
मुंबई के विले पार्ले स्थित जैन मंदिर में सरकारी बुलडोजर चल गया। इस बुलडोजरबाजी के बीच कवयित्री अनामिका जैन अंबर के दो ट्वीट वायरल हो रहे हैं। इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं और आखिर में एक वीडियो भी देखिए….
शीतल पी सिंह-
सबका नंबर आयेगा। जैन समुदाय के असंख्य अकाउंट संघी घराने के मुस्लिम समुदाय पर छेड़े गये घृणा अभियान में कूद-कूद कर शामिल होते मिलते हैं। अनामिका जैन अंबर एक ऐसा ही अकाउंट है।
अब जब BMC ने मुंबई में जैन समाज की इमारत पर हाथ लगा दिया तो उन्हें न्याय अन्याय, क़ानून का राज, तानाशाही आदि शब्द एकाएक समझ में आ गए।
ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश में भी हुआ! दरअसल सत्ता की पिपासा का कोई अंत नहीं होता और देर सबेर कोई भी उसकी चपेट में आ सकता है। मनुष्यता ने इसी सब पर नियंत्रण के लिये संविधान बनायें और क़ानून का राज स्थापित करने का काम किया।
नासमझी से उपजी नफ़रत के कारण यदि संविधान और क़ानून के मामले में पड़ोसी के फँसने पर चुप लगा लोगे या दूसरी तरफ़ हो जाओगे तो यह न सोचो कि कल तुम न फँसोगे!
सौरभ-
ये सरकारी कवि अंबिका जैन अंबर हैं ये अक्सर तब एक्टिव होती हैं जब जनता की तरफ से नेहा राठौर सरकार से सवाल पूछती हैं। तब इन्हें काबा की जगह बाबा-बाबा करते हुए दिखाया जाता है।
अब आप इनके दो ट्वीट देखिए…एक में ये बुल्डोजर पर खुशी जता रही हैं और दूसरे ट्वीट में जब खुद पर आई तो इन्हें न्याय, इंसाफ सब याद आ रहा है।
ऐसा लगता है कि राहत इंदौरी साहब इन जैसे लोगों के लिए ही लिख कर गए हैं…लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है…
प्रदीप प्रकाश-
विले पार्ले, मुंबई में स्थित एक जैन मंदिर को आज बर्बरतापूर्वक ढहा दिया गया। यह केवल एक मंदिर नहीं था, बल्कि देश के अल्पसंख्यक श्रद्धालुओं की आस्था और आत्मिक साधना का केन्द्र था।
मुंबई में हजारों अवैध निर्माण और सैकड़ों अवैध धार्मिक स्थल वर्षों से धड़ल्ले से चल रहे हैं — लेकिन प्रशासन की नजर सिर्फ जैन मंदिर पर ही क्यों गई? क्या संवेदनशीलता और धार्मिक सहिष्णुता सिर्फ किताबों तक सीमित रह गई है? जिनवाणी जैसे पवित्र ग्रंथों को सड़क पर.
देखें वीडियो….



