा, और आखिरकार जनवरी 2026 में जाकर जिला आबकारी अधिकारी पर गाज गिरी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला आबकारी अधिकारी का निलंबन महज़ एक प्रतीकात्मक कार्रवाई साबित होता है या वास्तव में जिले में चल रही आबकारी लूट पर कोई ठोस लगाम लगती है। फिलहाल जनता यही सवाल पूछ रही है—क्या पूरे सिस्टम की सफाई होगी या फिर एक मोहरा गिराकर खेल चलता रहेगा?



