पत्रकार से पॉवर ब्रोकर बने डॉ प्रणय रॉय का पाखंड और एनडीटीवी का पतन – भाग (5)

पार्ट चार से आगे…. ऐसे में आप यह सोच रहे होंगे कि “प्रचार के औजार” में और शुद्ध तौर पर मीडिया संस्थान में क्या अंतर होता है? इसे समझने के लिए आपको आजतक और एनडीटीवी के बीच के अंतर को समझना होगा. आजतक शुद्ध तौर पर मीडिया संस्थान है. इसलिए वह अपने पत्रकारीय धर्म और …

पत्रकार से पॉवर ब्रोकर बने डॉ प्रणय रॉय का पाखंड और एनडीटीवी का पतन – भाग (4)

नियम अद्भुत होते हैं. नियमों को तोड़ना सरल नहीं होता. उनके विरुद्ध किसी काम के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है. उदाहरण के लिए गुरुत्वाकर्षण बल को ही लीजिए. पृथ्वी की सीमा में आसमान से कोई चीज धरती पर ही गिरेगी. आइजक न्यूटन ने इसका एक फॉर्मूला भी बताया है. उस फॉर्मूले पर चर्चा …

प्रवर्तन निदेशालय ने हजारों करोड़ के घोटाले में फंसे एनडीटीवी को भेजा नोटिस

आगरा में शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में महिलाएं और पुरुष शिक्षामित्रों ने भाग लिया। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन देखकर पुलिस और प्रशासन के होश उड़े हुए हैं. शिक्षामित्रों ने डायट से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक अर्धनग्न होकर पैदल मार्च किया। इन शिक्षामित्रों की मांग है कि उन्हें पूर्ण शिक्षक का दर्जा दिया जाए। उन्हें सरकार द्वारा 10000 का मानदेय स्वीकार नहीं है।

राफेल विमान सौदों पर हुई रिपोर्टिंग से नाराज अनिल अंबानी ने एनडीटीवी पर दस हजार करोड़ का मुकदमा ठोका

अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने एनडीटीवी पर 10 हजार करोड़ रुपये का मुकदमा ठोका है। राफेल विमान सौदों को लेकर एनडीटीवी की रिपोर्टिंग को लेकर यह मुकदमा अहमदाबाद की अदालत में किया गया है। इस मामले पर सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

पत्रकार से पॉवर ब्रोकर बने डॉ प्रणय रॉय का पाखंड और एनडीटीवी का पतन – भाग (3)

पार्ट 2 से आगे… राधिका रॉय और चैनल के मालिकों का तरीका जितना ओछा था, दिबांग का जवाब उतना ही संतुलित था. उन्होंने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझ कर किया था. मालिकों के मान के साथ अपने सम्मान की रक्षा भी की थी. जब संस्थान के मालिक ओछेपन पर उतर आएं तो फिर संपादक/पत्रकारों के …

पत्रकार से पॉवर ब्रोकर बने डॉ प्रणय रॉय का पाखंड और एनडीटीवी का पतन – भाग (2)

Samarendra Singh पार्ट वन से आगे…. दिबांग का कहना था कि खेल जाओ और इस आदेश के साथ ही पूरी टीम हरकत में आ गई. फिर क्या था हमने इस खबर के अलग-अलग पहलुओं को एक धागे में पिरो कर बुलेटिन तैयार कर दिया. ब्रेकिंग न्यूज की पट्टियां तैयार कर दी गईं और रिपोर्टर को …

पत्रकार से पॉवर ब्रोकर बने डॉ प्रणय रॉय का पाखंड और एनडीटीवी का पतन – भाग (1)

Samarendra Singh “अगर कोई “खबर” से हट कर “कुछ करना” चाहता है तो उसके लिए बाहर जाने के रास्ते खुले हुए हैं” – डॉ प्रणय रॉय की यह बात आज भी कानों में गूंजती है. ऐसे लगता है कि जैसे यह घटना कल हुई हो. लेकिन यह घटना अगस्त 2007 की है. उस दिन अचानक …

NDTV किसानों से मुंह मोड़कर पनामा चोर अमिताभ बच्चन और पीएम मोदी की चमचागिरी करता रहा!

