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वरिष्ठ पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ के समर्थन में सोशल मीडिया पर उमड़ा हुजूम, Knocking News को बहाल करने की मांग

वरिष्ठ पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ का चैनल KnockingNews पहले हैक हुआ और फिर यूट्यूब ने बहाल करने के बजाय बंद कर दिया। यह तब है जब उनके यूट्यूब चैनल पर सब्सक्राइबर और दर्शकों का अंबार था। इसे लेकर गिरिजेश जी के समर्थन में सोशल मीडिया पर जाने माने च्हरों का हजूम लग गया है। रवीश कुमार, शीतल पी सिंह, अजीत अंजुम, उर्मिलेश, राकेश कायस्थ, अविनाश दास और राकेश पाठक जैसे धुरंधर पत्रकारों ने यूट्यूब की पॉलिसी के खिलाफ आवाज उठाकर KnockingNews को बहाल किये जाने की मांग की है।

नीचे एक एक कर सभी का लिखा पढ़ें…


रवीश कुमार-

इस बात को ध्यान से सुनिए। कब किसका चैनल ग़ायब हो जाएगा पता नहीं। केवल गोदी मीडिया बचा रह जाएगा। ऐसा भी हुआ है कि चैनल हैक हुआ है और यू ट्यूब ने बहाल कर दिया है लेकिन वशिष्ठ जी के साथ जो कुछ हुआ अलग ही लेवल का हुआ है। हम जानते हैं कि यह दोहरी स्वामित्व की व्यवस्था है। मूल मालिक तो यू ट्यूब ही है। कब दरवाज़ा बंद हो जाए इसके लिए मानसिक रुप से तैयार रहना पड़ता है।

सबसे बड़ी बात है कि जो भी हुआ है उसे लेकर वशिष्ठ जी के पास क्या कानूनी अधिकार है, पता नहीं चलता। यू ट्यूब को भी विश्वसनीय तरीके से बताना चाहिए। इस तरह से वीडियो उड़ा कर दूसरे वीडियो कैसे डाल सकता है? वशिष्ठ जी ने नया चैनल बना लिया है। आप सभी से अपील है कि बड़ी संख्या में सब्सक्राइब कीजिए।


अजीत अंजुम-

तमाम सामाजिक, राजनीति और आर्थिक विषयों पर धारदार और समझदार टिप्पणियां करने वाले गिरिजेश वशिष्ठ के चैनल KnockingNews को YouTubeIndia की तरफ से बंद कर दिया गया है. उनकी अपीलों के बाद भी उनका चैनल बहाल नहीं किया जा रहा है. पहले उनका चैनल किसी ने हैक किया. फिर उस पर आपत्तिजनक कॉन्टेंट पोस्ट किया और जब गिरिजेश जी ने यूट्यूब से शिकायत की तो चैनल को हैकर के कब्जे से छुड़ाने की बजाय ब्लॉक कर दिया गया.

सालों की मेहनत से बना करीब दो मिलियन सब्सक्राइबर वाला ब्लॉक करना सरासर गलत है. हर हाल में इसे रिस्टोर किया जाना चाहिए.


शीतल पी सिंह-

गिरिजेश वशिष्ठ के मशहूर यूट्यूब चैनल knockingnews को कल अचानक हैक कर लिया गया। यूट्यूब से शिकायत करने गए तो चैनल ब्लाक हो गया। परेशान गिरिजेश ने एक बड़ी हताश करती हुई पोस्ट डाली। हमने उनकी हिम्मत अफजाई करते हुए उनसे मैदान न छोड़ने की गुजारिश की है।


राकेश कायस्थ-

गिरिजेश वशिष्ठ पत्रकारिता के दिनों के पुराने साथी हैं। मुख्य धारा की पत्रकारिता से अलग होने के बाद काफी समय से यू ट्यूब चैनल चला रहे थे और खासे सफल भी थे। गिरिजेश हमेशा नेपथ्य में काम करने वालों में रहे।

कहने का मतलब ये कि लोग उन्हें इस तरह से नहीं जानते कि नाम और चेहरे पर पर चैनल चल जाये। इसके बावजूद उनका चैनल Knocking news बेहद लोकप्रिय था। लाखों की संख्या में सब्सक्राइबर थे। लेकिन अचानक उनका यू ट्यूब चैनल पहले हैक हुआ और फिर हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।

गिरिजेश जी चैनल बंद होने के पीछे की जो कहानी बता रहे हैं, वो स्तब्ध करने वाली है। इससे समझ में आता है कि यू ट्यूब के सहारे जो लोग वैकल्पिक मीडिया या आजीविका की संभावनाएं देख रहे हैं, उनके लिए आनेवाले दिन मुश्किल हो सकते हैं। पूरी कहानी आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं।


अविनाश दास-

पिछले बीस सालों से गिरिजेश वशिष्ठ जी की पत्रकारीय दृष्टि पर मेरी निगाह है और वह मुझे हमेशा भीड़ से अलग दिखते रहे हैं। दुनिया भर की अर्थशास्त्रीय नीतियों पर उनकी टिप्पणियों का मुझे इंतज़ार रहता है। पिछले कुछ सालों से उनको सुनने की आदत हो गयी थी।

यूट्यूब पर समानांतर पत्रकारिता करने वाले हमारे दोस्त भी जब अलगोरिदम के चक्कर में पॉपुलर विषयों पर अपना सर फोड़ते नज़र आते हैं, गिरिजेश वशिष्ठ असल मुद्दों से दायें-बायें नहीं होते। दिन भर पढ़ते हैं, डाटा कलेक्ट करते हैं और शाम को उस पर अपनी सहज-सरल टिप्पणी रिकॉर्ड करते हैं। उन टिप्पणियों को सुबह की सैर के वक़्त मैं सुनता रहा हूं। लेकिन अब उनका चैनल यूट्यूब ने बंद कर दिया है।

