कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे, दीनू और उनके करीबियों से नजदीकी रखने वाले तथा अनुशासनहीन पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इस कड़ी में 45 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में 16 वे लोग शामिल हैं, जिनके बारे में जांच में पाया गया कि वे अखिलेश और दीनू के करीबी हैं।
इस कार्रवाई में एक इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार इंस्पेक्टर का नाम समाजीत्र मिश्र बताया गया है। उन पर आरोप है कि वे अखिलेश-दीनू से करीबी रखते थे और उनसे मिलीभगत कर अनुशासनहीनता में शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक, 80 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच जारी है। इनमें इंस्पेक्टर, दारोगा, हेड कांस्टेबल और सिपाही शामिल हैं।
कितने पदों पर कितनी कार्रवाई?
- इंस्पेक्टर – 05
- दारोगा – 13
- हेड कांस्टेबल – 06
- सिपाही – 17
- फॉलोवर – 04
कमिश्नरेट पुलिस ने साफ किया है कि अनुशासनहीनता और आपराधिक प्रवृत्तियों से जुड़े पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कानपुर के अखिलेश दुबे मामले में जांच के लिए बनी SIT ने इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा को गिरफ़्तार किया… कल पूरे दिन चली पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर को रात में गिरफ्तार किया गया
गिरफ्तार होते ही इंस्पेक्टर साहब ज़ोर ज़ोर से चिल्ला कर रोने लगे कि बड़े अधिकारियों को पकड़िए जिनके आदेश का अनुपालन किया था…
वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने दैनिक भास्कर की खबर शेयर करते हुए लिखा है-
अरे राम! राम!! दैनिक भास्कर ने ये क्या छाप दिया है!! अखिलेश दुबे का सहयोगी इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा गिरफ़्तार होते ही रोने लगा!! “बोला दम है तो IPS को पकड़ो”

आख़िर कौन है ये IPS? 25 साल पुराने एक बेदम से मामले में जबरिया रिटायर्ड IPS अमिताभ ठाकुर का पता लगा लेने वाली यूपी पुलिस आखिर इस IPS का पता क्यों नहीं लगा पा रही है? कोई ईश्वरीय आदेश है क्या?
इतनी जानकारी तो अब तक देवकीनंदन खत्री के महान उपन्यास चंद्रकांता के ऐयारों यानी जासूसों ने पता कर ली होती!! यूपी पुलिस अगर चाहे तो चंद्रकांता उपन्यास में विजयगढ़ साम्राज्य के महामंत्री क्रूर सिंह के दोनों ऐय्यारों नाज़िम और अहमद को इसकी ज़िम्मेदारी सौंप सकती है!!
वे पलक झपकते ही उस IPS का नाम लेकर नौगढ़ के राजकुमार वीरेंद्र सिंह के दरबार में हाजिर हो जाएंगे!!! अखिलेश दुबे के पीड़ितों को चाहिए कि वे चंद्रकांता उपन्यास की प्रतियां ख़रीद कर यूपी पुलिस को उपहार में दे दें!!!
इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी पर पत्रकार सचिन गुप्ता ने लिखा है-
यूपी– कानपुर के माफिया अखिलेश दुबे का करीबी इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा गिरफ्तार। मोइनुद्दीन आसिफ शाह की 300 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अखिलेश दुबे ने कब्जा ली। इंस्पेक्टर सभाजीत का इसमें मुख्य रोल था। अखिलेश दुबे जेल में है। उसके सहयोगी कई पुलिसकर्मी सस्पेंड हो चुके हैं।
संबंधित खबर…
पेशी पर आए झल्लाए अखिलेश दुबे ने मीडिया को धमकाया, 10 लाख रंगदारी मांगने की नई शिकायत, दुबे के खिलाफ पीड़ितों ने एकजुट होकर मोर्चा खोला!