Arun Maheshwari : मुंबई के सन ऐंड सैंड होटल के समुद्र तट पर दो अक्टूबर को सारा दिन ढेर सारे वीआईपी स्वच्छ भारत में अपने करोड़ों रुपये का योगदान करते रहे। इनकी अमूल्य बातों की अमृतधारा भारतवासियों के चित्त को निर्मल करते हुए देश के सभी शहरों, गांवों के गली-कूचों को स्वत: स्वच्छ करती जा …

मौजूदा सरकार के इशारे पर वीडियोकॉन D2h ने एनडीटीवी का बॉयकाट कर दिया!

Girish Malviya : मौजूदा सरकार अपनी आलोचना करने वाले न्यूज़ चैनल NDTV के खिलाफ इतने घटिया हथकंडे अपनाएगी ऐसा कभी सोचा नही जा सकता था. आज सुबह वीडियोकॉन D2h पर अचानक NDTV न्यूज़ का चैनल न. 305 बन्द हो गया. स्क्रीन पर लिखा आ रहा था कि हम आपको यह चैनल नहीं दिखा सकते. अब …

जब PM मनमोहन के डांटने पर NDTV के मालिक प्रणय रॉय ने ‘बुरे मंत्रियों की सूची’ वाली खबर गिरा दी थी!

Samarendra Singh PMO का दखल और क्रांतिकारी पत्रकारिता…. इन दिनों टीवी के दो बड़े पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी और रवीश कुमार अक्सर ये कहते हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से चैनल के मालिकों और संपादकों के पास फोन आता है और अघोषित सेंसरशिप लगी हुई है. सेंसरशिप बड़ी बात है. जिस हिसाब से …

लो जी, 15 सितंबर से एनडीटीवी और रवीश कुमार भी निपट जाएंगे…

मोदी सरकार के राज में सत्ता विरोधी सुर रखने वाले न्यूज चैनलों / पत्रकारों को एक-एक कर निपटाया जा रहा है. एबीपी न्यूज से पुण्य प्रसून बाजपेयी को हटाया गया ताकि वह मास्टर स्ट्रोक जैसा जनपक्षधर शो न कर सकें. इसके पहले उनके शो के वक्त प्रसारण में लगातार व्यवधान पैदा किया गया जिससे जनता …

हृदयेश जोशी एनडीटीवी से गए, सुनें रवीश ने फेयरवेल पार्टी में क्या कहा (देखें वीडियो)

Ravish Shukla : हृदयेश जोशी एक संजीदा, तेजतर्रार और पढ़ने-लिखने वाले साथी हैं। एनडीटीवी में रहते हुए हमने उनसे बहुत कुछ सीखने की कोशिश की है। आज उन्होंने एनडीटीवी को अलविदा कह दिया। वो एक ऐसे रिपोर्टर हैं जिनके बैग में हमेशा किताबें रहती है। सामान्यतया वो हम जैसे रिपोर्टरों की तरह बकैती और फंला …

अय्याशी जारी रखने के लिए एनडीटीवी के तीन सौ कर्मियों की ले ली गई बलि, देखें वीडियो (पार्ट-3)

आईआरएस अधिकारी एसके श्रीवास्तव से भड़ास संपादक यशवंत सिंह की बातचीत का यह तीसरा और आखिरी पार्ट है. इस वीडियो में एसके श्रीवास्तव ने साफ कहा कि प्रणय राय की अय्याशी की भेंट चढ़ गए तीन सौ एनडीटीवी कर्मी. अगर प्रणय राय अपनी लाइफस्टाइल पर खर्च कम करते व एनडीटीवी से पैसे चुराकर महंगी देश-विदेश में अरबों-खरबों की संपत्ति न बनाते तो एनडीटीवी समूह संकट में नहीं जाता. इस प्रकार तीन सौ कर्मियों की छंटनी भी नहीं की जाती.

