वरिष्ठ पत्रकार और 4पीएम के संपादक संजय शर्मा द्वारा प्रोड्यूस की गई शॉर्ट फ़िल्म “इश्तियाक” के मीडिया पार्टनर के रूप में “भड़ास4मीडिया” जुड़ गया है। संवेदनशील विषयवस्तु और सशक्त प्रस्तुति वाली यह फ़िल्म मानवीय भावनाओं, संघर्ष और सामाजिक यथार्थ को गहराई से सामने लाने का प्रयास करती है। पत्रकारिता और सिनेमा—दोनों माध्यमों में सार्थक हस्तक्षेप के लिए पहचाने जाने वाले संजय शर्मा की यह फ़िल्म कंटेंट के स्तर पर गंभीर सवाल उठाती है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।
संजय शर्मा-
थोड़ा डर सा मन में जरूर था. आख़िर बालीवुड की दुनिया में यह पहला कदम था. समझ नहीं आ रहा था कि यह प्रयोग सफल होगा या नहीं.
फिर सोचा. जब बेटी इतनी लकी है. तो इस नई शुरुआत को उसी के जन्मदिन से क्यों न जोड़ दिया जाए. उसी दिन हमने अपने नए यूट्यूब चैनल 4PM Films पर पहली शार्ट फ़िल्म इश्तियाक़ रिलीज़ की.
सिर्फ़ पाँच दिनों में ही हज़ारों लोगों ने इसे देखा. सैकड़ों कमेंट आए. हर कमेंट में आपका प्यार. आपका भरोसा. और हमारी मेहनत की सच्ची कद्र झलकती नज़र आई.
यह सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं थी. यह हमारे सपने की पहली दस्तक थी. और आपने उसे खुले दिल से स्वीकार किया.
अब वादा है. इस चैनल पर हर महीने आपको एक नई कहानी. एक नई शार्ट फ़िल्म. और एक नया एहसास देखने को मिलेगा.
अगर आपने अब तक इश्तियाक़ नहीं देखी है. तो आज ही देखिए. और बताईये कैसी लगी…

मेरी बेटी के जन्मदिन के साथ-साथ. कल से मेरी ज़िंदगी का एक और बड़ा सपना सच होने जा रहा है. एक सपना. जो बहुत समय से दिल में था. एक कोशिश. जो सिर्फ़ मनोरंजन नहीं. संवेदना और सवाल लेकर आ रही है.
हमने 4 PM Films के नाम से एक नया चैनल शुरू किया था. इस इरादे के साथ कि यहाँ ऐसी कहानियाँ कहेंगे. जो शोर नहीं करेंगी. बल्कि चुपचाप दिल तक पहुँचेंगी.
मुझे आपको यह बताते हुए बेहद हर्ष और गर्व हो रहा है कि. कल सुबह ठीक 9 बजे. 4 PM Films पर हमारी पहली शॉर्ट फ़िल्म इश्तियाक़ रिलीज़ हो रही है.
एक बहुत नाज़ुक सवाल के साथ. मर्द क्यों रोता है. यह फ़िल्म चीख़ेगी नहीं. यह आरोप नहीं लगाएगी. यह बस धीरे-से आपके दिल को छुएगी. और शायद आपको अपने भीतर झाँकने पर मजबूर कर देगी.
चैनल का लिंक नीचे है. आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है. जिस तरह हर बार आपने मेरा साथ दिया है. इस बार भी अपना प्यार दीजिए. चैनल को सब्सक्राइब कीजिए. और इस छोटे-से लेकिन सच्चे प्रयास का हिस्सा बनिए.
सुबह 10 बजे. मैं आपकी राय का इंतज़ार करूँगा. ईमानदारी से. दिल से. ज़रूर बताइएगा कि मेरा यह सपना. यह कोशिश आपको कैसी लगी. आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है.



