मजीठिया मामला : प्रभात खबर प्रबंधन के झूठ की होगी जांच

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे प्रभात खबर के आरा (बिहार) के ब्यूरो चीफ मिथिलेश कुमार बनाम प्रभात खबर मामले में सुनवाई के दौरान माननीय उप-श्रमायुक्त पटना के न्यायालय में प्रभात खबर प्रबंधन के प्रतिनिधि के रूप में शामिल महाप्रबंधक (फाइनेंस) कौशल कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रभात खबर द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा निर्धारित वेतनमान सहित सारी सुविधाएं अपने शत प्रतिशत कर्मचारियों को दिया जा रहा है। अखबार प्रबंधन के इस तर्क का प्रभात खबर के आरा ब्यूरोचीफ मिथलेश कुमार ने कड़ा विरोध किया और कहा कि प्रबंधन झूठ बोल रहा है। इस अखबार के एक भी कर्मी को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ नहीं मिला है। इस पर उप-श्रमायुक्त वीरेंद्र कुमार ने कहा कि कर्मचारियों के पेमेंट से संबंधित बैंक स्टेटमेंट अगली तिथि को लेकर उप श्रमायुक्त कार्यालय में जमा करें।

मजीठिया मामला : मुंबई हाईकोर्ट ने दिया डीबी कॉर्प लि. को कर्मचारियों का बकाया जमा करने का निर्देश

देश की आर्थिक राजधानी से एक बड़ी खबर आ रही है। मुंबई हाई कोर्ट ने ‘दैनिक भास्कर’ की प्रबंधन कंपनी “डी. बी. कॉर्प लि.” को निर्देश दिया है कि मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार, प्रिंसिपल करेस्पॉन्डेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया इम्तियाज शेख की जो बकाया व एरियर्स की राशि बनी है, जिसके आधार पर श्रम विभाग ने वसूली प्रमाण-पत्र जारी किया है, उसका हिस्सा वह कोर्ट में जमा करे। इसी के साथ कोर्ट ने इस मामले में किसी भी तरह की सुनवाई पर दो सप्ताह की रोक लगा दी है।

मजीठिया को लेकर प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों ने श्रम मंत्री को घेरा, नहीं देते बना जवाब

महिला पत्रकार के सवाल पर मंत्री जी लगे बगले झांकने

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर झारखंड सरकार के श्रम मंत्री राज पालिवार को रांची में उन्हीं की पत्रकार वार्ता में पत्रकारों ने घेर लिया और लगे दनादन जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सवाल दागने। इस अप्रत्याशित सवाल से थोड़ी देर के लिये मंत्री महोदय भी घबड़ा गये। बताते हैं कि झारखंड के श्रम मंत्री राज पालिवार ने अपने विभाग और अपने किये गये कार्य का बखान करने के लिये रांची के सूचना भवन में एक प्रेस कांफ्रेस रखी।

किसी भी अखबार का सर्कुलेशन और पूरा विवरण सिर्फ एक क्लिक पर

आप भी जानिए भारत के किसी भी अखबार का सर्कुलेशन और पूरा विवरण सिर्फ एक क्लिक पर… भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयन कार्यालय नई दिल्ली ने एक जानकारी आरटीआई के जरिए मांगी गई सूचना में मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह को उपलब्ध कराई है। इस सूचना में समाचार पत्रों के पंजीयन कार्यालय ने बताया है कि कोई भी नागरिक समाचार पत्रों के पंजीयन कार्यालय की वेबसाइट www.rni.nic.in पर जाकर रजिस्टर्ड टाइटल पर क्लिक करके किसी भी समाचार पत्र के बारे में पूरी जानकारी, उसकी प्रसार संख्या से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

‘भाबीजी’ शिल्पा शिंदे बन गईं नेताजी, हड़ताली कर्मियों के पक्ष में दिया जोरदार भाषण (देखें वीडियो)

