सुधांशु माथुर बने जनतंत्र TV के एडिटर इन चीफ, आदित्य EE और प्रतिक ME होंगे

सीनियर टीवी जर्नलिस्ट सुधाँशु माथुर जनतंत्र TV से अपनी नई पारी शुरू करेंगे. सुधाँशु माथुर जनतंत्र TV के एडिटर इन चीफ होंगे. आदित्य त्रिपाठी और प्रतिक मिश्रा ने भी जनतंत्र TV को ज्वाइन किया है. आदित्य त्रिपाठी एजीक्यूटिव एडिटर की और प्रतिक मिश्रा मैनेजिंग एडिटर की जिम्मेदारी सम्हालेंगे.

जनतंत्र TV करीब एक साल पहले पंचकुला से लांच हुआ था और हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश की खबरों पर फोकस करता था. चैनल को विस्तार की योजना के तहत नोएडा सेक्टर 4 में शिफ्ट किया गया है.

चैनल की कमान सुधाँशु माथुर और उनकी टीम को सौंपी गयी है. इस टीम ने एक महीने से कम समय में चैनल को लांच के लिए तैयार कर लिया है. उम्मीद है बहुत जल्द चैनल दर्शकों के बीच होगा.

सुधाँशु माथुर पिछले 26 साल से मीडिया क्षेत्र में कार्यरत हैं. उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों माध्यम में काम करने का खासा अनुभव है. सुधाँशु माथुर ने कई क्षेत्रीय चैनलों को सफलता पूर्वक लांच किया है.

वहीं आदित्य त्रिपाठी और प्रतिक मिश्रा को भी देश के कई बड़े चैनल में काम करने का अनुभव है. आदित्य को आउट पुट और प्रतीक को इनपुट का अच्छा रणनीतिकार माना जाता है. जनतंत्र TV पर फ़िलहाल हिंदी भाषी राज्यों की खबरों पर फोकस किया जायेगा.

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Comments on “सुधांशु माथुर बने जनतंत्र TV के एडिटर इन चीफ, आदित्य EE और प्रतिक ME होंगे

  • subhash chander says:

    हरियाणा चुनाव से पहले पंचकूला छोड़ सैलरी हड़प कर भागा जनतंत्र टीवी… नोएडा में चैनल के नाम पर हो सकता है फर्जीवाड़ा… आवाज़ आपकी बनने का दावा करने वाला एक चैनल है जनतंत्र टीवी, नाम तो कहीं सुना नहीं, लेकिन कहते हैं कि करीब आठ महीने तक हरियाणा के पंचकूला शहर से चला, अब इस चैनल की लूट कथा सामने आई है, इस चैनल को दिल्ली के एक रियल एसटेट कारोबारी अमिल बैद्य नाम का शख्स चलाता था, शुरु में चैनल के प्रोमो देखकर लगता रहा कि चैनल वाकय में कुछ करेगा. एक के बाद एक प्रोमो और कुछ भरोसेमंद नाम के पत्रकारों के साथ इस चैनल की शुरुआत हुई।
    लेकिन कहते हैं कि जब मन में चोर हो तो भगवान भी आपका क्या भला करेगा, मालिक चैनल चलाने को मजाक समझा, इस चैनल में कुछ विश्वसनीय चैनलों के लोग काम कर रहे थे मालिक ने उनके ऊपर दिल्ली के ठेकेदारों की फौज लाकर लाद दी, हुआ क्या जैसे तैसे कर कंटेट का मजाक बनाया गया। खैर मालिक, कहते हैं कि उन्हें इसका कोई फर्क नहीं पड़ता दिल्ली में अच्छा खासा कारोबार जो है, मालिक ने दिल्ली की एक फौज पर भरोसा किया। चैनल चलते चलते रह गया। एक के बाद एक लोग चैनल को छोड़ते गए, और मालिक कहता गया कि फर्क कहां पड़ता है किसी के जाने से।

