पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद का 9 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में तारकिशोर एक पत्रकार को न सिर्फ हड़का रहे हैं बल्कि माइक को झटका देकर उसका हाथ भी मरोड़ते कैमरे पर कैद हुए हैं। नीचे पढ़ें वीडियो भी देखें….
देवकी नंदन मिश्रा-
यह सवाल कोई मुश्किल तो था नहीं आलोचना भी नहीं जो नेताजी भड़क गये और पत्रकार की बांह मरोड़ने लगे।
ये BJP के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद हैं।
पत्रकार ने पूछा:- 20 साल में मोदी-नीतीश की सरकार ने क्या काम किया? सवाल सुनते ही तारकिशोर प्रसाद नाराज हो गए, पत्रकार का हाथ मरोड़ने लगे और मारपीट की।
ये है BJP का ‘जंगलराज’- जहां सवाल पूछना गुनाह है।
पुष्प रंजन-
सार्वजनिक जीवन में गुंडई! नेताजी लात खाने वाला काम किये हैं, या नहीं?
अभी मैं एक वीडियो क्लिप देख रहा था, एक पत्रकार निवर्तमान डिप्टी सी एम तारकिशोर प्रसाद से सवाल कर रहा था, पहले इस शख़्स ने उसका माइक झटक दिया, फिर खड़े होकर उस पत्रकार का हाथ मरोड़ने लगे. वो पत्रकार बेचारा ‘सर-सर’ बोले जा रहा था.
भ्रष्टाचार को लेकर जब भी इनसे प्रश्न पूछा जाता है, ये पायजामे से बाहर हो जाते हैं. नवम्बर 2020 में बिहार में सुशील मोदी जगह डिप्टी सीएम का पद इन्हें मिला था. मीडिया वालों से इतनी गर्मी कभी सुशील मोदी भी नहीं दिखाते थे.
अररिया में भी 19 अप्रैल 2022 का एक वीडियो मैं देख रहा था. पत्रकारों पर भड़के डिप्टी सी एम तारकिशोर प्रसाद ने गुस्से में कहा- “जो छापना है… छाप दीजिए, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।” फ़र्क़ तो पड़ेगा नेताजी. जब कुर्सी छीन जाएगी, पब्लिक का कोई भरोसा नहीं कपड़े फाड़कर दौड़ाये, या जूतों से पीट-पीटकर सूद-ब्याज समेत हिसाब बराबर कर दे .
इसलिए मैं कहता हूँ, जो लोग छोटे शहरों में पत्रकारिता कर रहे हैं, दलाली या चिरौरी नहीं करके सड़कों पर सिस्टम से सवाल पूछ रहे हैं, वही हमारे हीरो हैं. बंद कमरे में देवानंद की तरह हाथ भाँज-भाँजकर ज्ञान देने वाले लोग आइकॉन हो सकते हैं, रीयल पत्रकार नहीं.



