चंडीगढ़ के एक संपादक की महिला पत्रकार ने की तगड़ी घेराबंदी

चंडीगढ़ में एक अंग्रेजी अखबार के स्वनामधन्य संपादक हैं. कई वर्षों से जमे हैं. उनके खिलाफ उन्हीं के यहां काम कर चुकी एक महिला पत्रकार ने मोर्चा खोल दिया है. संपादक महोदय की हरकतों की लंबी-चौड़ी शिकायत प्रबंधन को मेल की है. शिकायती पत्र में महिला पत्रकार ने संपादक पर कई किस्म के गंभीर आरोप लगाए हैं.

कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न और पत्रकारीय मानदंडों के खिलाफ गतिविधि की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए महिला पत्रकार ने मीडिया मैनेजमेंट को पत्र भेजा है. सूत्रों का कहना है कि महिला पत्रकार मीडिया इंडस्ट्री में दो दशक से कार्यरत रही हैं. उन्होंने करियर की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस से की. वे एचटी में भी काम कर चुकी हैं. एक लंबे ब्रेक के बाद अपनी नई पारी की शुरुआत के बाद के अनुभवों के आधार पर महिला पत्रकार ने संपादक के खिलाफ प्रबंधन को पत्र भेजा है.

महिला पत्रकार का पत्र में कहना है कि संपादक ने नौकरी देते वक्त जो जो वादा किया था, वह पूरा नहीं किया. यही नहीं, संपादक के बतौर उन्होंने कई सारी स्टोरीज को अपने निजी स्वार्थ के लिहाज से तोड़-मरोड़कर प्रकाशित कराया. महिला का आरोप है कि संपादक मौका पाते ही उस पर लगातार निजी कमेंट किया करते थे.

पत्रकारों के नाम पर कितनी सौदेबाजी की जाती है, इस बारे में कई कहानियां हैं, लेकिन कई इसलिए दबा दी जाती हैं क्योंकि ऐसे पत्रकार राजनीतिक लोगों के करीब होते हैं. खासकर अंग्रेजी अखबार के पत्रकार तो दुर्भावनापूर्ण ढंग से अपने पद का निहित स्वार्थ में लाभ लेते हैं. चंडीगढ़ के अंग्रेजी अखबार के इन संपादक महोदय ने अपनी पत्नी को प्रोफेसर भी बनवा दिया. आजकल उन्हें एक बड़े सरकारी विभाग का सदस्य बनने का लालच मिला हुआ है.

बताया जाता है कि संपादक महोदय ने कुलपति को अपनी पत्नी को प्रोफेसर बनाने के लिए मजबूर किया. जब कुलपति ने इनकार किया तो संपादक ने उनका जमकर उत्पीड़न किया. संपादक महोदय के खिलाफ एक अन्य महिला पत्रकार द्वारा दायर की गई एक अन्य शिकायत पर भी जांच चल रही है. इसके अलावा पूर्व पत्रकारों द्वारा भी शिकायतें की गई हैं. इनको छोड़ने या बर्खास्त करने के लिए मजबूर किया गया.

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