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4पीएम पर हमले के तुरंत बाद सक्रिय हो गए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के पत्रकार

Sanjay Sharma : कल मेरे दफ़्तर पर जो हुआ उसका सपने में भी अंदाज़ा नहीं था मुझे.. गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में दिन के साढ़े तीन बजे दो गाड़ियों मे भरकर लोग अख़बार के दफ़्तर पर भी हमला कर सकते हैं, इसका अंदाज़ा किसी को नहीं था. जिस समय हमला हुआ आम तौर पर उस समय दफ़्तर पर ही रहता हूँ पर कल सीएम को बोलना था तो मैं विधानसभा में था. मगर सूचना मिलते ही जिस तरह पत्रकार साथी मेरे साथ आये, उसने मेरे हौसलों को और बढ़ा दिया..

Sanjay Sharma : कल मेरे दफ़्तर पर जो हुआ उसका सपने में भी अंदाज़ा नहीं था मुझे.. गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में दिन के साढ़े तीन बजे दो गाड़ियों मे भरकर लोग अख़बार के दफ़्तर पर भी हमला कर सकते हैं, इसका अंदाज़ा किसी को नहीं था. जिस समय हमला हुआ आम तौर पर उस समय दफ़्तर पर ही रहता हूँ पर कल सीएम को बोलना था तो मैं विधानसभा में था. मगर सूचना मिलते ही जिस तरह पत्रकार साथी मेरे साथ आये, उसने मेरे हौसलों को और बढ़ा दिया..

जैसे ही मैंने ग्रुप पर मैसेज डाला, पंद्रह मिनट के अंदर दर्जनों पत्रकार साथी थाने पहुँच गये.. शलभमणि भाई दिल्ली थे, वहीं से मुझे फ़ोन किया और अफसरों को भी.. यशवंत भाई रास्ते में थे तो फ़ोन से ख़बर लिखकर भड़ास पर डाल दी.. ब्रजेश मिश्रा जी ने तुरंत ट्वीट किया और मुझे कई फ़ोन किये.. कमाल खान जी ने तुरंत अपनी टीम भेजी. ज्ञानेन्द्र शुक्ला भाई तो देर रात तक दफतर में रहे.. इडिया वॉच चैनल से घर्मेन्द जी, मनीष जी की पूरी टीम और अभिषेक भाई, अशोक मिश्रा जी अपनी टीम के साथ रहे..

शरद प्रधान जी, प्रखर सिंह, समाचार प्लस के ब्यूरो चीफ आलोक पांडे, हमारे अभिभावक समान अजय कुमार जी, नरेन्द्र जी, प्रांशु मिश्रा, सुधीर मिश्रा, मनीष जी, ब्रजमोहन जी, विधि सिंह जी, आनंद सिन्हा जी, रामकुमार जी और तमाम साथियों ने मुझे फ़ोन किये और इसकी निंदा की.. कई चैनलों पर ख़बर शुरू हो गयी.. प्रमुख सचिव गृह के ग्रुप पर शायद ही कोई पत्रकार रहा होगा जिसने आलोचना ना लिखी हो..

लखनऊ के अलावा दिल्ली और महाराष्ट्र के पत्रकारों ने भी इसकी आलोचना की. ओम थानवी सर ने तुरंत ट्वीट किया.. इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम जी, ब्राडकास्ट एडिटर एसोसियेशन के महासचिव एनके सिंह जी, लोकसभा टीवी के अनुराग जी, राज्यसभा टीवी की कृति मिश्रा समेत तमाम लोगों ने इसकी आलोचना की.. महाराष्ट्र में तो पत्रकारों ने बैठक कर इसकी निंदा की.. सभी पार्टियों से फ़ोन आये.. क़ाबीना मंत्री अनुपमा जायसवाल, ब्रजेश पाठक जी ने मुझे फ़ोन करके भरोसा दिया कि जल्दी ही हमलावर गिरफ़्तार होंगे..

साथियों का यह साथ हमको सच से लड़ने की ताक़त देता है. अगर चंद लोग सोचते हैं कि हम ऐसे हमलों से डर जायेंगे तो यह उनकी ग़लतफ़हमी है. हम और ताक़त के साथ ऐसे ही लिखेंगे.. साथ देने के लिये सभी का आभार.. किसी साथी का नाम लिखने से रह गया हो तो मॉफी..

लखनऊ के चर्चित सांध्य दैनिक 4पीएम अखबार के संस्थापक और संपादक संजय मिश्र की एफबी वॉल से.

मूल खबर…

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