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शर्मनाक : क्या दैनिक जागरण के पत्रकारों के पास बिलकुल अकल नहीं है? पढ़िए ये हेडिंग

लगता है कि moradabad dainik jagran के रिपोर्टरों के पास बिलकुल अकल नहीं है. साथ ही डेस्क पर बैठे लोग भी भांग खाए लगते हैं. तभी तो इन्हें शब्दों का अर्थ भी नहीं मालूम.. दैनिक जागरण मुरादाबाद के रिपोर्टरों को फिर से प्राइमरी स्कूल से पढ़ाई करने के लिए भेज देना चाहिए. दैनिक जागरण के मुरादाबाद संस्करण में आज पेज दो पर एक खबर छपी है. हैडिंग है- ”धार्मिक पोशाक सिलकर मजबूत कर रहे मजहबी दीवार”. हैडिंग से ही यहां के रिपोर्टरों की स्थित का अंदाज लगाया जा सकता है कि उन्हें कितना ज्ञान है…

लगता है कि moradabad dainik jagran के रिपोर्टरों के पास बिलकुल अकल नहीं है. साथ ही डेस्क पर बैठे लोग भी भांग खाए लगते हैं. तभी तो इन्हें शब्दों का अर्थ भी नहीं मालूम.. दैनिक जागरण मुरादाबाद के रिपोर्टरों को फिर से प्राइमरी स्कूल से पढ़ाई करने के लिए भेज देना चाहिए. दैनिक जागरण के मुरादाबाद संस्करण में आज पेज दो पर एक खबर छपी है. हैडिंग है- ”धार्मिक पोशाक सिलकर मजबूत कर रहे मजहबी दीवार”. हैडिंग से ही यहां के रिपोर्टरों की स्थित का अंदाज लगाया जा सकता है कि उन्हें कितना ज्ञान है…

खबर के भीतर भी मजहब की दीवार मजबूत करने की बात लिखी है… मजहबी दीवार मजबूत करने का सीधा अर्थ द्वेष को बढ़ावा देने का होता है… यहाँ रिपोर्टर लिखना कुछ चाहता था पर अधकचरे ज्ञान के कारण लिख कुछ गया… मजे की बात ये कि डेस्क के सीनियरों ने भी उसे पास कर दिया… जागरण मुरादाबाद में रोजाना ही ऐसी गलतिया हो रही हैं पर यहां रेड और ग्रीन स्टार देकर ही प्रबंधन को भ्रमित किया जा रहा है… कुछ लोग यहाँ इसे ही मौज का साधन मान लिये हैं…

prashant singh
[email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. vikram nayak

    August 25, 2016 at 1:49 am

    Chodu jhalar

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