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मध्य प्रदेश

इंटरनेट मीडिया दो-धारी तलवार, इसकी स्वच्छंदता नियंत्रित नहीं किया तो आजादी पर खतरा : हरिवंश

सप्रे संग्रहालय की चित्र दीर्घा में जागरण के पूर्व संपादक स्व विनोद शुक्ला की तस्वीर लगेगी!

राजू मिश्रा-

भोपाल : राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा है कि इंटरनेट मीडिया दो धारी तलवार है। इसकी स्वच्छंदता को नियंत्रित नहीं किया गया तो हमारी आजादी पर खतरा आ जाएगा। दूसरी ओर प्रिंट मीडिया आज भी जिम्मेदार है। यहां आप अपनी अपत्ति और शिकायत दर्ज करा सकते हैं। समाचारपत्र की विश्वसनीयता आज भी सबसे ऊपर है।

हरिवंश, शनिवार को माधवराव सप्रे समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान सभागार में हिंदी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में उन्होंने जागरण समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी को माधवराव सप्रे राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया। इस प्रतिष्ठित सम्मान से उपसभापति हरिवंश भी विभूषित हो चुके हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “फ्रांस की क्रांति से लेकर महात्मा गांधी तक विचारों का युग था। शुरुआत में विचारों को लेकर ही समाचारपत्र शुरू हुए। आज विचारों का नहीं तकनीक का युग है। तकनीक ही दुनिया बदल रही है। एआइ के आने के बाद इसमें और तेजी आई है। डिजिटल और इंटरनेट मीडिया ने हमारे बीच आपसी संवाद को खत्म कर दिया है। यह तकनीक मानव मस्तिष्क को नियंत्रित कर रही है।”

समारोह की अध्यक्षता भारतीय प्रेस परिषद के वरिष्ठ सदस्य प्रकाश दुबे ने की। दैनिक जागरण-नईदुनिया समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, सप्रे संग्रहालय के संस्थापक संयोजक विजयदत्त श्रीधर ने समारोह को संबोधित किया।

इस अवसर पर विष्णु प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि “आज का यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि दैनिक जागरण, नईदुनिया/नवदुनिया के 11 राज्यों में फैले लगभग तीन हज़ार से अधिक पत्रकारों का सम्मान है, जो विपरीत परिस्थितियों में रहकर पत्रकारिता और समाचारपत्र को ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रयासरत हैं। वे देवतुल्य साथी हैं, जिनके कारण ही यह सम्मान प्राप्त करने का अवसर मिला है। वास्तव में यह उन साथियों के पुरुषार्थ और समर्पण का सम्मान है, जिसे उनके प्रतिनिधि के रूप में मैं ग्रहण कर रहा हूं। यह जागरण/नईदुनिया समूह के राष्ट्र और समाज के प्रति निभाए जा रहे कर्तव्य का सम्मान है। उन्होंने सम्मान के साथ मिली धनराशि सप्रे संग्रहालय को ही समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर संभव हुआ तो इस प्रकल्प के लिए कुछ करने का प्रयास करुंगा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने समाचार माध्यमों में शब्दों के प्रयोग को लेकर सचेत किया।

उन्होंने कहा कि अब गलत संदर्भों में अनुचित शब्द प्रयुक्त होने लगे हैं। इससे बचने के लिए पत्रकारों को पढ़ना और शब्दों पर चर्चा करते रहना जरूरी है।”

दैनिक जागरण लखनऊ के पूर्व संपादक स्व. विनोद शुक्ल की तस्वीर अब भोपाल के माधव राव सप्रे संग्रहालय में बनाई गई यशस्वी संपादकों की चित्र दीर्घा में लगाई जाएगी। जो तस्वीर लगाई जाएगी उसका समारोह में विमोचन किया गया।

बनारस में 19 नवंबर 1941को जन्मे विनोद शुक्ल स्वयं में संस्थान थे। हिंदी पत्रकारिता में अखबार को बहुसंस्करणीय बनाना उन्हीं की संकल्पना थी। वाराणसी के सुविख्यात दैनिक आज का कानपुर से प्रकाशन उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। दैनिक जागरण लखनऊ के संपादक के रूप में उनके सिखाये सैकड़ों पत्रकार आज विभिन्न संस्थानों में संपादक हैं। उत्तर प्रदेश की पत्रकारिता में उनका नाम बहुत आदर के साथ लिया जाता है। उनमें से एक असंभव काम को संभव कर दिखाने की अद्भुत क्षमता थी। वे किसी भी काम को छोटा या बड़ा नहीं मानते थे और हर काम को स्वयं हाथ लगाकर कर डालने में विश्वास रखते थे।

18 मई 2009 को लखनऊ में यशस्वी संपादक विनोद शुक्ल का बीमारी के चलते निधन हो गया था।

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