जगदीश उपासने हुए पैदल, माखनलाल चतुर्वेदी विवि के कुलपति पद से इस्तीफा कुबूल

Avinish Kumar : इस्तीफ़ा होता ही है खतरनाक। चाहे लिया गया हो, चाहे मजबूरी में देना पड़ा हो। इस्तीफा देने वाले हमेशा महान हो जाते हैं। भले उसने महानता का कोई काम नहीं किया हो। लेकिन इस्तीफ़ा के साथ ही हमारे अंदर का भावना उमर पड़ता है। हम भावुक हो जाते हैं। भावनाओं में इतना बह जाते हैं कि हम उस इंसान के बारे में सोचना बंद कर देते हैं। उसने जिस कुर्सी से इस्तीफा दिया है उस पर कैसे बैठा था? वो भूल जाते हैं। उसने कितने प्रतिभाओं का दमन कर उस कुर्सी को हड़पा था, भूल जाते हैं। लेकिन मैं आपको भूलने नहीं दूंगा। हमेशा याद दिलाते रहूंगा। भूल जाने के खिलाफ याद रखने की याद..!!

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के कुलपति जगदीश उपासने का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है, “जब खुद ही जाना चाहते हैं तो जाने दो!”

उपासने के इस्तीफा से बहुत लोग दुःखी हैं। कई लोगों को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। उनको लग रहा है ये अफवाह है। कोरी अफवाह। मगर पानी सर से बह चुका है। उन सब लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।

ज्ञापन की फ्रॉडबाजी!

क्या इस ज्ञापन का सपोर्ट Jagdish Upasane सर करते हैं? हां या नहीं? क्योंकि इस्तीफा उन्होंने खुद ही दिया है। उनसे लिया नहीं गया है। ज्ञापन राज्यपाल के नाम से भी जा रहा है। माखनलाल विवि का राज्यपाल से अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से कोई लेना देना नहीं है। कुछ नहीं कर सकती हैं। फिर भी भाजपा के राज्यपाल के कारण ज्ञापन दिलवाया जा रहा है।

ज्ञापन के अंत में लिखा है, समस्त छात्र द्वारा। मैं 100 से अधिक छात्रों को जानता हूं। जो उपासने जी के जाने से खुश हैं। और इस ज्ञापन से किसी भी तरह से सहमत नहीं है। उपासने जी जाते जाते नाखून कटाकर शहीद होना चाहते हैं। जिससे आगे और बड़ा पद मिले। सर, इस्तीफ़ा आपने स्वयं दिया है। आपको आगे आकर इस तरह के हुलेले-हुलेले रोकना चाहिए। क्योंकि आप जानते हैं कि अब कुछ नहीं होगा। इस्तीफ़ा मंजूर हो चुका है।

Saurav Shekhar : एक योग्य पत्रकार जिन्होंने युगधर्म, जनसत्ता, इंडिया टुडे, हिंदुस्थान समाचार सहित कई प्रमुख समाचार-पत्रों एवं समाचार एजेंसियों में अपनी सेवाएं दी । उन्हें पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति पद से दबाव देकर इस्तीफा करवाना दुखद है। कांग्रेस ने शुरुआती दौर में ही अपनी गंदी और बदले की भावना से काम करने वाली मानसिकता जाहिर कर दी है।

अविनिश कुमार और सौरव शेखर की एफबी वॉल से.



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