    चैनल की बैठक हुई और कहा गया कि एनडीटीवी की तरह सभी कर्मचारियों को चैनल अपने शेयर देगा, और सैलरी में भी इजाफा होगा। अगले ही कुछ दिन में चैनल में फैसला हुआ कि अब हमसे न हो पाएगा, मालिक ने अगले साल हरियाणा में होने वाले चुनाव से पहले ही हथियार डाल दिया, चैनल को दिल्ली ले जाने को कह दिया गया। अगले दिन फिर बोला गया कि चैनल को दिल्ली से नहीं पंचकूला से चलाएंगे, ये बात इसलिए कि कहीं पत्रकारों के मन में ये न रह जाए कि चैनल जा रहा है और भविष्य को देखते हुए कुछ फैसले ले लिए जाएं, इस बात से बचने के लिए मालिक ने झूठ का सहारा लिया और कह दिया कि कर्मचारी भगवान है, शेयर होल्डर्स नहीं चाहेंगे तो चैनल नहीं जाएगा।

    लेकिन कुछ दिन बाद रातों रात पंचकूला से सामान गाड़ी में लादकर नोएडा के सेक्टर-4 में उतारा गया। क्योंकि सेक्टर-4 से ही अब चैनल चलाने का इंतजाम जो किया गया था। आप सोच में पड़ गए होंगे कि रातों- रात क्यों आना पड़ा, मिनिस्ट्री भाग रही थी क्या, अरे भाई बेचारे पत्रकारों की सैलरी जो नहीं देनी थी। डेढ़ महीने की सैलरी डकराने वाली जनतंत्र टीवी में आजकर विज्ञापन निकला है, जिसमें काम में ललक रखने वाले योग्य उम्मीदवारों की नौकरी निकली है, सवाल पूछा जा सकता है कि योग्यता का तो पता नहीं लेकिन भाग कर आ गए हो तो सैलरी भी दोगे या नहीं।

    जब सैलरी देने के पैसे मालिक के पास नहीं है तो चैनल क्यों खोल लिया? पंचकूला में जनतंत्र टीवी के नाम पर खूब लूट खसूट हुई है, जिन लोगों की पहली नौकरी थी उन्हें कहा गया कि आपकी सैलरी से पीएफ भी कट रहा है लेकिन 8 महीने काम कराने के बाद पीएफ तक नहीं दिया, पीएफ तो दूर उसका नंबर तक नहीं दिया। डेढ़ महीने की सैलरी को डकार लिया गया, सुबह जब लोग ऑफिस गए तो वहां ताला लटका था, देश में ऐसा चैनल तो कम से कम कहीं नहीं था, जो अपने कर्मचारियों से बेवफाई करे, आज तक कोई भी चैनल रात को सामान उठाकर भागा है देश में कहीं? अगर नहीं तो नोएडा में नेशनल चैनल जनतंत्र टीवी के नए ऑफिस सेक्टर 4 में जाकर अनुभव जरुर पूछने का कष्ट करें। पत्रकारों और पत्रकारिता पर भरोसा रखने के लिए हजारों भविष्य के जनहित में जारी
    लोगों का पैसा हड़प कर भागा जनतंत्र टीवी
    subhash chander
    livesubhash@gmail.com

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  • सतेंद्र भाटी जैसा बंदा हो तो जनत्रत टीवी चैनल कया देश को भी बेच सकता हैं

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    • राकेश कुमार सिंह says:

      जब चैनल का मालिक ही पूरा फर्जी है तो फिर चैनल की क्या बिसात ….. मुझे तो यहां तक पता चला है कि चैनल मालिक अमित वैघ के खिलाफ कई फर्जीवाड़े के मामले तक दर्ज हैं और अभी से ही साऊथ दिल्ली के छतरपुर इलाके में अवैध बिल्डिंगों के शॉट्स बनवाकर निगम अधिकारियों ( J.E.- धीरेंद्र ) को ब्लैकमेल तक कर रहा है और साथ ही हंसलोक आश्रम से भी लाखों रुपए धमका कर ले चुका है । ये चैनल चलने से रहा ये तो बस अपने एम्प्लाई के पैसे मारने व ब्लैकमेलिंग के काले धंधे में लगा हुआ है ।

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