नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सहारा इंडिया समूह को लेकर एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए कुल ₹1.74 लाख करोड़ रुपये के चिटफंड-निवेश घोटाले में चार्जशीट केस दर्ज किया है। यह कदम लाखों झूठे निवेशकों से दर्जनों वर्षों तक इकठ्ठा की गई भारी धनराशि के संग्रह को लेकर हुआ है।
इस चार्जशीट में सहारा के संस्थापक सुब्रत रॉय, उनकी पत्नी सपना रॉय और बेटे सुशांत रॉय को मुख्य आरोपी बनाया गया है। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारी अनिल वलपराम्पिल अब्राहम और जितेंद्र प्रसाद (जेपी) शर्मा आदि का भी नाम शामिल है। ईडी ने सुशांत रॉय को अभिनीत आरोपी (फ्यूजिक) घोषित कर गैर-जमानती वारंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ईडी की जांच में पाया गया है कि जमा किए गए निवेशकों का पैसा अवैध निवेश, निजी संपत्ति ख़रीदी और मनी लाँड्रिंग में उपयोग हुआ। इसी जांच के सिलसिले में ईडी ने संगठन की कई संपत्तियों और बैंक खातों की तलाशी ली है और इन्हें जब्त करने का कार्य शुरू कर दिया है।
यह मामला असल में करोड़ों निवेशकों की उम्मीदों और जोख़िम से जुड़ा है। यह कार्रवाई इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जाती है, क्योंकि लंबे समय से प्रेरित इस निवेश धोखे में फंसे लोगों को न्याय की उम्मीद थी।
हजारों एजेंटों के जरिए जुटाए थे निवेशक
जांच एजेंसी के मुताबिक, सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिए लाखों निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया गया। इसके लिए सहारा समूह ने देशभर में हजारों एजेंटों का नेटवर्क खड़ा किया। ग्रामीण और छोटे कस्बों तक निवेशकों को जोड़कर रकम जुटाई गई।
बेटों की शादी पर 550 करोड़ खर्च
ईडी की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि निवेशकों से जुटाए गए पैसों में से करीब 550 करोड़ रुपए सहारा प्रमुख सुब्रत राय के बेटों की शादियों पर खर्च किए गए। यह रकम आलीशान इंतजाम, होटल, लग्ज़री कार, कैटरिंग और डेकोरेशन पर उड़ाई गई।
निवेशकों के पैसे से खड़े किए प्रोजेक्ट
एजेंसी के अनुसार, सहारा ने निवेशकों के पैसे से मुंबई का होटल सहारा स्टार, सहारा ग्रेस, सहारा सिटी होम्स और एम्बी वैली प्रोजेक्ट जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट खड़े किए। ईडी का आरोप है कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए निवेशकों के पैसों का दुरुपयोग किया गया।
अब तक 27 हजार करोड़ लौटाए
ईडी ने बताया कि सहारा समूह अब तक निवेशकों को करीब 27,330 करोड़ रुपए वापस कर चुका है। वहीं 1.35 करोड़ निवेशकों को 5,139.23 करोड़ रुपए की रिफंडिंग की जा चुकी है। हालांकि अभी भी भारी रकम बकाया है।



