शीतल पी सिंह-
खबरों के मुताबिक, TMC सांसद महुआ मोइत्रा और प्रशांत किशोर की कथित चैट्स वायरल करने के आरोपी सुरजीत दास गुप्ता के नोएडा स्थित फ्लैट पर पुलिस कोर्ट का वारंट लेकर पहुंची।
लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। आरोपी ने मौके पर ही BJP IT Cell प्रमुख अमित मालवीय से पुलिसकर्मी की मोबाइल पर बात करवाई।
मालवीय ने पुलिस से कहा—“आप कुछ नहीं करेंगे, इंस्ट्रक्शन का इंतज़ार करो।” और नतीजा? नोएडा पुलिस लौट आई।
बाद में काग़ज़ों में लिख दिया गया—“आरोपी फ्लैट पर मौजूद नहीं मिला।” यानी कोर्ट वारंट भी बेबस, और एक राजनीतिक आईटी सेल का कथित फ़ोन—सुप्रीम!
यह कोई अकेला मामला नहीं दिखता। सोशल मीडिया पर फेक चैट्स, मॉर्फ़्ड तस्वीरें, नफ़रत फैलाने वाले ट्रेंड्स—अक्सर शिकायतों के बावजूद FIR नहीं, या महीनों तक “जांच जारी है”।
RW ट्रोल्स द्वारा महिलाओं, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को खुलेआम धमकियाँ—मगर कार्रवाई? या तो नहीं, या बहुत चयनात्मक।
जब आरोपी “संघी विचारधारा” से जुड़ा हो—तब पुलिस की रफ़्तार अचानक कछुआ मोड में चली जाती है।
सवाल सिर्फ़ एक व्यक्ति का नहीं है। सवाल है संस्थागत पतन का। जब कोर्ट का वारंट कमज़ोर पड़े पुलिस “इंस्ट्रक्शन” का इंतज़ार करे और राजनीतिक आईटी सेल डि-फैक्टो कमांड सेंटर बन जाए तो समझ लीजिए—यह कानून का राज नहीं, यह संरक्षण का राज है।
आज अगर यह विपक्ष के साथ हो रहा है, तो कल यह किसी के भी साथ हो सकता है। लोकतंत्र में चुनाव सिर्फ़ वोट डालने का नाम नहीं, बल्कि यह भरोसा भी है कि कानून सबके लिए बराबर होगा।
अगर आईटी सेल तय करेगा कि पुलिस क्या करेगी, तो फिर संविधान सिर्फ़ किताब में रह जाएगा।
ममता त्रिपाठी-
‘आप कुछ नहीं करोगे, इंस्ट्रक्शन का इंतजार करो’ – BJP नेता अमित मालवीय
नोएडा पुलिस ने अपने आफिशियल स्टेटमेंट में लिखा है कि “वारंटी सुरजीत दास गुप्ता मौक़े पर दस्तेआब नहीं हुए, उनकी पत्नी को वारंट के बारे में अवगत कराया गया.”
नोएडा पुलिस के झूठ को बेनक़ाब करते हुए सांसद महुआ मोइत्रा ने ये वीडियो पोस्ट कर दिया…
महुआ मोइत्रा ने टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को झूठा बताकर ट्वीट किया है-
हेलो times of india आपका आर्टिकल गलत है। noida police झूठ बोल रही है। आरोपी पुलिस के पहुंचने पर घर पर ही था और फिर कुछ राजनीतिक कॉल (मलपुआ को) करने के बाद नोएडा पुलिस की मदद से फरार हो गया। यह रहा उसका वीडियो, जब पुलिस वहां पहुंची थी। -महुआ मोइत्रा, सांसद टीएमसी
Times Of India की वो रिपोर्ट जिसे महुआ ने बताया इनकरेक्ट-




