नई दिल्ली। बीजेपी सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी तब सुर्खियों में आ गईं जब उन्होंने अपने पति धर्मेंद्र की मौत की झूठी खबर पर ट्वीट करते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि “कृपया झूठी खबरें फैलाना बंद करें, धर्मेंद्र बिल्कुल स्वस्थ हैं।”
हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों ने हेमा मालिनी की इस प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। यूजर्स का कहना है कि जब देशभर में फेक न्यूज, नफरत भरी अफवाहें और मीडिया की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग फैल रही थी, तब हेमा मालिनी ने कभी एक शब्द नहीं कहा।
लोगों ने याद दिलाया कि पिछले 11 सालों से बीजेपी की सांसद होने के बावजूद उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं या मीडिया की गिरती साख पर कभी कोई बयान नहीं दिया। लेकिन जैसे ही “अपनों” पर बात आई, वे तुरंत सक्रिय हो गईं।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा —
“जब देश झूठ के जाल में फंस रहा था, तब मौन रहीं; अब जब खुद पर आया तो ‘दर्द’ महसूस हुआ।”
हेमा मालिनी का ट्वीट भले ही निजी भावनाओं से जुड़ा हो, लेकिन इसने सत्ता समर्थक चुप्पी और चयनात्मक संवेदनशीलता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
शकील अख्तर-
हेमा मालिनी चैनलों पर गुस्सा हो रही हैं की झूठी खबर चला रहे हैं। टीवी चैनलों का क्या दोष उन्हें सिखाया ही यह गया है।
पहले अखबार में खबर छपती थी तो लोग लड़ जाते थे की अखबार में छपी है। मतलब सही है।
आज टीवी पर दिखती है तो लड़ जाते हैं की टीवी की खबर है। मतलब झूठी है। हेमा मालिनी ने बताया की धर्मेंद्र ठीक हो रहे हैं। और इलाज फायदा कर रहा है।
टीवी चैनलों को क्या हो गया? मौत की अफ़वाहें भी उड़ाने लगे? क्या ख़बरों की पुष्टि का क़ायदा “ठंडे बस्ते” में रख छोड़ा? उन पर भरोसा कर अनेक लोगों ने श्रद्धांजलियाँ भी दे डालीं। मगर उनका क्या दोष। “ख़बर” पर अब भी भरोसा करते होंगे। देखिएगा, रहा-सहा भरोसा भी उठ जाएगा। – ओम थानवी, वरिष्ठ पत्रकार
पुनीत कुमार सिंह-
The Lallantop अब Fake News भी फैलाने लगा है.
सौरभ द्विवेदी आपसे यह उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी. एक तो आपका संस्थान Fake News फैला रहा है और ऊपर से आपके राजनीतिक संपादक ज्ञान की गंगा बहा रहे हैं.
लेकिन इनकी हिम्मत नहीं है कि आज तक/ India Today का नाम लिख दे क्योंकि सैलरी रुक जाएगी.
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