गुरप्रीत गैरी वालिया-
ये हाल है एक CM का… एक नेता दूसरे नेता के लिए कैसे शब्दों का इस्तेमाल करता है आज आप देख लो. ये है दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता.
रेखा गुप्ता से एक इंटरव्यू में एंकर मानक गुप्ता ने पूछा कि एक शब्द में जवाब देना होगा . फिर मानक गुप्ता ने नाम लिया अखिलेश यादव इसका रेखा गुप्ता ने जवाब दिया टूटी चोर…
अब बताओ क्या ये ठीक है? एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए ऐसे शब्द क्या ठीक है? क्या पब्लिक ने वोट ये सब बोलने के लिए दिया है?
खैर अब देखते है समाजवादी पार्टी का लीगल सेल कब जागेगा??
सत्येंद्र पी एस-
अखिलेश यादव जब तक सत्ता में थे, किसी लिखने पढ़ने वाले को उन्होंने भाव नहीं दिया, कोई टीम नहीं बनाई। फार्च्यूनर से घूमने वाली एक जवानी कुर्बानी गैंग जरूर बनी थी, जो चूतड़ पर 2 सोंटा पड़ने पर फुस्स हो जाए।
टोंटी चुराने की एक वाहियात सी बात स्थापित कर दी गई, उस व्यक्ति के लिए, जिसकी कार के साइड मिरर की कीमत में 200 टोंटी खरीदी जा सकती है।
और आज वह जिनको कोस रहे हैं, एक जमाने में उन्होंने ही उनको स्थापित भी किया था। अगर आप राजनीति में अच्छे सहयोगी नहीं चुन सकते तो नेता नहीं बन सकते। गांधी ने हर धर्म हर जाति के बुद्धिजीवी और पढ़े लिखे लोगों को जोड़ा था, जो बेहद अमीर लोग थे और उन्होंने गांधी को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर दिया। गांधी छोड़िए, वह तो बड़ी चीज हैं।
मुलायम ने जनेश्वर मिश्र से लेकर मोहन सिंह और ब्रज बिहारी तिवारी से लगायत जमीनी स्तर पर ऐसे लोगों को चुना जो आजीवन समाजवाद का झंडा थामे रहे।
पढ़े लिखे लोगों को चुनिए, कभी आपको झंड नहीं होना पड़ेगा। धनपशुओं को आसपास रखेंगे और भाव देंगे तो वह मौका पाकर बड़े धनपशु को पकड़ लेंगे। जनता तो ट्रम्प के खिलाफ भी सड़क पर उतरी है, जो भारी भरकम राष्ट्रवाद लेकर आए हैं और बहुत बड़े धनपशु हैं।
शैलेश के यादव-
अखिलेश जी जब तक संत बनने की एक्टिंग करते रहेंगे बीजेपी के नेता ऐसे ही जलील करते रहेंगे.!
अभी ये बीजेपी के शीर्ष नेताओं के कांड को खुलकर बोलने लगे कल सब ठण्डे हो जायेगे।
बताओ एक मुख्यमंत्री ऐसे बोल रही है जिसकी खुद की CD मार्केट में घूम कर पुरानी हो चुकी है।
खैर.!
अखिलेश जी साफ-सुधरी राजनीति पसन्द करते है इसलिए अभी और जलील होना बाकि है।
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