Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

हिन्दुस्तान टाइम्स के टर्मिनेट कर्मचारियों ने किया 65-65 लाख का रिकवरी क्लेम

प्रबंधन इस कर्मचारी को मनाने में जुटा… एक दर्जन से ज्यादा रिटायर कर्मचारी बनवा रहे हैं क्लेम : मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट में हिन्दुस्तान टाईम्स नयी दिल्ली प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले 3 टर्मिनेट कर्मचारियों में दो ने अपना वास्तविक हिसाब बनवाकर लगभग 65-65 लाख रुपये का रिकवरी क्लेम श्रम आयुक्त के यहाँ किया है। एक अन्य टर्मिनेट कर्मचारी ने अपना फुल एंड फाइनल हिसाब कंपनी से ले लिया। इस 65 लाख के क्लेम में अंतरिम, एरियर और ब्याज भी शामिल है। लगभग एक दर्जन सेवानिवृत कर्मचारी अपना रिकवरी क्लेम करने की तैयारी कर चुके हैं जिनमे प्रत्येक 50-50 लाख का क्लेम करने जा रहे हैं।

प्रबंधन इस कर्मचारी को मनाने में जुटा… एक दर्जन से ज्यादा रिटायर कर्मचारी बनवा रहे हैं क्लेम : मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट में हिन्दुस्तान टाईम्स नयी दिल्ली प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले 3 टर्मिनेट कर्मचारियों में दो ने अपना वास्तविक हिसाब बनवाकर लगभग 65-65 लाख रुपये का रिकवरी क्लेम श्रम आयुक्त के यहाँ किया है। एक अन्य टर्मिनेट कर्मचारी ने अपना फुल एंड फाइनल हिसाब कंपनी से ले लिया। इस 65 लाख के क्लेम में अंतरिम, एरियर और ब्याज भी शामिल है। लगभग एक दर्जन सेवानिवृत कर्मचारी अपना रिकवरी क्लेम करने की तैयारी कर चुके हैं जिनमे प्रत्येक 50-50 लाख का क्लेम करने जा रहे हैं।

आपको बता दें कि हिन्दुस्तान टाइम्स नयी दिल्ली के कुल 12 लोगों ने एडवोकेट उमेश शर्मा के जरिये दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस किया था। इसमें 9 कर्मचारी सेवानिवृत थे और 3 कर्मचारी टर्मिनेट थे। इन कर्मचारियों ने श्रम आयुक्त से प्रबन्धन के खिलाफ सम्मन जारी करवा दिया था जिसके बाद प्रबंधन कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे लेकर चला आया मगर अंत में हवा का रुख अपने खिलाफ देख हिन्दुस्तान टाइम्स प्रबंधन झुक गया। उसने पहले उन 9 कर्मचारियों को बकाया भुगतान किया जो सेवानिवृत थे। इन कर्मचारियों को 6 लाख से 10 लाख रुपये का भुगतान किया गया जिसमें ढाई लाख रुपये तक चेक से भुगतान किया गया और बाकी रकम सहयोग राशि के रूप में नकद दी गयी।

फिर इसी तरह एक टर्मिनेट कर्मचारी को लगभग 14 लाख रुपये देकर पटाया गया। मगर 2 टर्मिनेट कर्मचारी अब भी वास्तविक धन राशि लेने पर अड़े हैं जिन्होंने अपना हिसाब 65-65 लाख रुपये तक का बनवाया है। इसमें एरियर, अंतरिम और ब्याज भी शामिल है। ये 9 कर्मचारी सेवानिवृत हो चुके थे और उन्होंने सेवा निवृति के बाद माननीय सुप्रीमकोर्ट में मजीठिया मामले की लड़ाई लड़ने वाले एडवोकेट उमेश शर्मा के जरिये स्टे केस और कुछ ने रिकवरी केस हाइकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में लगाया था। पहले चर्चा थी कि इन कर्मचारियों को 20 से 30 लाख रुपये दिए गए। सूत्रों की मानें तो हिन्दुस्तान टाईम्स बकाये का भुगतान दो तरीके से कर रहा है। कुछ पैसे ह्वाइट में दिखाकर और कुछ अलग से सहयोग राशि के रूप में दे रहा है।

केस लगाने वाले हिन्दुस्तान टाईम्स के 12 कर्मचारियों में से 10 कर्मचारियों को प्रबंधन ने उनका लाखों रुपये का बकाया दे दिया। अब सिर्फ 2 कर्मचारियों का भुगतान बाकी है जिनके साथ भुगतान को लेकर बातचीत जारी है। इन कर्मचारियों से समाचार पत्र प्रबंधन २०जे का फार्म नहीं भरवा पाया था। इन कर्मचारियों ने एडवोकेट उमेश शर्मा के जरिये रिकवरी से जुड़ा १७(१) का मामला लगवाया था जिसके बाद हिन्दुस्तान टाईम्स को आखिर झुकना पड़ा। यह केस नंबर था १२९। इसमें कर्मचारियों ने प्रेमचंद सिन्हा के साथ मिलकर मुकदमा किया था। सूत्र बताते हैं कि इन सभी कर्मचारियों को हिन्दुस्तान टाईम्स ने 6 से 8 लाख रुपये का भुगतान किया है। एक कर्मचारी जो टर्मिनेट था उसे 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। बाकी बचे दो कर्मचारियों ने अपना वास्तविक हिसाब बनवाकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ 65-65 लाख की रिकवरी का क्लेम किया है। उधर हिन्दुस्तान टाइम्स के कई और कर्मचारी एडवोकेट उमेश शर्मा के जरिये अपना मुकदमा दायर कर क्लेम तैयार करवा रहे हैं।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टीविस्ट
९३२२४११३३५

मूल खबर….

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
2 Comments

2 Comments

  1. madhavan

    August 21, 2016 at 10:09 am

    Pl post at least one recovery working sheet so that other print media workers can be able to know how to do the calculation.

  2. Jeelani khan

    August 22, 2016 at 3:52 am

    Sahara bhi jhukega. Wehan k bhi 50 se zyada employees majithia k liye case kr chuke hain. Unka case bhi Umesh sharma ji hi lad rhe hain.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन