इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में 24 किन्नरों के एक साथ फिनाइल पीने की घटना ने पूरे देश के किन्नर समाज को हिला दिया है। इस मामले में अब तक दो पत्रकारों के नाम सामने आ चुके हैं — और अब इसमें एक वकील का नाम भी जुड़ गया है।
किन्नरों ने वीडियो जारी कर वकील सचिन सोनकर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सपना हाजी के नाम पर सोनकर ने न सिर्फ भ्रांतियां फैलाईं, बल्कि किन्नरों की संपत्ति भी अपने नाम करवा ली। आरोप लगाने वाले वही किन्नर हैं जिन्होंने सपना हाजी का गुट छोड़कर नंदलालपुरा गुट का दामन थामा है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सपना हाजी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पत्रकारों पर भी लगे गंभीर आरोप
मामले का दूसरा बड़ा पहलू मीडिया से जुड़ा है। किन्नरों के मुताबिक, विवाद की जड़ में दो पत्रकार — अक्षय और पंकज — हैं, जो पिछले कुछ महीनों से उनके घर आते-जाते थे। आरोप है कि इन पत्रकारों ने जबरदस्ती संबंध बनाए और धमकी दी कि अगर बात बाहर गई तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।

किन्नरों का दावा है कि दोनों ने उनसे डेढ़ लाख रुपये भी वसूले। इस पूरी कहानी में मीडिया के कुछ चेहरों की भूमिका अब जांच के घेरे में है, और सोशल मीडिया पर पत्रकारिता की साख को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आत्महत्या के प्रयास से मचा हड़कंप
दरअसल, बुधवार को इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में रहने वाले 24 किन्नरों ने एक साथ फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। इस सामूहिक आत्मघाती कदम ने पुलिस और प्रशासन दोनों के होश उड़ा दिए। सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
किन्नर समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही ने इस स्थिति को जन्म दिया है।
पुलिस की जांच पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि किन्नरों के दो गुटों के विवाद को लेकर पुलिस ने करीब चार महीने पहले एक SIT का गठन किया था। लेकिन यह SIT सिर्फ नाम की रही — न किसी का बयान लिया गया, न कोई रिपोर्ट तैयार हुई। अब जब मामला सुर्खियों में आया तो पुलिस “एक्शन मोड” में है।
एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा ने बताया किः–
“फिनाइल कांड की जांच अब नए सिरे से की जा रही है। सभी किन्नरों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
समाज में आक्रोश, सड़क पर उतरने की चेतावनी
देशभर के किन्नर संगठनों ने इस घटना को लेकर आक्रोश जताया है। कई संगठनों ने कहा है कि अगर दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सवाल वही – कौन है असली गुनहगार?
फिलहाल यह मामला अब तीन मोर्चों पर जांच के घेरे में है —
- पत्रकारों पर यौन शोषण और आर्थिक वसूली के आरोप,
- वकील पर संपत्ति हड़पने का आरोप,
- और पुलिस पर जांच न करने का आरोप।
तीनों पक्षों पर उंगलियां उठ रही हैं, लेकिन जवाब किसी के पास नहीं है।



