मजीठिया मामला : प्रभात खबर प्रबंधन के झूठ की होगी जांच

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे प्रभात खबर के आरा (बिहार) के ब्यूरो चीफ मिथिलेश कुमार बनाम प्रभात खबर मामले में सुनवाई के दौरान माननीय उप-श्रमायुक्त पटना के न्यायालय में प्रभात खबर प्रबंधन के प्रतिनिधि के रूप में शामिल महाप्रबंधक (फाइनेंस) कौशल कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रभात खबर द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतनमान सहित सारी सुविधाएं अपने शत प्रतिशत कर्मचारियों को दिया जा रहा है। अखबार प्रबंधन के इस तर्क का प्रभात खबर के आरा ब्यूरोचीफ मिथलेश कुमार ने कड़ा विरोध किया और कहा कि प्रबंधन झूठ बोल रहा है। इस अखबार के एक भी कर्मी को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ नहीं मिला है। इस पर उप-श्रमायुक्त वीरेंद्र कुमार ने कहा कि कर्मचारियों के पेमेंट से संबंधित बैंक स्टेटमेंट अगली तिथि को लेकर उप श्रमायुक्त कार्यालय में जमा करें।

मजीठिया वेज बोर्ड के लिए प्रबंधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे प्रभात खबर के आरा (बिहार) के ब्यूरो चीफ मिथिलेश कुमार का प्रबंधन ने तबादला कर दिया तो मिथिलेश कुमार ने सीधे सुप्रीमकोर्ट में अपने एडवोकेट दिनेश तिवारी के जरिये गुहार लगा दी थी। इस मामले में मजीठिया वेज बोर्ड की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश रंजन गोगोई और नागेश्वर राव की खंडपीठ ने मिथिलेश कुमार के पक्ष में कदम उठाते हुये उनके ट्रांसफर पर अंतरिम रोक लगा दिया था। मगर फिर भी प्रभात खबर प्रबंधन ने उन्हें ज्वाईन नहीं कराया। इसके बाद यह मामला ३ मई २०१७ को मिथिलेश कुमार के अधिवक्ता दिनेश तिवारी ने सुप्रीमकोर्ट में न्यायाधीश रंजन गोगोई के सामने रखा था। अब उपश्रमायुक्त पटना ने इस मामले में दशहरा के बाद की अगली तिथि दी है जिस पर प्रभात खबर प्रबंधन को अपने दस्तावेज के साथ आकर यह साबित करना पड़ेगा कि उसने अपने सभी अखबारकर्मियों को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ दे दिया है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
९३२२४११३३५

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