गढ़वा: झारखंड के जिले के गढ़वा स्थित मेराल थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 27 वर्षीय युवक विनायक प्रजापति ने बुधवार रात अपने ही घर में स्थित स्टूडियो में आग लगा दी। इस घटना में पूरा परिवार बाल-बाल बच गया, लेकिन घर और स्टूडियो को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो गई।
स्थानीय मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार, विनायक प्रजापति का घर के पास ही एक स्टूडियो है, जहां एडिटिंग और वीडियो निर्माण का काम किया जाता था। पड़ोसियों और परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से विनायक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। बुधवार रात करीब 10 बजे उन्होंने स्टूडियो का दरवाजा अंदर से बंद किया और उसमें आग लगा दी।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मेराल थाना प्रभारी विजय कांत अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उस समय घर के अंदर सभी परिवार के सदस्य मौजूद थे। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और पानी डालकर आग पर काबू पाया।
इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आग की चपेट में आकर घर का बड़ा हिस्सा और पूरा स्टूडियो जलकर नष्ट हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आग को पूरी तरह बुझाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाया जा रहा है कि युवक ने यह कदम किन कारणों से उठाया।
इस प्रकरण पर वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार पांडेय की टिप्पणी-

यह ख़बर पढ़कर मन अजीब हो गया सुबह-सुबह… विनायक प्रजापति ने ज़मीन बेचकर स्टूडियो बनवाया, यू ट्यूब चलाने के लिए। बहुत कोशिशों के बावजूद चैनल नहीं चला। हताश होकर खुद को स्टूडियो में बंद किया और आग लगा ली।
अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं चैनल शुरू करने के लिए। मैं यही कहता हूँ कि इनवेस्टमेंट उतना ही कीजिए शुरू में जितना डूब जाए तो बर्दाश्त कर सकें। फिर जैसे-जैसे काम बढ़े, बढ़ाते जाइए।
सच यह है कि यू ट्यूब में अब सेचुरेशन जैसी स्थिति है। अलग कटेंट दे पाना और उसके लिए दर्शक जुटा पाना आसान नहीं है। पैसे उतने नहीं आते जितना शोर होता है। इस काम के लिए बैंक लोन नहीं देंगे।
दांव पर उतना ही लगाइए जितना आसानी से हो सके…
अगर आप लंबी रेस का घोड़ा होने का माद्दा रखते हैं तभी इस रेस में कूदे, वो भी कम से कम इंवेस्टमेंट के साथ. हो सके तो वॉयस ओवर, एडिटिंग जैसे स्किल्स पहले खुद सीखें. ये सोचना बेवकूफ़ी है कि यूट्यूब चैनल बनाते ही एक दो महीने में पैसों की बरसात होने लगेगी. आप क्रिएटिव हैं तो भी आपको स्थापित होने में कुछ साल लगेंगे. कुछ पैसा आने लगे तभी आप और इंवेस्टमेंट की सोचें. ये भी जान लें कि नियमित तौर पर अलग तरह का कंटेंट देना और व्यूज़ जुटाना बहुत टेढ़ी खीर है…
विनायक के इस दुःखद प्रकरण के साथ 2024 में फूड व्लॉगर नलिनी उनागर की आपबीती याद आ गई. नलिनी उनागर ने तीन साल की मेहनत और 8 लाख रुपये के निवेश के बाद यूट्यूब पर अपना कुकिंग चैनल “नलिनीज़ किचन रेसिपी” बंद कर दिया. 250 से अधिक वीडियो बनाने के बावजूद, उनागर के चैनल पर केवल 2,450 सब्सक्राइबर ही आए, जिसके चलते उन्होंने सभी कंटेंट डिलीट कर दिए और अपने किचन और स्टूडियो के उपकरण बेचने का फैसला किया… नलिनी ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा था, “मैं सचमुच यूट्यूब से नाराज़ हूँ. मैंने अपना पैसा, समय और यहाँ तक कि अपना करियर भी चैनल बनाने में लगाया, लेकिन बदले में यूट्यूब ने मुझे कुछ नहीं दिया…”
याद रखिए दूर से चमकने वाली हर चीज़ सोना नहीं होती…
-खुशदीप सहगल


