सलीम मलिक-
रामनगर। प्रदेश के क्षेत्रीय राजनैतिक दल उत्तराखंड क्रांति दल के द्विवार्षिक अधिवेशन के दौरान केंद्रीय अध्यक्ष पद को लेकर कार्यकर्ताओं में हो रही नोंक झोंक की कवरेज कर रहे न्यूज 18 चैनल के पत्रकार गोविन्द पाटनी पर कथित रूप से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हमला कर उनकी माइक आईडी छीनकर शूट किए वीडियो डिलीट करवा दिए। घटना के दौरान गोविंद के साथ मौजूद पत्रकारों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
मामले में पत्रकार गोविंद की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के तौर पर बता दे कि रामनगर से सटे पीरूमदारा क्षेत्र में सूबे के क्षेत्रीय राजनैतिक दल उत्तराखंड क्रांति दल का 14 अक्तूबर से द्विवार्षिक अधिवेशन प्रस्तावित था। अधिवेशन के दूसरे दिन 15 अक्तूबर को पार्टी की नई कार्यकारिणी का गठन होना था।
प्रदेश में लगातार बदल रहे राजनैतिक समीकरण के चलते मीडिया की नजर इस घटनाक्रम पर थी। इसी क्रम में न्यूज 18 में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अपने कुछ और पत्रकार साथियों के साथियों के साथ अधिवेशन की कवरेज के लिए मौके पर गए थे। अधिवेशन में कार्यकारिणी के चुनाव के लिए वोट डालने के लिए आए डेलीगेट्स पर कुछ कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई तो मामला गर्मागर्मी तक पहुंच गया। इसी प्रकरण को शूट कर रहे गोविंद पाटनी पर जब कुछ कार्यकर्ताओं की नजर पड़ी तो वह आगबबूला हो गए।
कथित तौर पर करीब 30-40 कार्यकर्ता गोविंद पाटनी के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें घसीटते हुए एक कमरे में ले गए। जहां उनका मोबाइल फोन छीनकर धमकी देते हुए शूट किए उनके सारे वीडियो जबरन डिलीट करवा दिए। घटनाक्रम में गोविंद पाटनी का चश्मा भी टूट गया। साथ के लोगों द्वारा बचाने की कोशिश पर कार्यकर्ताओं ने उनके साथ भी बदसलूकी कर डाली।
घटना के बाद पीड़ित पत्रकार गोविंद पाटनी ने आरोपी लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की तो उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता सकते में आ गए। पार्टी के तमाम नेताओं ने गोविंद पाटनी को साधने का प्रयास किया। लेकिन स्थानीय मीडिया के आक्रोश के चलते उनकी दाल नहीं गली। बृहस्पतिवार की शाम पुलिस ने आरोपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 309 (4), 324 (2), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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