Connect with us

Hi, what are you looking for?

सियासत

फ़लाना धिकड़ा राष्ट्र बनाने वालों व उन्हें सेलेक्टिवली ग़लत कहने वालों सुनो!

महक सिंह तरार-

Shame on you…. फ़लाना धिकड़ा राष्ट्र बनाने वालों व उन्हें सेलेक्टिवली ग़लत कहने वालों सुनो…

Advertisement. Scroll to continue reading.

-जिस दिन UP पुलिस रात में रेप पीड़िता को जला रही थी उस दिन भी बहुत से सवर्ण पंचायत करके आरोपियों के साथ व यूपी सरकार के साथ खड़े थे

-जिस दिन हैदराबाद में चार रेप के आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मार दिये तब भी अधिकतर उन्मादी देश ख़ुश था।

Advertisement. Scroll to continue reading.

-जब ऑल्ट न्यूज़ वाले ज़ुबैर को सच बोलने पर ग़ैर न्यायिक तरीक़े अपना कर नक़ली फ़िल्मी ग्राउंड पर अलग अलग ज़िले की जेल दर जेल घुमाया गया तब बहुत लोग सरकार के साथ थे।

-जब छोटी बच्ची आसिफ़ा के साथ एक धार्मिक संगठन के नफ़रतियों ने बलात्कार करके मार डाला तब भी धार्मिक आधार पर सत्ता के चाटुकार तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे

Advertisement. Scroll to continue reading.

-जब बेहद सामान्य किसान आंदोलन की गाइडलाइन को देश के ख़िलाफ़ टूलकिट बताकर दिशा को गिरफ़्तार किया तब आधे से ज़्यादा देश उन्मादी बन कर किसानो/दिशा के विरोध में खड़ा था।

-जब उन्नाव रेप केस का बाहुबली सत्ता पक्ष का MLA कुलदीप सैंगर रेप के बाद, रेप पीड़िता के बाप को मार रहा था, उसकी जाति के बहुत सारे कीड़े उसके व सत्ता के साथ खड़े थे

Advertisement. Scroll to continue reading.

-जब यूपी प्रशासन बुलडोज़र न्याय कर रहा था तो चला रहे थे धार्मिक नफ़रती उसके समर्थन में थे।

-जब देश की एक तिहाई जनता संविधान-सम्मत तरीक़े से आंदोलन करके (13 महीने तक एक कंकड़ फेंके बिना शांति से चलने वाला किसान आंदोलन) अपना हक़ माँग रहे थे व प्रशासन तमाम अत्याचार, धूर्त चालें, तोड़फोड़ कर रहा था तो बाक़ी एक तिहाई चुप थे व एक तिहाई सरकार के साथ होने के कारण किसानों के विरोधी बने थे। देश में इन ६६% ने 700 किसानो ने मरने पर एक शब्द अफ़सोस में नही लिखा।

Advertisement. Scroll to continue reading.

उपरोक्त सारे मामले न्यायालय पहुँचने पर या तो आरोपी निर्दोष साबित हुए या ताकतवर प्रशासन-पुलिस को न्यायालय ने ग़लत बताया जबकि आप में से अधिकतर कभी ना कभी अपनी जाति, धर्म, वर्ण, पार्टी के समर्थक पिल्ले बनकर इन मौक़ों पर ख़ुश थे…. Shame on you

….. और मैं इन सब मौक़ों पर शासन-प्रशासन के ग़लत के विरोध मे उपरोक्त हर मौक़े पर पोस्ट लिख कर अलग खड़ा था।

Advertisement. Scroll to continue reading.

….. मैं साफ़ तौर पर मानता हूँ की पुलिस का काम न्याय करना नहीं, इन्वेस्टीगेशन करना है।

….. मैं साफ़ तौर पर मानता हूँ की न्याय सिर्फ़ न्यायालय द्वारा किया जाना चाहिये।

Advertisement. Scroll to continue reading.

और लास्ट, ‘अगर’, राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाने पर तुलसी चालीस साल कुछ नही बोले, ‘अगर’, देश में किसान-सैनिक 1857 में सत्ता से विद्रोह कर रहे थे या विदेशी आक्रमणकारी दिल्ली लूट रहे थे और उसी दिल्ली में शराबी-वज़ीफ़ा पाने की उम्मीद में चुप रहने वाले ग़ालिब मुँह में दही ज़माये बैठे थे तो मैं ‘ऐसे’ तुलसी-ग़ालिब जैसों को “इंसान के तौर पर ख़ारिज करता हूँ”, लेखक-कवि-ग़ज़लकार होंगे अपने घर के। व ठीक इसी आधार पर मैं उन सभी (आप जैसे सामान्य नागरिकों, कवियों, व्यंगकारों, लेखकों, पत्रकारों, फ़ेमिनिस्टो, नेताओ, धार्मिकों, प्रेमियों, अध्यापकों इत्यादि) लोगो को नागरिक होने के तौर पर ख़ारिज करता हूँ जो एक्स्ट्रा ज्यूडीशियल किलिंग के समय भी मुँह में दही जमाये बैठे रहते है। …. तुम जैसे लोगो ने संविधान को फैल किया है, तुम्हारे से बने “लोक” ने लोकतंत्र फैल किया है।

साथ में ऐसे नागरिकों को शर्म आनी चाहिये जो अपनी जाति, अपनी पार्टी, अपने वर्ण, अपने वर्ग पर समस्या होने पर चिल्लाते है व दूसरे के साथ वही होने पर ख़ुश होते है – तुम असल में नफ़रती हो… you deserve the doctrine of “फुट डालो-राज करो” coined by religious bigots (wrongly attributed to Britishers) Shame on you too…..
you were divisible because of hate in your hearts… Go to hell (if it exist)

Advertisement. Scroll to continue reading.
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

भड़ास को मेल करें : Bhadas4Media@gmail.com

भड़ास के वाट्सअप ग्रुप से जुड़ें- Bhadasi_Group_one

Advertisement

Latest 100 भड़ास

व्हाट्सअप पर भड़ास चैनल से जुड़ें : Bhadas_Channel

वाट्सअप के भड़ासी ग्रुप के सदस्य बनें- Bhadasi_Group

भड़ास की ताकत बनें, ऐसे करें भला- Donate

Advertisement