
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करते हुए कई जिलों में भाजपा कार्यालयों का घेराव किया। जगह-जगह रैलियां निकाली गईं, जबकि पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक और हल्की झूमाझटकी की स्थिति भी बनी।
दरअसल दुर्ग जिले के समोदा-झेंझरी गांव में कई एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ था। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में करीब 14 लाख से अधिक अफीम के पौधे जब्त किए गए और मामले में भाजपा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया।
दुर्ग में सबसे बड़ा प्रदर्शन
दुर्ग में कांग्रेस का सबसे बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। राज्य के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध अफीम की खेती सत्ता संरक्षण में चल रही है और मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ड्रोन से निगरानी की और भारी पुलिस बल तैनात रहा।
रायगढ़ में पुलिस से नोकझोंक
रायगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ी, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़, जिसे कभी “धान का कटोरा” कहा जाता था, अब नशे के कारोबार की वजह से बदनाम हो रहा है।
कोंडागांव में धक्का-मुक्की
कोंडागांव में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय घेरने की कोशिश की। पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर पुलिस और कांग्रेस के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
बिलासपुर में नारेबाजी
बिलासपुर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर जुटे। यहां कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे का कारोबार राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
धमतरी में युवाओं के भविष्य का मुद्दा
धमतरी में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अवैध अफीम की खेती का सीधा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार सख्त होती तो इतनी बड़ी अवैध खेती संभव नहीं थी।
गरियाबंद में हाईवे पर रोकी रैली
गरियाबंद में कांग्रेस की रैली भाजपा कार्यालय की ओर जा रही थी, लेकिन पुलिस ने हाईवे पर ही बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और वहां भी तनाव की स्थिति बन गई।
सुकमा में आरोपी को बचाने का आरोप
सुकमा में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अफीम खेती मामले में कुछ राजनीतिक लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इधर पुलिस और प्रशासन का कहना है कि अवैध अफीम की खेती के मामलों में कार्रवाई जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी। दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले में भी अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने से प्रशासन ने कई जिलों में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है।
इस पूरे मामले ने प्रदेश में राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
भूपेश बघेल-


यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का है. जो दुर्ग के ग्राम समोदा में स्थित है.
इन तस्वीरों को ध्यान से देखिए…फिर याद कीजिए कि कुछ दिन पहले विधानसभा में मैंने सूखे नशे के विषय में गृहमंत्री विजय शर्मा से कुछ सवाल किए थे और गृहमंत्री गोलमोल जवाब देते नजर आए थे.
सूखे नशे की तस्करी में लिप्त नव्या मलिक, जिसका नाम प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है, उसका जिक्र सरकार की लिस्ट में था ही नहीं.
पहले तो मुझे बड़ा अचंभा हुआ लेकिन अब जब कड़ियाँ जुड़ रही हैं तो समझ आ रहा है कि खेल बड़ा है.
कमल के फूल वाली पार्टी के नेता अपने 10 एकड़ खेत में अब अफ़ीम के पौधे और फूल उगा रहे हैं. आपको बता दूँ कि अवैध नशीला पदार्थ हेरोइन का निर्माण भी इसी अफ़ीम के पौधे से होता है.
इसी हेरोइन की सप्लायर नव्या मलिक भी थी. लेकिन नव्या मलिक अचानक से सरकार की सूची से बाहर कैसे हो गई?
क्या नव्या मलिक और भाजपा के सूखे नशे की फ़ैक्ट्री में भी कोई कनेक्शन है? क्या वो भाजपा की फ़ैक्ट्री के प्रोडक्ट की मार्केटिंग का काम कर रही थी?
ये बड़े सवाल हैं जो छत्तीसगढ़ की जनता के बीच तैर रहे हैं. जिस प्रकार से भाजपा के इस नेता का बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के साथ उठना-बैठना है, जिस प्रकार से सरकार की सूची से एक बड़ी नशा तस्कर का नाम गायब होता है, इन सब में कड़ियाँ जुड़ तो रही हैं.
अब जवाब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा को देना है.
उनको बताना होगा:
- अफ़ीम की इस खेती में कौन-कौन मंत्री/अधिकारी शामिल हैं?
- नव्या मलिक का नाम सरकार की लिस्ट से किसने बाहर किया?
- नव्या मलिक कितने बार विदेश गई और किसके साथ विदेश गई?
- विनायक ताम्रकार मुख्यमंत्री निवास में कब-कब आया है?
- विनायक ताम्रकार के किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संबंध हैं?
आपकी चुप्पी जनता के संदेह को विश्वास में बदल रही है.
जनता मान रही है कि भाजपा ही प्रदेश में सूखे नशे को बढ़ावा दे रही है जिसके कारण कानून व्यवस्था बदहाल है. होली के दिन सिर्फ राजधानी में ही 5 मर्डर हुए हैं.
छत्तीसगढ़ में पहली बार अफीम की अवैध खेती को पकड़ा गया है. गांवों में होली के कुछ दिनों पहले युवा लकड़ियां बटोरने निकलते हैं, इसी दौरान ही अफीम की खेती की जानकारी निकल के सामने आई. हम वहां देख कर आए हैं कि कुछ जगह फलों को चीरा लगा चिट्टा निकाल लिया गया था, कुछ जगह फ्लावरिंग सीजन है, प्रदेश को नशे में डूबाने का काम ये भाजपा सरकार कर रही है।