पिछले कुछ दिनों से वह ट्रंप की आर्थिक नीतियों का कच्चा चिट्ठा खोलते रहे हैं और इलोन मस्क भी उनकी टिप्पणियों के कठघरे में आते रहे हैं। उनका निष्कर्ष ये रहा है कि ट्रंप की टैरिफ़ तानाशाही के चलते अमेरिका की शक्ति दुनिया भर में आधी रह गयी है।

बहरहाल, मुझे ताज्जुब है कि हिंदी के इस पत्रकार पर यूट्यूब की कार्रवाई के ख़िलाफ़ हिंदी के अधिकांश पत्रकार ख़ामोश हैं। जबकि अगली बारी उनकी भी हो सकती है। इस प्रसंग पर मुझे निदा फाजली जी की कुछ पंक्तियां याद आती हैं-

इतना सच बोल कि होंठों का तबस्सुम न बुझे
रौशनी ख़त्म न कर आगे अंधेरा होगा

उस के दुश्मन हैं बहुत आदमी अच्छा होगा
वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा


डॉ राकेश पाठक-

एक और यूट्यूब चैनल का गला घोंटा। जनता की आवाज़ बन गए यूट्यूब चैनल अब सत्ता की आंख की किरकिरी बन रहे हैं। किसी न किसी बहाने से ऐसे चैनलों पर अंकुश लगाया जा रहा है। कुछ दिन पहले यूपी के दो मिलियन से ज्यादा सब्स्क्राइबर वाले यूट्यूब चैनल को बंद कर दिया गया।

अब हमारे साथी पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ Girijesh Vashistha के चैनल knocking news को यूट्यूब ने ब्लॉक कर दिया है। गिरिजेश अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं और उनके चैनल पर 1.7 मिलियन सब्स्क्राइबर थे। यूट्यूब ने चैनल को बंद करने का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया है। बार बार संपर्क करने के बाद एक ही राग अलापा जा रहा है कि चैनल पर कुछ खतरनाक कमेंट पोस्ट किया गया था।

गिरिजेश ने हार नहीं मानी है। अब उन्होंने अपने नाम वाले चैनल पर बोलना शुरू कर दिया है। इस चैनल पर गिरिजेश ने knocking news के बंद होने की कहानी भी सुनाई है। गिरिजेश और हमने तीन दशक पहले ग्वालियर में एक अख़बार में साथ काम किया था। आइए गिरिजेश का साथ दीजिए।


उर्मिलेश-

वरिष्ठ पत्रकार Girijesh Vashistha का यूट्यूब चैनल KnockingNews को यूट्यूब ने जिस तरह ब्लॉक किया है; वह बेहद अफसोसनाक और निंदनीय है. गिरिजेश की पोस्ट से पता चला कि चैनल को पहले हैक किया गया था. उन्होंने इसकी सूचना यूट्यूब को तत्काल ही दे दी. चैनल पर टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन सक्रिय था, इसके बावजूद अज्ञात साइबर हमलावरों ने चैनल को हैक किया!

चैनल को हैकरों से मुक्त कराने और यूट्यूबर की मदद करने की बजाय YouTube ने चैनल को ही ब्लॉक कर दिया। गिरिजेश की कोई अपील नहीं सुनी गई. उन्हें कहा गया कि चैनल के कंटेंट की कथित समीक्षा के बाद उसे बहाल नहीं किया जा सकता. पता चला है कि अज्ञात हैकरों ने चैनल पर कुछ आपत्तिजनक कंटेंट डालकर चैनल बंद कराने का कुचक्र रचा.

KnockingNews एक प्रोफेशनल पत्रकार का यूट्यूब चैनल रहा है. जिस प्रोफेशनल अंदाज और विषय के गहन शोध-अध्ययन के बाद वशिष्ठ एपिसोड पेश करते रहे हैं; वह काबिले-तारीफ है. पर यूट्यूब प्रबंधन ने एक प्रोफेशनल पत्रकार के चैनल को ब्लॉक करके गैर-प्रोफेशनल, गैर-जरूरी और दुर्भाग्यपूर्ण फैसला किया है. उसे तत्काल अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और चैनल को संचालित करने का वशिष्ठ का अधिकार वापस करना चाहिए.

अपने यहां यूट्यूब चैनलों की संख्या अनगिनत है. अनेक यूट्यूबर ऐसे हैं जो प्रोफेशनल पत्रकार भी नहीं हैं और इनमें कुछ ऐसे भी हैं; जो दर्शक हासिल करने के लिए भी कुछ भी उल्टा-पुल्टा बोलते रहते हैं. अचरज की बात है कि यूट्यूब ने एक प्रोफेशनल पत्रकार के चैनल को ‘कंटेंट सम्बन्धी आपत्ति’ जिसमें यूट्यूबर की कोई भूमिका नहीं; का हवाला देकर ब्लॉक किया!

यह तो एक ‘विक्टिम’ को ही ‘दोषी’ ठहराने वाली बात हो गई! मैं समझता हूं; यह पूरी तरह अनुचित और गैर-प्रोफेशनल कदम है. यूट्यूब को तत्काल अपने फैसले की समीक्षा कर श्री वशिष्ठ को चैनल के संचालन का अधिकार वापस करना चाहिए.

यहां देखें गिरिजेश वशिष्ठ ने यूट्यूब द्वारा चैनल ब्लॉक किए जाने की जो पूरी कहानी बताई….

मूल खबर….

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