जिया न्यूज़ के स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर

जिया न्यूज़ की हालत बेहद ख़राब हो चुकी है… जिया न्यूज़ में काम करने वाले स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं… पिछले आठ महीनो से स्ट्रिंगरों को पैसो के नाम पर सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है लेकिन वो तारीख कब आएगी, यह कोई नहीं जानता… इस पत्र को लिखने वाला मैं भी खुद इस चैनल से जुड़ा एक स्ट्रिंगर हूं, जो इस माली हालत से गुजर रहा हूं… 

इस पत्र को लिखने के पीछे चैनल की छवि खराब करने का मेरा उद्देशय नहीं है… मैं तो सिर्फ इस पत्र के माध्यम से अपने जैसे सैकड़ो स्ट्रिंगरों की बात आप तक पहुंचा रहा हूं। इस चैनल ने शुरुआती दौर बड़े- 2 दावे किये थे… अपने आपको एक अलग चैनल बताया गया था… स्ट्रिंगरों को बड़े -2 सपने दिखाए थे… कहा गया था सिर्फ आपको खबरों पर ध्यान देना है, आपको पैसों की चिंता बिलकुल नहीं करनी…आपको हर महीने आपकी खबरों का पैसा मिलता रहेगा…

शुरू के दो महीनो तक तो कुछ पैसा दिया गया, लेकिन उसमे भी 30 % काट कर दिया गया और पिछले इनपुट हैड की कमी बताते हुए आगे सब ठीक करने की बात कही गयी… लेकिन जैसे ही चैनल को कुछ महीने गुजरे तो चैनल की हालत ख़राब होती चली गयी… असाइमेंट की टीम में भी फेरबदल होने शुरू हो गए … अच्छे लोग इस चैनल को बाय -2  बोल गए और फंस गए बेचारे स्ट्रिंगर…

ये तो भला हो भड़ास 4 मीडिया का जिसके माध्यम से अपना दुःख कहने का मौका मिल रहा है… अन्यथा चैनल के अंदर तो स्ट्रिंगरो का दर्द सुनने को कोई तैयार नहीं है… अभी कुछ ही दिनों पहले जब मैंने अपनी स्टोरी के पेमेंट की बात की तो कहा गया कि जल्द ही आपका पैसा आप तक पहुंच जाएगा लेकिन यह नहीं बताया कि यह जल्दबाजी कब दिखाई जाएगी…. यह हालत सिर्फ मेरी अकेले की नहीं है… मेरे जैसे सैकड़ो स्ट्रिंगरों की हालत ऐसी ही है जो यह सब झेल रहे हैं…अब तो चैनल को स्टोरी आइडिया भी भेजने को मन नहीं करता… काफी संख्या में स्ट्रिंगरों ने तो खबर भेजनी भी चैनल को बंद कर दी है… अब एक आखिरी उम्मीद सिर्फ भड़ास 4 मीडिया से ही है जो हमारी आवाज उन चैनलों के मालिकों तक पंहुचा सकता है जिन्हे स्ट्रिंगरों की तकलीफ समझ नहीं आ रही… भड़ास 4 मीडिया हमेशा ही हमारे जैसे हजारों लोगों की आवाज उठाता रहा है… यशवंत जी मेरी आपसे गुजारिश है कि इस खबर में मेरा नाम ना छापा जाए.. धन्यवाद…

जिया न्यूज के एक स्ट्रिंगर द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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Comments on “जिया न्यूज़ के स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर

  • krantikari says:

    bhai ye haal jia news ka hi nahi kuch channels ko chhod kar sabhi channels ka ye hi haal hai…. reporter channel ki reed bki haddi hota hai jis din reporter ek ho gaye to pata chal jayega in media houses ke logo ko….. magar bhai ye reporter kabhi ek nahi ho sakte….. utho jago dusro ke haq ki ladai ladne walo apne haq ke liye haq ki ladai lado…..

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