कानपुर- यूपी के कानपुर नगर स्थित थाना सचेंडी के पास एक नाबालिग बच्ची से कार के भीतर दुष्कर्म किया गया। आरोप एक पुलिसवाले और एक पत्रकार पर लगा। पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि आरोपी दरोगा अमित मौर्या फरार है। कल शनिवार कानपुर पुलिस ने उसपर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया, साथ ही उसकी तलाश में एसआईटी टीमें लगाई गई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर पत्रकार का एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो में जेल भेजा गया पत्रकार चिल्लाकर कह रहा है कि उसे फंसाया गया है। मामले में गलत तरीके से उसका नाम लिखाया गया है। नीचे पढ़ें पूरा मामला..वीडियो भी देखें
इस प्रकरण पर यूपी ग्राम नामक एफबी पेज पर लिखा गया है-
साहब, मैंने रेप नहीं किया। उस लड़की को न कभी देखा, न कभी बात हुई। आप मेडिकल करा लीजिए। मैं निर्दोष हूं। अगर दोषी मिलता हूं, तो जेल भेज दीजिएगा। मुझे रंजिशन फंसाया जा रहा है।
सोमवार रात अमित दरोगा का फोन आया। कहा, RPF में नए इंस्पेक्टर आए हैं। लोहा चोरी हुआ है, मिलना चाहते हैं। अपने पत्रकार साथियों से पता करो। हम बाइक से 35 नंबर सोना क्रॉसिंग पहुंचे। वहां RPF इंस्पेक्टर मिले, साथ में अमित दरोगा थे। इसी बीच लड़के अपनी बहन को ढूंढते हुए आए। मुझे भी देख लिया, तो मेरा भी नाम लिख दिया।
क्रॉसिंग के पास फिंगर का ठेला लगाने वाले लड़के से लड़की का अफेयर चल रहा है। उससे पता करा लीजिए। वह उससे मिलता रहता है। जांच करा लीजिए, पूरी सच्चाई सामने निकलकर आ जाएगी।
ये बातें रो-रोकर गैंगरेप के आरोपी पत्रकार शिवबरन ने पुलिस के सामने बताईं। कानपुर के सचेंडी थाने में मंगलवार को 14 साल की लड़की ने बिठूर में तैनात दरोगा अमित मौर्या और पत्रकार शिवबरन पर गैंगरेप की FIR दर्ज कराई है। पत्रकार शिवबरन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वहीं, पीड़िता को कोर्ट में पुलिस ने पेश तो किया, मगर शाम तक बयान दर्ज नहीं कराए जा सके। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को संवासिनी गृह भेजा है। आरोपी दरोगा अभी फरार है। उसकी तलाश में चार टीमें लगी हुई हैं। मामले में लापरवाही बरतने पर DCP वेस्ट को हटा दिया है।
कानपुर में रेप केस में फंसाने का धंधा बहुत पुराना है,
रैकेटियर अखिलेश दुबे ने पुलिस वालों के साथ मिलकर दर्जनों लोगों को झूठे रेप केस में फंसाया और अरबों रूपये कमाए,अभी हाल ही में एक नौजवान दारोगा और युवा पत्रकार पर भी गाड़ी में गैंगरेप का आरोप लगा है,
हालांकि मामले की जाँच चल रही है,लेकिन मेरा मानना है कि निष्पक्ष जाँच हो
और कोई बड़ा आदमी दिलचस्पी ना ले तो
मामला कुछ और ही निकलेगा,वैसे इतनी हिम्मत शायद ही किसी की हो कि
दिन दिहाड़े चलती गाड़ी में गैंग रेप कर दे,फिर भी जाँच होने दीजिए
और पुलिस पर भरोसा रखिए!-अनिल यादव
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