समय बीतने के साथ एनडीटीवी की मानहानि की कीमत कम होती गई और अब शून्य हो चुकी है… देखें इंटरव्यू भाग-दो

चर्चित आईआरएस अधिकारी एसके श्रीवास्तव को एनडीटीवी के आर्थिक घपलों को पकड़ने के कारण बहुत प्रताड़ित किया गया. इस अफसर के पास एनडीटीवी की पूरी कुंडली है. भड़ास से बातचीत में एसके श्रीवास्तव ने खुलासा किया था कि मनमोहन राज में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने NDTV पर छापा डालने जा रहे इनकम टैक्स अफसरों को रोक दिया था.

प्रणय राय की काली कमाई की पोल खोल दी इस IRS अधिकारी ने, देखें वीडियो

प्रणय राय अपना अफ्रीका वाला फार्म हाउस गिरवी रख देते तो सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी बच जाती… 

Yashwant Singh :  आपको मालूम है, प्रणय राय ने काली कमाई से अफ्रीका में सैकड़ों एकड़ का फार्म हाउस खरीद रखा है जिसमें ऐय्याशी के सारे साजो-सामान उपलब्ध है. प्रणय राय ने गोवा में समुद्र किनारे बंगला खरीद रखा है. दिल्ली और देहरादून में बंगले खरीद रखे हैं. एक हेलीकाप्टर भी खरीदा हुआ है. अगर वो सिर्फ अफ्रीका का अपना सैकड़ों एकड़ वाला रैंच या गोवा का सी-बीच वाला बंगला गिरवी रख दें तो सैकड़ों करोड़ रुपया मिल जाएगा. इस पैसे से वह एनडीटीवी की माली हालत ठीक कर सकते थे. सैकड़ों कर्मियों का ‘कत्ल’ करने से बच सकते थे.

एनडीटीवी में अभिव्यक्ति की आज़ादी हमेशा से एकतरफा ही थी

Abhiranjan Kumar : एनडीटीवी एक भला चैनल था। अन्य चैनलों में बकवास बहुत चलता था, लेकिन एनडीटीवी पर सिर्फ़ ख़बरें चलती थीं। हालांकि इसके साथ ही वहां एक बड़ी बुराई भी थी कि अक्सर ख़बरों में मिलावट कर दी जाती थी। सांप्रदायिक तत्व वहां काफी पहले से और ठीक-ठाक मात्रा में मौजूद थे। मुझे याद आती है एक पुरानी स्टोरी, जिसके मुताबिक किसी ट्रेन की मिलिट्री बोगी में घुसने पर एक युवक की पिटाई कर दी गई थी। चैनल पर यह रिपोर्ट बड़े ताम-झाम से चली। संयोग से उस युवक का नाम था शफ़कत और वह कश्मीरी था। फिर क्या था, चैनल के प्रबुद्ध विचारकों को मसाला मिल गया। स्क्रिप्ट की पहली लाइन ही यह लिखी गई- “एक तो मुसलमान, ऊपर से कश्मीरी। शायद शफ़कत का यही गुनाह था।”

एनडीटीवी में भयंकर छंटनी पर प्रेस क्लब आफ इंडिया ने लिखा प्रणय रॉय को पत्र

To

Dr. Prannoy Roy,
Founder-Chairperson, NDTV
NEW DELHI

Dear Dr. Roy,

Warm Greetings from the Press Club of India.

As this year comes to an end, there are disturbing reports emanating from the NDTV which refer to massive reduction and lay-offs of employees connected with the news operations of your organisation.

