कानपुर। शहर के एक निजी अस्पताल संचालक ने तीन स्थानीय पत्रकारों पर खबर रोकने और नकारात्मक कवरेज का डर दिखाकर पैसों की वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत दी है और एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उसने पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया है।
शिकायतकर्ता सौरभ वर्मा के अनुसार, वह वर्तमान में कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल का संचालन कर रहा है। आरोप है कि कुछ पत्रकार लगातार अस्पताल के खिलाफ खबर चलाने की धमकी देकर उससे पैसों की मांग कर रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि पहले भी अलग-अलग मौकों पर कथित तौर पर हजारों रुपये वसूले गए और अब अस्पताल के विस्तार या नई शुरुआत के समय दोबारा दबाव बनाया जा रहा है।
अस्पताल संचालक का आरोप है कि पैसे न देने की स्थिति में अस्पताल की छवि खराब करने, खबरें चलाने और प्रशासनिक कार्रवाई करवाने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का कहना है कि इस लगातार दबाव और मानसिक प्रताड़ना से वह बेहद परेशान हो चुका है, इसी कारण उसने पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायत में तीन पत्रकारों के नाम दर्ज कराए गए हैं। पीड़ित ने यह भी दावा किया है कि पैसे देने के बाद कथित तौर पर खबरें हटाई जाती थीं या नहीं चलाई जाती थीं। जारी किए गए वीडियो में भी उसने खुद को पीड़ित बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की प्राथमिक जांच की जा रही है। सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिन पत्रकारों (मनोज शुक्ला, मुकेश यादव और मनीष गुप्ता) पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उनका पक्ष भी दर्ज किया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर पत्रकारिता की विश्वसनीयता, आचार संहिता और पेशे की मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, वहीं यह भी आवश्यक है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुँचा जाए।
देखें शिकायत पत्र और क्यू आर कोड भेजने के स्क्रीनशॉट…




(इस प्रकरण पर कोई अपना पक्ष रखना चाहता हो तो मेल करें- [email protected])



