संतोष सिंह-
मैं 26 वर्षों से पत्रकारिता के साथ जी रहा हूँ और लगभग 15 वर्षो से सोशल मीडिया पर सक्रिय हूं। रोजना कम से कम सौ फोन कॉल आता है जिसमें थाना वीडियो, सीओ के दफ्तर में व्याप्त भ्रष्टाचार से लेकर पीएमसीएच, आईजीएमएस और पटना स्थिति निजी अस्पताल से परेशान लोगों का फोन आता है इसलिए सिस्टम में क्या चल रहा है उससे अपडेट रहते हैं।
मेरी पत्रकारिता की ताकत ही है जो कल बिहार सरकार के सभी डीएम एसपी सहित तमाम पदाधिकारी नेपाल विद्रोह और उसका देश पर प्रभाव विषय पर आयोजित बैठक में मुझसे राय ली गयी- संतोष जी नेपाल की स्थिति का बिहार पर क्या असर पड़ सकता है।
मेरा सीधा जवाब था पांच किलो अनाज, बिजली, फ्री पेंशन वृद्धि के सहारे जितना दिन आक्रोश को टालना है टाल लीजिए.. यहां स्थिति नेपाल से भी बुरी है। किसी भी दफ्तर में बिना पैसा लिए काम नहीं होता है। सरकारी स्कूल और अस्पताल ना पढ़ाई होता है ना इलाज। प्राइवेट वाले लूट रहे हैं और लूटने वाला कौन है..
बिहार के सभी बड़े अस्पताल और स्कूल में किसी ना किसी रूप में नेता और ब्यूरोक्रेट का पैसा लगा है। आवाज उठाएंगे तो जेल भिजवा देगा। जब मीडिया में ताकत था इन लोगों की गुंडागर्दी नियंत्रित था जब से मोदी का तलवा हम लोग चाटने लगे हैं वो डर भी खत्म हो गया।
पता करिए बिहार में आदित्य विभज कैसे छोटे-छोटे शहर तक अपना दुकान खोल रहा है और उसके आने से उस शहर का वर्षों से स्थापित दुकान कैसे बंद हो रहा है। यही स्थिति मॉल का है। किसका पैसा लगा हुआ है जांच करिएगा।
कहने को बहुत कुछ है पुल गिर रहा है नया पुलिस मुख्यालय, विधानसभा सहित कई भवन बने हैं नीतीश के शासन काल में दस वर्ष में ही दरार आने लगा है जनता देख रही है नेता और ब्यूरोक्रेट का परिवार कैसे करोड़पति बन रहा है। रिशु श्री और अविनाश दस वर्ष में एक हजार करोड़ का मालिक बन जाता है।
सच यही है सर.. भारत की स्थिति नेपाल से भी बुरी है। इतना नैतिक रूप से खत्म देश कम ही होगा दुनिया में। किसका विकास हुआ है इस देश में अपने गांव के पड़ोस से उठा लीजिए और दिल्ली मुंबई पहुंच जाइए। आज वही पैसा वाला है जो देश को लूट रहा है। छठा वेतन आयोग और आर्थिक उदारीकरण के कारण मध्य वर्ग के चेहरे पर थोड़ी रौनक आयी।
रोजाना काम करने वाला मजदूर का भी जीवन स्तर थोड़ा बेहतर हुआ लेकिन वो भी अब ढलान पर है। मोदी और नीतीश से मेरी यही शिकायत है इसने जनता को सीधे भ्रष्ट बना कर पूरे सिस्टम को हाईजैक कर लिया है। आज आप किसी समस्या से घिर जाए कही से कोई मदद नहीं मिल सकता। चाहे कितना भी सही आप क्यों ना हो। भारत ज्वालामुखी पर बैठा है जिस दिन विस्फोट होगा कितने टुकड़ों में बंटेगा और कहां जाकर गिरेगा सोचते हैं तो रुह काप जाता है।




Dayal chand yadav
September 14, 2025 at 2:14 pm
sahi kaha hai