एनडीटीवी के बुरे दिन : इनकम टैक्स विभाग ने चैनल के शेयर जब्त कर लिए

कभी कांग्रेस के यार रहे एनडीटीवी और प्रणय राय के दिन इन दिनों भाजपा राज में बुरे चल रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे पी. चिदंबरम व एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय की मिलीभगत से ईमानदार इनकम टैक्स अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को प्रताड़ित करते हुए पागलखाने तक भिजवा देने का पाप अब असर दिखाने लगा है. इनकम टैक्स विभाग ने एनडीटीवी के शेयर जब्त कर लिए हैं.

अंग्रेजी वाले श्रीनिवासन जैन अब हिंदी में ‘रियल्टी चेक’ कर रहे हैं!

कानाफूसी है कि हिंदी मीडिया के धुर विरोधी अंग्रेजी चैनल एनडीटीवी 24×7 के इंग्लिश एंकर श्रीनिवासन जैन को अब हिंदी चैनल एनडीटीवी इंडिया पर जाने किस मजबूरी में हिंदी में ही रियल्टी चेक करना पड़ रहा है. बेचारे हिंग्लिश बोल रहे हैं. आखिर पापी पेट का सवाल जो ठहरा. ज्ञात हो कि श्रीनिवासन जैन ने अमित शाह के बेटे जय शाह पर एक स्टोरी लिखी थी जिसे बाद में एनडीटीवी प्रबंधन ने एनडीटीवी की वेबसाइट से हटवा दिया.

बरखा दत्त ने एनडीटीवी और प्रणय राय की पोल खोलते हुए फेसबुक पर जो कुछ लिखा है, उसे हू-ब-हू पढ़ें…

I certainly don’t see NDTV as either victim or crusader…

Barkha Dutt : For the last few days I have observed with cynical amusement a public debate around NDTV taking down a story related to Amit Shah. I am not getting into the specifics of the story here and whether the story was right or wrong but I did point out when I first heard the controversy that the axing of stories at NDTV is hardly new and those seeking the higher moral ground today remained absolutely silent when some of us fought with the owners and management over these issues.

एनडीटीवी ने अपने मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन की अमित शाह के बेटे पर की गई स्टोरी को हटा दिया!

एनडीटीवी और प्रणय राय की असलियत सामने आती जा रही है. ताजा मामला है अपने ही मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन की स्टोरी को हटा देना. एनडीटीवी के मैनेजिंग एटिडटर श्रीनिवासन जैन ने ट्विटर और फेसबुक पर लिखित में आरोप लगा है कि उनने और मानस प्रताप सिंह ने अमित शाह के बेटे जय शाह पर जो स्टोरी की थी, उसे एनडीटीवी ने अपनी वेबसाइट से हटा दिया है. श्रीनिवासन जैन ने अपने पोस्ट में लिखा है कि एनडीटीवी मैनेजमेंट ने उनसे कहा है कि वो रिपोर्ट ‘कानूनी जाँच’ के लिए हटायी गयी है. श्रीनिवासन जैन ने आगे कहा है कि वो इस मामले को ‘दुखद अपवाद’ मानकर अभी एनडीटीवी के संग काम जारी रखेंगे।

एनडीटीवी में खबरें रोकने का विरोध किया तो उसकी कीमत मुझे नौकरी गंवा कर चुकानी पड़ी : बरखा दत्त

(…पार्ट एक से आगे…)

एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन की स्टोरी हटाने के बाद एनडीटीवी से हटाई गईं बरखा दत्त ने सोशल मीडिया पर एनडीटीवी और प्रणय राय की पोल खोल दी. बरखा दत्त ने सर्जिकल स्ट्राइक के दिनों में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के इंटरव्यू के रोके जाने के प्रकरण पर भी खुलासा किया. बरखा के मुताबिक इंटरव्यू में चिदंबरम ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. चैनल प्रबंधन ने उस इंटरव्यू को ऑनएयर होने से रोक दिया. इंटरव्यू रोकने के बाद प्रबंधन ने एक इंटरनल मेल जारी किया जिसमें चैनल में काम कर रहे सभी पत्रकारों को हिदायत दी गई कि किसी नेता को जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम ना दें.

