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पत्रकार से सांसद बने रमेश अवस्थी अपने बेटे की नियुक्ति वाली पोस्ट पर घिरे, सोशल मीडिया में फूटा गुस्सा

कानपुर/नई दिल्ली: केंद्र सरकार के पैनल काउंसिल में Shubham Awasthi की नियुक्ति ने अब सीधा राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है। पत्रकार से सांसद बने Ramesh Awasthi जहां बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, वहीं आम जनता इस पर सवालों की बौछार कर रही है।

देश का युवा जहां बेरोजगारी, महंगाई और एलपीजी की मार झेल रहा है, वहां सत्ता से जुड़े लोगों के परिवारों की नियुक्तियां लोगों को चुभ रही हैं। सोशल मीडिया पर साफ कहा जा रहा है—“योग्यता कम, पहुंच ज्यादा काम आई क्या?”

कई यूजर्स ने इस नियुक्ति को “अंदरूनी सेटिंग” तक करार दिया है। हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन जिस तरह यह मुद्दा उछला है, उसने सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

समर्थक इसे शुभम अवस्थी की काबिलियत का नतीजा बता रहे हैं, लेकिन विरोध करने वालों का तर्क साफ है—जब लाखों योग्य युवा दर-दर भटक रहे हों, तब सत्ता से जुड़े परिवारों की हर नियुक्ति शक के घेरे में आएगी ही।

यह मामला अब सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि उस असमान सिस्टम की कहानी बनता जा रहा है, जहां आम युवाओं के सपने संघर्ष में अटके हैं और ‘पहुंच’ वाले लोग आसानी से मंजिल पा जाते हैं।

सांसद पुत्र का पोस्ट और नियुक्ति संबंधी प्रपत्र…


बीजेपी के नेता कितनी बेशर्मी से अपने बेटों को रोजगार दिलवा रहे हैं और आम नौजवान बेरोजगारी की लाइन में है! ये पत्रकार से सांसद बने रमेश अवस्थी जी के सुपुत्र हैं। उन्हें बहुत बड़ी बड़ी नौकरियां मिल रही हैं। काश कोई मेरी भी वकील बेटी के लिए इतना बड़ा वाला सोर्स लगा देता! पर ये संभव नहीं क्योंकि मैं बीजेपी का नेता, सांसद, मंत्री तो हूँ नहीं! -यशवंत सिंह


फैक्ट डायरी नामक एक्स हैंडल का ट्वीट-

आपका बेटा गैस की लाइन में लगा है और कानपुर सांसद रमेश अवस्थी के बेटा जी मजे में है। हुआ यूँ की महामहिम राष्ट्रपति के आदेश से जारी अधिसूचना के अनुसार, सांसद के बेटा शुभम अवस्थी को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में केंद्र सरकार के पैनल अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा उन्हें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में सीनियर पैनल काउंसल के रूप में भी नियुक्ति प्रदान की गई है।

अब हमारा सवाल है देश में अनेकों युवा है जो LLB, LLM करे बैठे हैं। उन्हें ऐसी उपलब्धियां कब मिलेगी। मुझे लगता है इसके लिए उन्हें पिता जी को भी विधायक या सांसद बनना पड़ेगा।


अवस्थी जी कभी अपनी और अपने घर के अलावा जनता की समस्याओं पर ध्यान दीजिये कब तक मोदी जी योगी जी का सहारा लेंगे.. -एडवोकेट सत्येंद्र अवस्थी


कानपुर नीड्स नामक एक्स हैंडल का ट्वीट-

नाम – रमेश अवस्थी
काम – आम महोत्सव, क्रिकेट मैच और बेटे की शादी के आयोजन
व्यवहार – लगभग सारी राजनीतिक हस्तियों से
खास लोग – कुमार विश्वास और राजनाथ बाबू

विकसित कानपुर के संकल्प ले के कानपुर आए थे कब खुद का विकास हो गया पता ही नहीं चला। कानपुर में 2% काम भी न करा पाए हैं, ये हम नहीं MPLADS का data कह रहा है।



देश में पीएम मोदी और कानपुर में सांसद रमेश अवस्थी जी को विज्ञापनबाजी से भी खूब प्रेम है। शहर की ऐसी कोई गली नहीं बची होगी जहां अवस्थी जी कहीं टंगे लिखे न हों…एक बानगी यह देखिए


कमलेंद्र सिंह-

आपका बेटा गैस की लाइन में लगा है और कानपुर सांसद रमेश अवस्थी के बेटा जी मजे में है

हुआ यू की महामहिम राष्ट्रपति के आदेश से जारी अधिसूचना के अनुसार,

सांसद के बेटा शुभम अवस्थी को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में केंद्र सरकार के पैनल अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा उन्हें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में सीनियर पैनल काउंसल के रूप में भी नियुक्ति प्रदान की गई है।

अब हमारा सवाल है देश में अनेकों युवा है जो LLB,LLM करे है
उन्हें ऐसी उपलब्धियां कब मिलेगी

मुझे लगता है इसके लिए उन्हें पिता जी को भी विधायक या सांसद बनना पड़ेगा।।

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