नोएडा/गाजियाबाद—दैनिक जागरण, नोएडा से जुड़े पत्रकार सचिन मिश्रा पर गुरुवार को कोर्ट परिसर के बाहर जानलेवा हमला हुआ। पत्रकार ने 13 नवंबर को गाजियाबाद कोर्ट में एक गैंगस्टर एक्ट केस में गवाही दी थी। यह वही मामला है जिसमें कथित रूप से प्लॉट के नाम पर साढ़े दस लाख रुपये की ठगी हुई थी। गवाही देकर लौटते समय आरोपी पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
इस संबंध में थाना कविनगर में FIR नंबर 1024/2025 दर्ज है। FIR में पाँच नामजद आरोपियों—कौंशल राणा, प्रतीक राणा, गोविंद राणा, शाहिद और महेंद्र यादव—को गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया गया है।
गवाही के बाद कोर्ट गेट पर हमला
पत्रकार ने अपनी तहरीर में बताया कि जैसे ही वे अदालत से बाहर निकले, कौंशल राणा और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। पहले गाली-गलौज की, फिर धक्का-मुक्की की और उसके बाद जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उनके कपड़े फट गए और शरीर पर कई चोटें आईं। आरोप है कि आरोपियों ने धमकी दी— “अगर गवाही दी या मामला आगे बढ़ाया, तो जान से खत्म कर देंगे।”
“मेरे साथ प्लॉट के नाम पर 10.5 लाख की ठगी हुई थी” — पत्रकार
पीड़ित पत्रकार ने कहा— “प्लॉट के नाम पर मेरे साथ साढ़े दस लाख रुपये की ठगी हुई थी। उसी मामले में मैं 13 नवंबर को गैंगस्टर एक्ट में गवाही देने गाजियाबाद कोर्ट गया था। गवाही देकर लौटते समय कोर्ट परिसर के बाहर मुझ पर जानलेवा हमला हुआ। मेरे बयान के बाद आरोपी बौखला गए हैं।”
पहले भी धमकी देते थे आरोपी
FIR में दर्ज है कि ये आरोपी पिछले एक साल से पत्रकार को धमकाते आ रहे थे। कई बार रास्ता रोकने, धमकाने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी।
पत्रकार का आरोप है कि आरोपियों का इलाके में दबदबा है और वे खुद को प्रभावशाली बताकर गवाही रोकने का दबाव बनाते रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस
थाना कविनगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ: मारपीट, जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज, गुंडागर्दी, रास्ता रोककर हमला और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
“अब भी जान को खतरा है” — पीड़ित पत्रकार
पीड़ित का कहना है कि हमला सुनियोजित था और गवाही को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने कहा—“मुझे अब भी अपनी जान का खतरा है। पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।”
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