लखनऊ। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बुधवार देर रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (SGPGI) रेफर किया गया, जहां कार्डियोलॉजी विभाग में उनका इलाज जारी है। सूत्रों के अनुसार, चार वरिष्ठ डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी जांचें दोबारा कराई जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात देवरिया जेल में अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद पहले देवरिया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां से स्थिति गंभीर देखते हुए लखनऊ भेज दिया गया।
इस बीच, अमिताभ ठाकुर की ओर से बुधवार को रिमांड रद्द करने के लिए दाखिल की गई अर्जी को सीजेएम मंजू कुमारी ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही उन्हें 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा।

मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर सीएम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। पुलिस उन्हें सीजेएम कोर्ट लेकर पहुंची थी, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद शाम करीब तीन बजे उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
जेल सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने भोजन किया था और इसके बाद पढ़ने-लिखने में लगे रहे। रात लगभग 12 बजे अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। इसके बाद जेल प्रशासन ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में शुरुआती जांच के दौरान हार्ट अटैक की आशंका जताई गई, हालांकि बुधवार को कराई गई ट्रोप-आई जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हो सकी।
डॉक्टरों का कहना है कि ट्रोप-आई जांच हार्ट अटैक की पुष्टि के लिए अहम मानी जाती है। मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमिताभ ठाकुर पिछले करीब नौ दिनों से हृदय से जुड़ी नियमित दवाएं नहीं ले पा रहे थे, जिससे उनकी हालत बिगड़ सकती है। ईसीजी रिपोर्ट काफी खराब आने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के हायर सेंटर SGPGI रेफर किया गया है।
संबंधित खबर…