बरखा दत्त ने खोली पोल- ‘एनडीटीवी और प्रणय राय न तो क्रांतिकारी हैं, न ही सरकार विरोधी!’

बरखा दत्त सोशल मीडिया पर लगातार धमाके कर रही हैं. उनके निशाने पर हैं एनडीटीवी चैनल के मालिक प्रणय राय. बरखा ने साफ कहा- ”प्रणय राय सरकार विरोधी होने का महज नौटंकी करता है, दिखावा करता है. सच्चाई ये है कि एनडीटीवी के मालिक लगातार बीजेपी के आगे झुकते रहे और खबरें रोकते रहे. एक बात तो सच है कि ना तो एनडीटीवी विक्टिम है और ना ही क्रांतिकारी. चुनाव के बाद से लगातार प्रणय रॉय बीजेपी से मदद ही मांगते रहे. विरोध की कीमत मुझे नौकरी गंवा कर चुकानी पड़ी.”

क्या एनडीटीवी पर नियंत्रण के लिए कॉरपोरेट तख्तापलट की कोशिश की जा रही है?

Sanjaya Kumar Singh : क्या एनडीटीवी पर नियंत्रण के लिए क्या कॉरपोरेट तख्ता पलट की कोशिश की जा रही है? शुक्रवार की सुबह एनडीटीवी के बिक जाने की खबर पढ़कर मुझे याद आया कि प्रणय राय को अगर कंपनी बेचनी ही होती तो वे आईसीआईसीआई बैंक के 48 करोड़ रुपए के लिए पड़े सीबीआई के छापे के बाद प्रेस कांफ्रेंस क्यों करते। क्यों कहते कि झुकेंगे नहीं। मुझे इंडियन एक्सप्रेस की खबर पर यकीन नहीं हुआ।

नए एनडीटीवी में भी यही होगा, बस तरीक़ा बदल जाएगा!

Harsh Vardhan Tripathi : लिखा जा रहा है कि मोदी-शाह के क़रीबी अजय सिंह ने NDTV ख़रीद लिया। तो पूरा लिखिए कि सीपीएम नेता प्रकाश करात के रिश्तेदार प्रणय-राधिका रॉय को 100 करोड़ रुपए इस बिक्री से मिलेंगे। 400 करोड़ रुपये का क़र्ज़ भी अजय सिंह चुकाएँगे। मेरा मानना है कि कारोबारी बेवक़ूफ़ नहीं होता कि सिर्फ ख़रीदकर बन्द करने के लिए चैनल ले रहा होगा। हाँ, यह जरूर है कि चैनल चलाना और हवाई जहाज़ चलाना एकदम अलग बात है।

एनडीटीवी ने मुंह खोला- ‘नहीं बिके हैं हम!’

सुबह इंडियन एक्सप्रेस ने एनडीटीवी के बिकने की खबर छापकर तहलका मचाया तो दोपहर आते आते द हिंदू की वेबसाइट पर खबर आ गई कि एनडीटीवी ने बिकने से इनकार कर दिया है. दो बड़े अखबारों की इन दो अलग अलग विरोधाभासी खबरों से पूरे देश का मीडिया जगत हलकान रहा. फिलहाल द हिंदू की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर पढ़ें और इसके ठीक बाद इस खबर को लेकर आईं नई प्रतिक्रियाओं को देखें…

बिकने के बाद भी एनडीटीवी में काम करेंगे रवीश कुमार?