फ़िल्म-टीवी वर्कर्स की स्ट्राइक में एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे भी हुईं शामिल… मुम्बई के फिल्मसिटी स्टूडियो के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पिछले 9 दिन से हड़ताल पर बैठे सिनेमा और टेलीविजन कामगारों, टेक्नीशियन और महिला कलाकारों का उत्साह बढ़ाने ‘भाभी जी घर पर हैं’ की अभिनेत्री शिल्पा शिंदे भी पहुंचीं। शिल्पा शिंदे ने कामगारों द्वारा उठाई गयी मांग को जायज ठहराया और कहा निर्माता जानबूझकर अपनी शूटिंग इतनी दूर रखते हैं ताकि उनका पैसा बचे। उनके इतने दूर शूटिंग रखने से टेक्नीशियनों को कोई फायदा नहीं रहता।

बनारस में मजीठिया मामले में मीडियाकर्मियों के मुकदमों की फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह होगी सुनवाई

मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर को लेकर पत्रकारों व गैर पत्रकारों की लड़ाईं लड़ रहे समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन व काशी पत्रकार संघ की पहल पर अब डीएलसी स्तर तक के सभी तरह के मुकदमों की सुनवाई निर्धारित समय के भीतर पूरी होगी। इस आशय का आदेश जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने शनिवार को समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन व काशी पत्रकार संघ के संयुक्त प्रतिनिधिमण्डल की बातों को सुनने के बाद दी।

आज भी मजदूरों की तरह लाइन में लगकर तनख्वाह लेते हैं इस अखबार के पत्रकार

‘दीवार’ फिल्म का एक सीन याद है आपको जिसमें एक मुनीम टेबल लगाने के बाद मजदूरों को लाईन लगवाकर उनकी मजदूरी बांटता है। आज के इस डिजिटल दौर में भी अगर इसी तरह पत्रकार लाईन में लगकर अपनी तनख्वाह पायें तो शायद इससे बड़ी शर्म की बात कुछ नहीं हो सकती है। मगर यह सच्चाई है। रांची में सन्मार्ग अखबार में कमोबेश इसी तरह मीडियाकर्मियों को लाईन में लगाकर अपनी तनख्वाह लेनी पड़ती है। वह भी बिना किसी इनवेलप के। चर्चा है कि यहां मीडियाकर्मी लाईन में लगते हैं और मुनीम रुपी क्लर्क सबके सामने गिनकर लोगों को बिना इनवेलप के हाथ में पैसा थमाकर बाउचर पर साईन कराता है। जिस दिन तनख्वाह बंटनी होती है उस दिन कार्यालय का एक प्यून आता है और सबको कहता है सभी लोग लाईन में लग जाइये। लोग समझ जाते हैं कि तनख्वाह मिलने वाली है।

मजीठिया पर नए कोर्ट आर्डर के बाद लोकमत प्रबंधन ने 2400 मीडियाकर्मियों का कांट्रेक्ट रिनुअल लटकाया

मजीठिया वेज बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद महाराष्ट्र में सबसे बड़ा झटका लोकमत अखबार को लगा है। सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा लोकमत समूह में ठेका कर्मचारी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने 19 जून 2017 के आदेश में साफ कर दिया है कि ठेका कर्मचारियों को भी मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ मिलेगा। अब लोकमत प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सबसे ज्यादा सांसत में फंस गया है।

भास्कर समूह की कंपनी डीबी कार्प के खिलाफ कट गई आरसी, मजीठिया क्रांतिकारियों का बकाया देने के लिए संपत्ति होगी नीलाम

BHASKAR

मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में कटी पहली आरसी… दैनिक भास्कर और दिव्य भास्कर समेत कई अखबारों को संचालित करने वाली भास्कर समूह की कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड के माहिम और बीकेसी कार्यालय को नीलाम कर कर्मचारियों को बकाया पैसा देने का आदेश…

एडवोकेट उमेश शर्मा ने मजीठिया के लिए नया क्लेम लगाने वालों के लिए नया फार्मेट जारी किया

अखबार और न्यूज एजेंसियों के मीडियाकर्मियों के वेतन भत्ते प्रमोशन से जुड़े मामले से संबंधित जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में सुप्रीमकोर्ट के एडवोकेट उमेश शर्मा ने माननीय सुप्रीमकोर्ट के १९ जून २०१७ को आये फैसले के बाद उन पत्रकारों तथा गैर-पत्रकारों के लिये एक नया फार्मेट जारी किया है जिन्होंने अभी तक कामगार आयुक्त कार्यालय में अपने बकाये राशि और वेतन वृद्धि के लिये क्लेम नहीं लगाया है।