सुप्रीम कोर्ट ने तेलुगु न्यूज चैनल साक्षी टीवी (Sakshi Tv) के एंकर कोमिनेनी श्रीनिवास राव को जमानत दे दी, राव को आंध्रा पुलिस ने अमरावती क्षेत्र में महिलाओं को लेकर एक अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में हिरासत में लिया था।
अदालत ने यह आदेश राव की तरफ से उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में पारित किया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने निर्देश दिया कि 70 वर्षीय पत्रकार (एंकर), जिन्हें जून 9 को हिरासत में लिया गया था, को रिहा किया जाए।
न्यायालय ने कहा- “टिप्पणी करने वाले राव नहीं थे, बल्कि कार्यक्रम में बैठे एक पैनलिस्ट ने यह विवादास्पद टिप्पणी की थी। अदालत ने दो अन्य सीनियर टीवी पत्रकारों का भी उदाहरण दिया, जो अक्सर टीवी पर लाइव ऊट-पटांग बयान देते हैं।”
पीठ ने कहा- “याचिकाकर्ता ने खुद लाइव टीवी शो में बयान नहीं दिया और उसके पत्रकारीय अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए ताकि उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहे। हम निर्देश देते हैं कि याचिकाकर्ता को ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों के अधीन FIR में रिहा किया जाए।”
साथ ही पीठ ने राव को निर्देश दिया कि वह अपने कार्यक्रम में कोई अपमानजनक बयान न दें। और न ही भविष्य के प्रसारणों में किसी अतिथि को ऐसा करने दें।
पूरा मामला क्या है?
बता दें कि 6 जून को साक्षी टीवी पर लाइव प्रसारित शो में ये टिप्पणी पत्रकार राजू द्वारा की गई थीं, जिन्होंने अमरावती क्षेत्र को कथित तौर पर वेश्याओं की राजधानी कहा था। आंध्र प्रदेश पुलिस ने 9 जून को राजू और राव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कई प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।
राव को 10 जून को आंध्र प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अदालत ने किन दो टीवी पत्रकारों का नाम लिया?
साक्षी टीवी के एंकर को जमानत देते हुए पीठ ने नाविका कुमार और राजदीप सरदेसाई का उदाहरण देते हुए कहा कि यह लोग टीवी पर अक्सर जली कटी बातें करते पाए जाते हैं, तब तो किसी को आपत्ति नहीं होती है।

प्रभाकर कुमार मिश्रा-
गेस्ट ने कुछ आपत्तिजनक बोला तो आप एंकर को गिरफ्तार कर लेंगे? हम तो ऐसा रोज देखते हैं कि गेस्ट अनाप शनाप बोलते हैं और एंकर हँसते रहते हैं: सुप्रीम कोर्ट!
साक्षी टीवी के डिबेट शो में एक गेस्ट ने अमरावती पर विवादित टिप्पणी की। आंध्र प्रदेश पुलिस ने साक्षी टीवी के एंकर के श्रीनिवासन राव को गिरफ्तार कर लिया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि पैनलिस्ट पीवीआर कृष्णम राजू ने अमरावती पर आपत्तिजनक बयान दिया, उस दौरान एंकर के श्रीनिवास राव हंसते रहे और उन्होंने पैनलिस्ट को रोकने की कोशिश नहीं की!
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: लेकिन ये तो आजकल रोज हो रहा है! (कोर्ट ने दो बड़े टीवी एंकर्स का नाम लेते हुए कहा कि उनके शो में तो ऐसा ही होता है।) किसी दूसरे ने बयान दिया तो आप एंकर को कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं? और कोर्ट ने एंकर के श्रीनिवास राव को जमानत दे दी।
(एंकर्स का नाम मैंने जानबूझकर नहीं लिखा है। कोर्ट ने दो एंकर्स का नाम बोला था, जबकि ऐसे कई हैं। इसलिए मैंने नाम नहीं लिखना बेहतर समझा।)
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