नई दिल्ली/छत्तीसगढ़/कौशांबी | उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महामंत्री विनोद तिवारी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर आपत्तिजनक और भ्रामक वीडियो/पोस्ट साझा की थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यह कार्रवाई महेवाघाट थाना क्षेत्र के डकशरीरा गांव में दबिश देकर की। पुलिस टीम विनोद तिवारी को हिरासत में लेने के बाद दिल्ली ले गई। स्थानीय पुलिस के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम निरीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में यहां पहुंची थी और कार्रवाई की जानकारी महेवाघाट थाने में दर्ज कराई गई।
बताया जा रहा है कि विनोद तिवारी मूल रूप से कौशाम्बी के डकशरीरा गांव के निवासी हैं, लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहते हैं और कांग्रेस संगठन में प्रदेश संयुक्त महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने 8 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ा एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा किया था, जो बाद में वायरल हो गया। इसके बाद मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और उनकी तलाश की जा रही थी।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
विनोद तिवारी अपने पिता के निधन के बाद उनका पिंडदान करने पहुंचे थे। यहीं से पुलिस को सूचना मिली कि विनोद तिवारी अपने पैतृक गांव डकशरीरा आए हुए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने कौशाम्बी पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की टीम आरोपी को अपने साथ लेकर दिल्ली रवाना हो गई है, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट या मॉर्फ्ड वीडियो साझा करने के मामलों में अलग-अलग राज्यों में पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।
उधर विनोद तिवारी ने दो वीडियो साझा किए हैं। एक पटियाला हाउस कोर्ट का है और दूसरा गिरफ्तारी संबंधी। गिरफ्तारी होने पर विनोद लिखते हैं-
अगर जनता के अधिकारों की बात करना और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना अपराध है, तो मैं हमेशा लोकहित के लिए बोलूँगा.. भाजपा सरकार द्वारा मेरे खिलाफ की गई दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही मुझे डराने के लिए नहीं, बल्कि मुझे और मज़बूत बनाने के लिए है। मैं जनता की आवाज़ था, हूं और हमेशा रहूंगा..इंकलाब जिंदाबाद….
https://www.facebook.com/share/r/1E2euryEWk
https://www.facebook.com/share/r/1DHSivVvgw
बता दें कि विनोद तिवारी द्वारा 3 फरवरी को पोस्ट किए गये जिस वीडियो को गिरफ्तारी का आधार बनाया गया है वह भड़ास को उनकी टाइमलाइन पर नहीं मिला, लेकिन हमें फरवरी और मार्च के बीच साझा की गईं कई ऐसी पोस्ट मिलीं जो सत्ता सिस्टम को नाराज करती नजर आती हैं। नीचे एक एक कर देखिए..
https://www.facebook.com/share/v/1FrRwfKLVo
https://www.facebook.com/share/r/17PHMX2fvs
https://www.facebook.com/share/r/18MU3pKWbQ
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा-
“कितनी डरपोक है यह भाजपा सरकार!!
अपने बाबूजी के पिंडदान के लिए संगम गए कांग्रेस नेता विनोद तिवारी को दिल्ली पुलिस ने फ़रवरी माह के किसी सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ़्तार कर लिया है.
उत्तर प्रदेश पहुँचकर छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तारी भाजपा की घबराहट, प्रधानमंत्री द्वारा अमेरिका के सामने सरेंडर से हो रही थू-थू के चलते खीज दर्शाता है.
हम सब भाई विनोद तिवारी के साथ पूरी मज़बूती से खड़े हैं. और पुनः दोहराते हैं – PM is COMPROMISED”
सोशल मीडिया पर कुछ अन्य प्रतिक्रियाएं भी देखें-
कमल शुक्ला-
मैं विनोद तिवारी के साथ हूं… ऐप्सटिन के साथ संबंधों पर सवाल पूछने और एक सोशल मीडिया पोस्ट के चलते जेल भेजे गए विनोद तिवारी। अपने पिताजी के अंतिम पिंडदान हेतु उत्तर प्रदेश के अपने पैतृक गांव में थे विनोद तिवारी।
उदय भानू-
मोदी सरकार हर उस आवाज़ को कुचलना चाहती है जो सच बोलती है। अपने पिता का श्राद्ध करने कौशांबी, UP पहुंचे छत्तीसगढ़ के Vinod Tiwari जी को केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार करना दिखाता है कि सत्ता कितनी डरी हुई है।
यह हर उस युवा को डराने की कोशिश है जो हक की बात करता है.. हम इस तानाशाही के खिलाफ़ लड़ेंगे और विनोद जी की तुरंत रिहाई की मांग करते हैं।
पूर्वांचल पढ़ी नामक एक्स हैंडल एक वीडियो साझा कर लिखता है-
सच से घबराई भाजपा – PCC के संयुक्त महामंत्री विनोद तिवारी जी को 3 फरवरी के एक पोस्ट के मामले में गिरफ़्तार करने के बाद आज दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी हुई और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जनता के मुद्दों पर बोलना, सरकार से सवाल पूछना और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है, आवाज़ उठाने वालों को डराने की ये कोशिशें सच्चाई को नहीं रोक सकतीं।
हम सब इस समय विनोद तिवारी जी और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। सच की आवाज़ को कैद नहीं किया जा सकता।
नकली केसों से विनोद तिवारी डरने वाले नहीं हैं। दिल्ली पुलिस भी उन्हें झुका नहीं पाइगी , क्योंकि सच उनके साथ खड़ा है। संघर्ष उनकी पहचान है, हक की लड़ाई उनका संकल्प है। अन्याय के खिलाफ – विनोद तिवारी हर बार डटकर खड़े हैं! -सौरभ तिवारी, NSUI



