
दुमका। झारखंड के दुमका जिले में पत्रकारों के साथ मारपीट और बदसलूकी के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद एसपी पितांबर सिंह खेरवार ने हंसडीहा थाना प्रभारी ताराचंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद हंसडीहा थाना की कमान जिम्मी हांसदा को सौंप दी गई है, जिन्हें नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
यह कार्रवाई पत्रकारों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार और मारपीट के गंभीर आरोपों के बाद की गई है। मामला दुमका जिले के पत्रकार मृत्युंजय पांडेय और नितेश कुमार से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि हंसडीहा थाना प्रभारी ताराचंद्र यादव और उनके निजी चालक ने थाने में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और बेरहमी से मारपीट की।
घटना के सामने आने के बाद जिले में आक्रोश फैल गया और विभिन्न पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी कड़ी में पाकुड़ प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों ने मंगलवार को एक बैठक आयोजित कर निंदा प्रस्ताव पारित किया और काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने इस मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन भेजा, जिसमें थाना प्रभारी और उनके निजी चालक के खिलाफ विधि-सम्मत और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। जायसवाल ने कहा कि पत्रकारों के साथ मारपीट देश के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक में मौजूद पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि यदि पत्रकारों को थानों में भी सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो निष्पक्ष पत्रकारिता करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर राम प्रसाद सिंह, कार्तिक कुमार, सोहन कुमार, जयदेव कुमार, राजेश पांडेय, अख्तर अंसारी, कुंदन गोस्वामी, तारक भगत, पंकज भगत, राघव मिश्रा, मोहम्मद तौफीक सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकार संगठनों ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को सही दिशा में कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।



