Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रो अली खान जेल में हैं, जानिये वजह!

सोशल मीडिया पर भाजपा के मंत्री विजय को लेकर ऐसा तूफान खड़ा हुआ जैसे उसे फौरन डबल लाइफ की सजा दिला दी जाएगी। मंत्री है भाई। कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकी की बहन ही तो कहा था, कौन सा बड़ा पहाड़ खड़ा हो गया। लेकिन भारत-पाक को लेकर एक फोसबुक पोस्ट लिखने वाले प्रोफेसर अली खान को जेल जाना पड़ा। प्रोफेसर को भी भाजपा ज्वाइन कर लेना चाहिए। जेल से फौरन निकासी लेनी हो तो…


पंकज झा-

बस नाम का फर्क है. कर्नल सोफिया क़ुरैशी के बारे में विवादित बयान देने वाले एमपी के मंत्री विजय शाह पर कोई कार्रवाई नहीं. अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद जेल में हैं. बीजेपी के नेता भी लिख रहे हैं उनके साथ ग़लत हुआ. आप खुद पढ़िए अली ने जो लिखा है क्या उस पर विवाद होना चाहिए!!

नीचे अली खान द्वारा लिखी गई पोस्ट की मूल बातों को हिंदी में बताया गया है- पढ़ें…


प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की पोस्ट जो 8 मई को लिखी गई थी। इसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच के मौजूदा हालात, खासकर सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों को लेकर विस्तार से विचार साझा किए हैं।

मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. भारत की नई रणनीति: भारत अब पाकिस्तान में सैन्य और आतंकवादी (गैर-राज्य तत्वों) के बीच का फर्क खत्म करता दिख रहा है। इसका मतलब है कि अब किसी भी आतंकी गतिविधि पर पारंपरिक सैन्य प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
  2. पाकिस्तानी सेना की भूमिका: उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना अब आतंकवादियों के पीछे नहीं छिप सकती, क्योंकि वह खुद इनका इस्तेमाल कर क्षेत्र को अस्थिर करती रही है।
  3. ऑपरेशन ‘सिंदूर’: इस ऑपरेशन के जरिए भारत ने यह संदेश दिया है कि यदि पाकिस्तान अपने आतंकवाद की समस्या को खुद नहीं संभालेगा, तो भारत जवाब देगा। हालांकि भारत ने सैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना न बनाकर सावधानी बरती है।
  4. युद्ध की आलोचना: अली खान कहते हैं कि युद्ध की वकालत करने वाले लोग शायद कभी युद्ध क्षेत्र में नहीं रहे। युद्ध का असली दर्द गरीब और आम लोगों को झेलना पड़ता है, जबकि फायदा राजनीतिज्ञों और रक्षा कंपनियों को होता है।
  5. सांप्रदायिक राजनीति की आलोचना: उन्होंने भारतीय राजनीति में बढ़ती सांप्रदायिकता और दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से जब मुस्लिम नेताओं को देशद्रोही कहा जाता है, और वही बातें एक हिंदू नेता कहे तो उन्हें “राष्ट्रप्रेमी” माना जाता है।
  6. प्रेस कॉन्फ्रेंस और संदेश: पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की दो महिला सैनिकों की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक “क्षणिक झलक” थी, जिसमें भारत की विविधता और एकता की तस्वीर दिखाई दी, परंतु ज़मीन पर सच्चाई इससे अलग है।

एक बयान यह भी पढ़िए…

ये भी पढ़ें…

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन