पैसे देकर पुलिस वालों के खिलाफ मजेदार विज्ञापन छपवा लिया और फंस गए अखबार के संपादक जी

उज्जैन के एक सांध्य दैनिक के संपादकों के खिलाफ पुलिस अधिकारियों की छवि खराब करने समेत कई धाराओं में हुआ मुकदमा… उज्जैन में एक सांध्य दैनिक अखबार ने एक विज्ञापन प्रकाशित किया. इस विज्ञापन में उज्जैन में सट्टा व्यापार के सफल संचालन के लिए उज्जैन सटोरिया संघ ने मध्य प्रदेश पुलिस का आभार जताया है. विज्ञापन में बाकायदा एमपी पुलिस के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला, एडीजी मधुकुमार और उज्जैन एसपी मनोहर एस. वर्मा की तस्वीर भी प्रकाशित की गई है. इस विज्ञापन को देखकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी परेशान हो गए. बाद में पुलिस ने अखबार के प्रधान संपादक और कार्यकारी संपादक के खिलाफ मुकदमा लिख दिया.

इस विज्ञापन में उज्जैन के नीलगंगा, महाकाल, जीवाजीगंज, भैरूगढ, नानाखेड़ा, चिमनगंज और कोतवाली थाना के प्रभारियों का भी आभार माना गया है. विज्ञापन में जिक्र था कि शहर के इन सात थाना क्षेत्रों में बे-रोकटोक सट्टा संचालित हो रहा है, इसके लिए ‘उज्जैन सटोरिया संघ’ इनका आभारी है. सटोरिया संघ की ओर से डीजीपी, एडीजी और एसपी की फोटो प्रकाशित कर उनका आभार व्यक्त किया गया है.

उज्जैन के एसपी मनोहर एस. वर्मा का कहना है कि जान बूझकर यह विज्ञापन प्रकाशित किया गया है और अधिकारियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाया गया है. शहर में उज्जैन सटोरिया संघ नाम से कोई संगठन ही नहीं है. अखबार के प्रधान संपादक घनश्याम पटेल और कार्यकारी संपादक अभय तिवारी के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं 469, 500, 501 व 502 के तहत केस दर्ज किया गया है. यह मुकदमा एक थाना प्रभारी की तरफ से लिखवाया गया है. उधर, अखबार के प्रधान संपादक घनश्याम पटेल ने भी स्वीकार किया कि विज्ञापन गलत प्रकाशित हुआ है और इसके लिए अखबार के संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code