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तेजस्वी के इंटरव्यू पर प्रज्ञा को ट्रोल करने वालों की हिम्मत अमित शाह और नीतीश से सवाल करने की नहीं है!

देवकी नंदन मिश्रा-

लखनऊ की पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा सोशल मीडिया की पत्रकारिता का अब बड़ा नाम हो गया है। प्रज्ञा खुलकर सवाल पूछती हैं और सत्ता से जुड़े लोगों को कटघरे में खड़ी करने के लिये जानी जाती हैं।

प्रज्ञा पहले भारत समाचार में बृजेश मिश्रा जी की टीम की प्रमुख रिपोर्टर थीं। वह भीड़ में घुसकर सवाल पूछती रहीं हैं यह अच्छी पत्रकारिता है। अभी कुछ दिन पहले प्रज्ञा ने तेजस्वी यादव का इंटरव्यू किया। यह इंटरव्यू चलते-चलते लिया गया।

इंट्रेस्टिंग तरीके से यह इंटरव्यू लिया गया। थोड़ा सा हटकर। इसके बाद से प्रज्ञा को कुछ पत्रकार और ट्रोलर सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं। उनका कहना है कि तेजस्वी से यह सवाल पूछना चाहिए था वह सवाल पूछना चाहिए। वह इतनी नौकरी कैसे देंगे यह सवाल पूछना चाहिए।

जिन्होंने यह सवाल प्रज्ञा पर उठाया उन्होंने कभी 11 साल मोदी जी से नहीं पूछा कि हर साल दो करोड़ नौकरी कहाँ है? तेजस्वी आज सरकार में नहीं हैं जब वह सरकार में आएंगे तब तो यह सवाल बनता है।

पत्रकार का काम सत्ता से होना चाहिए कि आपने 20 साल में क्या किया उसका हिसाब दीजिये। लेकिन अब हो उल्टा रहा है सवाल सत्ता की बजाय विरोधी दलों के नेताओं से किया जा रहा है जो पत्रकारीय धर्म के खिलाफ है।

पत्रकार का कार्य व्यवस्था के खिलाफ उससे सवाल पूछना है चाहे कोई भी हो। गोदी मीडिया यह तो कर नहीं रहा है सोशल मीडिया के पत्रकार यह कर रहे हैं तो उन पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं जो पत्रकारिता के लिए ठीक नहीं है।

जो प्रज्ञा को ट्रोल कर रहे हैं उनकी हैसियत हो तो जाकर अमित शाह और नीतीश कुमार से आज के जंगलराज के बारे में पूछ लें।

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2 Comments

2 Comments

  1. Ajit Kumar Pandey

    November 1, 2025 at 9:05 am

    हां बिल्कुल सही कहा तुमने लेकिन वे जो ट्रोलर्स हैं ना वे तुम्हारी तरह दलाली करके जिंदगी नहीं जीते हैं समझे। वे अपनी महनत मजदूरी जिंदगी जीते हैं तुम्हें शर्म आनी चाहिए पूरी जिंदगी दो रूपए की दलाली करते बीत गई अब लगता है दुकान बंद होने को है।

  2. Arjun

    November 1, 2025 at 10:36 am

    ‘जिनके अपने घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारा करते…’
    दिक्कत इस बात से नहीं है कि प्रज्ञा ने कैसे इंटरव्यू लिया, दिक्कत इस बात से है कि वो दूसरों को एथिक्स का ज्ञान देती हैं और उन्होंने ऐसे कई वीडियो किए हैं जिसमें वो मीडियाकर्मियों को ट्रोल करती हुई दिख रही हैं. देवकी नंदन मिश्रा जी,, एक बार उनके यूट्यूब पर देख लीजिए, जो दूसरों को नैतिकता का ज्ञान देती हैं तो यही नैतिकता तब कहां चले जाती है जब बात उन पर लागू होती हैं. चीखना-चिल्लाना कोई पत्रकारिता नहीं हैं.

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