NDTV ने अपनी प्रगतिशीलता, धर्मनिरपेक्षता और जनपक्षधरता को विजय माल्या के साथ इस तरह शेयर किया था

Pushya Mitra : तो माल्या साहब NDTV के पार्टनर भी रह चुके हैं। नाहक जी न्यूज़ बदनाम है।:) वैसे NDTV के साझेदारों में तो वेदांता समूह का भी नाम आता है, जिन पर नियामगिरी में आदिवासियों को खदेड़ कर पहाड़ कब्जाने का आरोप रहा है। वस्तुतः प्रगतिशीलता यही होती है। बनियान चाहे जितनी मैली हो कुरता झकाझक सफ़ेद रहना चाहिए। वैसे ndtv के साथ किंगफिशर वाली वह चिड़िया बड़ी प्यारी लग रही है 🙂

Pankaj Jha : अभी तक आपने अनेक जगह यह फोटो देख ही लिया होगा. माल्या की धमकी कि वह काफी कुछ उगल सकते हैं मीडिया के बारे में, के सन्दर्भ में इस फोटो को देखना चाहिए. दुनिया के एक एकमात्र सर्वहारा चैनल NDTV ने इस तरह अपनी प्रगतिशीलता, धर्मनिरपेक्षता और जनपक्षधरता को विजय माल्या के साथ शेयर किया था.

पत्रकार पुष्यमित्र और पंकज झा के फेसबुक वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं…

Abhishek Ranjan : 2007 में ही नहीं, हर साल किंगफ़िशर द्वारा अपनी कैलेंडर गर्ल NDTV के सहयोग से ही चुना जाता है। वाजप्ता बड़ा भोकाल टाइट करके भव्य दिव्य एपिसोड तैयार किये जाते है, जिसमें खूबसूरत बालाएं कैलेंडर पर दिखने, रुपया मिलने और शोहरत के लिए पता नही कौन कौन से प्रतियोगिता से गुजरती है। पिछले साल इस प्रतियोगिता में एक दरभंगा की लड़की जीती थी। शायद ऐश्वर्या नाम था उसका।

Satya Prakash Chaudhary हम किसी अख़बार या चैनल को उसके काम से देखेंगे कि उसके मालिकों की करतूतों से, पहले यह तय कर लीजिये। जैसे जिस अख़बार प्रभात खबर में मैं काम करता हूँ मोटामोटी उसे प्रगतिशील चरित्र का मानता हूँ। लेकिन उसने अपनी मातृ कम्पनी का करोड़ों का जो बिजली बिल माफ़ कराया, खान-खनिज का ठेका दिलवाया, उसका समर्थन नहीं करता।

Pushya Mitra : काम भी उसी नेचर का है… प्रभात खबर में हमलोग सरकार और जदयू के खिलाफ खबर छाप सकते हैं और छापते रहे हैं, मगर एनडीटीवी में बिहार चुनाव में आप एक खबर ऐसी नहीं पायेंगे… प्रगतिशीलता का मतलब राजनीतिक पक्षधरता छोड़े ही है… और जब इस पक्षधरता के आर्थिक हित सामने आने लगें तो ढका हुआ आवरण उघरने लगता है…

Satya Prakash Chaudhary : फिर भी यही कहूँगा कि किसी अख़बार चैनल के कंटेंट और उसके मालिक के हितों को जोड़ कर देखेंगे तो कोई पाक साफ नहीं मिलेगा।

Pushya Mitra : जब पाक साफ कोई नहीं है तो पाक साफ वाली ब्रांडिंग क्यों करते हैं… फिर तो टाइम्स ऑफ इंडिया ही ठीक है…

Pankaj Jha : बात वही है जब आप भी औरों जैसे ही हैं तो वैसा ही बने रहिये. लेकिन दिखाइये तो मत अपनी इमानदारी. कहिये कि आप भी हम्माम के ही स्नानार्थी हैं, बात साफ़. वैसे यह फोटो कोई आश्चर्य की बात नहीं, हां ये है कि माल्या के ट्वीट के आलोक में ज़रा प्रासंगिक हो गया है. वरना बरखा भी तो इसी चैनल से हैं न? उनका राडिया दुष्कर्म क्या अब कोई लुकी-छिपी बात है?

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