
आसमोहम्मद कैफ-
इल्मा अफ़रोज़ मेरी दोस्त है! यह बताते हुए मुझे गर्व होता है! अच्छा लगता है! 2017-18 में जब इल्मा ने जबरदस्त कामयाबी हासिल कर अपने नाम का डंका बजा दिया था तो मैं ‘इल्मा’ का इंटरव्यू करने उनके घर गया था! इल्मा का घर कुंदरकी के बीचोबीच बाजार में है!
इल्मा उस समय उसी स्कूल में बतौर चीफ़ गेस्ट आमंत्रित की गई थी, जिसमें कभी उसने पढ़ाई की थी! कुंदरकी का वह 1 नम्बर स्कूल है!
वह जब तक वापस आई तो थोड़ी सी शाम हो चुकी थी! इल्मा के बड़े से घर में कोई किचन नहीं था! उनकी अम्मी जमीन पर बैठकर खाना बनाती थीं। उसके घर के अंदर जब मुझे सामान बेतरतीबी से रखा हुआ दिखाई दिया तो इल्मा समझ गई और वो मुझे कमरे के भीतर ले गई!
पूरा कमरा अस्त व्यस्त था। कमरे में तख्त था, बढ़िया सा बेड नहीं था! अलमारी नहीं थी, जिन कुर्सियों पर मैं बैठा था, वो टूट चुकी थी! हालांकि इल्मा का घर बहुत बड़ा था, इसका कारण यह है कि वो पुश्तैनी था!
इल्मा अफ़रोज़ एक जबरदस्त लड़की है! वो गांव से यहां के सबसे शानदार स्कूल में पढ़ने वाली पहली लड़की थी! इल्मा के पापा उसे लड़कों जैसे कपड़े पहनने से नहीं रोकते थे, वो उसे प्रेरित करते थे। इल्मा बचपन से ही तड़ातड़ इंग्लिश बोलती थी। कुंदरकी के पड़ोसियों के लिए यह बात कौतुहल पैदा करती थी।
एक दिन इल्मा के पिता की असमय मौत हो गई! उस दिन के बाद इल्मा की जिंदगी बदल गई! पैसे की तंगी ने परिवार को घेर लिया! उसकी स्कूल फीस जानी बंद हो गई! नातेदारों और परिवार वालों ने भी हाथ खींच लिया! खेती की ज़मीन हड़प ली जाए, इस षड्यंत्र के तहत फसल अनदेखी से बर्बाद होने लगी! इस लड़की ने खुद अपनी मां के साथ खेती की, ट्रेक्टर चलाया और गेंहू काटे!
खेती कर परिवार को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया तो ईश्वर की एक मदद आ गई! इल्मा की विलक्षणता को देखते हुए उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉलेज सेंट स्टीफेंस में दाखिला मिल गया, अब यहां से उनकी मां का किरदार बहुत अहम हो गया! इल्मा ने सेंट स्टीफेंस से पढ़ाई की, तो उसकी अदुभुत प्रतिभा को पहचान कर सेंट स्टीफेन दिल्ली से उन्हें ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ने के लिए बुलावा आ गया। इसके बाद इल्मा पेरिस गई। पढ़ लिख कर लाखों की तनख्वाह छोड़कर कुछ सालों बाद इल्मा वापस आई तो यूपीएससी का एग्जाम दिया और आईपीएस बन गई!
ऐसी काबिल लड़की इल्मा अफरोज को हिमाचल प्रदेश की सरकार ने इसलिए लंबी छुट्टी पर भेज दिया है क्योंकि उसने बतौर एसपी एक कांग्रेस विधायक की गाड़ी का चालान काट दिया, है ना हैरत की बात! हिमाचल प्रदेश कैडर की यह आईपीएस अब अपना सामान बांधकर घर वापस आ गई है! यह अशुभ कारनामा हिमाचल प्रदेश के ‘यशस्वी’ मुख्यमंत्री सुखविंदर शर्मा जी ने लिया है।
अब क्या कुछ कहने के लिए बचा है! ऐसा लगता है कि सुक्खू जी के कायार्लय की छत पर कोई उल्लू बैठ गया है! बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि अगर उल्लू किसी हरे भरे पेड़ पर भी बैठ जाए तो उसे भी उजाड़ देता है! सुक्खू जी को तलाशना चाहिए कि उल्लु कहाँ है और कौन है! वरना तो हरियाली छंटने में देर नहीं लगेगी!
संदेश राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी के लिए है।

तस्वीर इल्मा अफ़रोज़ के घर की है, उस दिन इनके घर में इन्वर्टर नहीं था इसलिए अंधेरा हो गया था, मगर इस लडक़ी ने बहुतों के घर रोशनी से भर दिए!
शाबाश इल्मा! अच्छा काम किया।
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