उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर गजब का जीरो टॉलरेंस चल रहा है। 2020-21 में यूपी सचिवालय में प्रशासनिक पदों पर 186 वैकेंसी निकाली गई थी। 186 पदों के लिए ढाई लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन ज्यादातर पदों पर किसी न किसी अफसर या नेताओं के रिश्तेदारों की भर्ती कर दी गई। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट से आदेश हुआ सीबीआई जांच का। अब सीबीआई की जांच रुकवाने के लिए योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट जा पहुंची, जहां से फिलहाल जांच पर रोक लगा दी गई है।इसके बाद अब दूसरी घपलेबाजी सामने आई है लखीमपुर अर्बन कोआपरेटिव बैंक भर्ती में। रसूखदार लोगों को नौकरी दे दी गई है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर रवि श्रीवास्तव और गोपाल गिरी ने एक खोजी रिपोर्ट के जरिए इस भर्ती का पर्दाफाश किया है- पढ़िए….
राजेश साहू-
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा… आप सोच रहे होंगे कि आखिर यूपी की सत्ता से जुड़े ये दो नाम क्यों लिए हैं? तो हम आपको बता दें कि यह सिर्फ दो नाम नहीं हैं, बल्कि इन जैसे सत्ता से जुड़े 10 ताकतवर लोगों के नाम निकलकर सामने आए हैं, जिनके बेटे-बेटियों को लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नियुक्तियां दीं। इतना ही नहीं बैंक में 27 नियुक्तियां की। इनमें 55% यानी 15 ठाकुर बिरादरी के हैं। केवल 2 एससी-एसटी को नौकरी दी, जबकि 6 को देना था।
इस गड़बड़ी पर पर्दा इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां सिर्फ टेनी की बेटी को ही नहीं बल्कि मंत्री, सांसद, विधायक और अफसरों के रिश्तेदारों को भी कैशियर और बाबू बना दिया। इतना ही नहीं, इस गड़बड़ी की जांच करने आए अफसर के भतीजे को भी नौकरी दे दी। यह सब कैसे हुआ?
आज भास्कर इंवेस्टिगेशन में पढ़िए।

कृष्ण कांत-
भ्रष्टाचार का चरम देखिए। लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नेताओं और मंत्रियों के बेटे बेटियों को भर दिया गया। जो अधिकारी जांच करने आया, उसके भतीजे को नौकरी दे दी ताकि वह मौन रहे।
भास्कर ने पड़ताल की और पाया कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा…जैसे 10 नेताओं के बेटे-बेटियों को लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नियुक्तियां दी गईं।
27 में से 55% यानी 15 ठाकुर भर दिए। केवल 2 एससी-एसटी को नौकरी मिली जबकि 6 को मिलनी चाहिए थी।

इस गड़बड़ी की जांच करने आए अधिकारी को भी प्रसाद मिला और भतीजे को नौकरी दे दी गई।
भाजपा राज में बड़े से बड़े धतकरम की जांच नहीं होती, कोई कार्रवाई नहीं होती और फिर ढिंढोरा पीटते हैं कि हमारे राज्य में भ्रष्टाचार नहीं होता।
सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार पहले से ज्यादा हो रहा है और इस हद तक हो रहा है कि पुलिस, कानून और जांच एजेंसियां तक भ्रष्टाचार का शिकार होकर पंगु हो गई हैं।
लखीमपुर खीरी अर्बन कॉपरेटिव बैंक में बड़ा घोटाला सामने आया है। इसमें हुई 27 नियुक्तियों में केवल बीजेपी नेताओं के बच्चों को नौकरी दी गई। बीजेपी नेता अजय मिश्रा की बेटी, पूर्व सहकारिता मंत्री की नातिन, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा की पत्नी को नियुक्त किया गया … जांच करने आए अधिकारियों के रिश्तेदारों को भी नौकरी दे दी, 55% नियुक्तियों पर केवल ठाकुरों का चयन हुआ है sc st को दो ही सीट मिली जबकि 6 मिलनी थी, OBC को 7 सीट मिलनी थी लेकिन 6 सीट ही मिली, 70% सीटों पर सवर्णों को नियुक्त कर दिया। -सूर्या