Ashwini Kumar Srivastava :  ”अब तेरा क्या होगा रवीश कुमार…” एनडीटीवी पर भी कब्जा कर चुके मोदी-अमित शाह और उनके समर्थक शायद ऐसा ही कुछ डॉयलाग बोलने की तैयारी में होंगे। जाहिर है, रवीश हों या एनडी टीवी के वे सभी पत्रकार, उनके लिए यह ऐसा मंच था, जहां वे बिना किसी भय के सरकार की आलोचना या खामियों की डुगडुगी पीट लेते थे। उनकी इसी डुगडुगी को अपने लिये खतरा मानकर संघ और भाजपा के समर्थकों की नजर में ये पत्रकार और एनडीटीवी सबसे बड़े शत्रु बने हुए थे।

एनडीटीवी बिक गया, स्पाइस-जेट वाले अजय सिंह ने खरीदा

Om Thanvi : आख़िर NDTV भी क़ब्ज़े कर लिया गया। मसालों के नाम पर स्पाइस-जेट हवाई कम्पनी चलाने वाले अजय सिंह अब यह तय करेंगे कि एनडीटीवी के चैनलों पर क्या दिखाया जाए, क्या नहीं। इसका मुँह-चाहा फ़ायदा उन्हें सरकार से मिलेगा। इस हाथ दे, उस हाथ ले। एक मसाला-छाप व्यापारी को और क्या चाहिए? इस ख़रीदफ़रोख़्त के बीच कुछ पत्रकार तो पहले ही एनडीटीवी छोड़कर जा चुके हैं। कुछ चले जाएँगे। कुछ को चलता कर दिया जाएगा। फिर एक संजीदा सच दिखाने वाले चैनल में बचा क्या रह जाएगा? हींग-जीरा, लौंग-इलायची?

अपने उपर लगे आरोपों का कमाल खान ने दिया करारा जवाब

..मेरी पत्नी रुचि के पिता की पलामू में बॉक्साइट की दो बहुत बड़ी माइंस थी जिससे एल्युमीनियम बनता था और बिरला की एल्युमीनियम फैक्ट्री को सप्लाई होता था… जब उनके पिता बुजुर्ग हो गए तो उन्होंने अपने पिता से कहा कि आपको अब इस उम्र में भागदौड़ नहीं करनी चाहिए इसलिए उन्होंने उनकी दोनों माइंस सरकार को सरेंडर करा दी.. अगर उनको यही चिरकुट टाइप बेईमानी करनी होती तो इसके बजाय वो अपने पिता की खानें चला कर उससे बहुत ज़्यादा पैसा कमा लेतीं… आपके तर्क के मुताबिक अगर पत्रकार को अच्छा वेतन पाना, खुशहाल होना या सम्पत्ति खरीदना अपराध है तो फिर पत्रकारों को मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए… क्योंकि इतना पैसा तो सभी मीडिया हाउस देते हैं कि पत्रकार झोला लटका के साइकिल पर घूम सके…

(कमाल खान के जवाब का एक अंश)

एनडीटीवी : जंग हारने पर यहां हर बार सिपाही हलाल होते हैं, सिपहसालार और राजा कतई ज़िम्मेदार नहीं!

एनडीटीवी चैनल में कम से कम 40 लोग होंगे जो दस लाख से ज्यादा महीना कमाते हैं, और ये वो लोग हैं जो नंबर वन चैनल को आख़िरी पायदान पर ले आए… फिर भी हर दिन अच्छे पत्रकार, कैमरामैन, एडिटर चैनल छोड़ रहे हैं या उन्हें छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है… एक तरफ जहां नौकरी जा रही है वहीं दूसरी तरफ अभिजात्य 40-50 लोगों के लिये ऑडी गाड़ियां आती है, कमरों में एयर प्यूरीफायर लगता है, हर रोज़ हज़ारों के फूल सजाए जाते हैं … कॉस्ट कटिंग जरूरी है तो अपनी लाखों की तनख्वाह छोड़ें… शेयरधारकों का पैसा डुबोने का हक़ इन्हें किसने दिया…