पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा है कि पेट्रोल-डीजल कम से कम इस्तेमाल करें विदेश यात्रा करने से बचे। चुनाव में जमकर प्रचार करने के बाद अब पीएम मोदी खुद शुक्रवार को 7 देशों की यात्रा पर निकलेंगे। नीचे पढ़ें…
कृष्ण कांत-
मोदी जी विदेश जा रहे हैं। आप लोग देशभक्त बनकर घर में रहिए। विदेश यात्रा भूल जाइए, देश में भी यात्रा मत कीजिए। देशभक्ति दिखाइए।
मोदी जी को नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाना है। ये सब अच्छे देश हैं। बहुत सुंदर हैं। वहां जाने पर खर्चा लगता है। आप आफिस मत जाइए। घर से काम कीजिए। पेट्रोल मत खर्च कीजिए। जहां जरूरत हो वहीं पेट्रोल खर्च कीजिए।
जो लोग पेट्रोल टंकी पर रोज दो गिलास पेट्रोल पीते हैं, उनको अब यह बंद कर देना चाहिए। देश में पेट्रोल की कमी है। आप लोग किफायत रखिए।
मोदी जी विदेश जा रहे हैं। वहां से सुंदर-सुंदर रील और फोटो भेजेंगे। पहले के प्रधानमंत्री बेकार थे। विदेश से लौटकर डील बताते थे। नॉनबायोलॉजिकल जी रील दिखाते हैं। पहले वाले बताते थे कि क्या लेकर आए हैं। ये बताते हैं कि क्या पहनकर गए थे, क्या खाकर आए हैं।
देश में माहौल अच्छा चल रहा है। स्वीडन घूमने के लिए यह मौसम ठीक है। पीएम सर जाएंगे, आप अपने घर में रहिए।
आवेश तिवारी-
प्रधानमंत्री मोदी पर औसतन 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपए प्रतिदिन खर्च होते हैं अगर विदेश यात्रा पर या चुनावी रैलियों में जा रहे हों तो यह खर्च औसतन 5 से 10 करोड़ हो जाता है।अगर पीएम विदेश यात्रा पर जाना भर छोड़ दें तो देश के सैकड़ों करोड़ बच जाते हैं। पीएम मोदी पर जितना एक साल में खर्च होता है उससे हजारों भक्तों को रोजगार दिया जा सकता है।
उपलब्ध मुख्य विवरण (2025-26 तक):
- वेतन और भत्ते: लगभग ₹1.6 लाख से ₹1.66 लाख प्रति माह।
- बेसिक सैलरी: ₹50,000
- सम्पत्ति भत्ता: ₹3,000
- संसदीय क्षेत्र भत्ता: ₹45,000
दैनिक भत्ता: ₹2,000 (लगभग ₹60,000 माह)। यह व्यक्तिगत वेतन है; PM खुद अपने खाने-पीने और निजी खर्च खुद वहन करते हैं।
सुरक्षा (SPG): सबसे बड़ा खर्च।2025-26 बजट में SPG के लिए ₹489 करोड़ आवंटित। यह लगभग ₹1.34 करोड़ प्रति दिन (या ₹4-5 लाख प्रति घंटा) बनता है।
पुराने आंकड़ों में ₹1.17-1.62 करोड़ प्रतिदिन का जिक्र मिलता है (SPG कुल बजट PM की सुरक्षा पर केंद्रित)।
PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) खर्च:2024-25 में PMO के प्रशासनिक खर्च के लिए ₹65 करोड़ के आसपास आवंटन (वार्षिक)।
मंत्रिपरिषद और PMO कुल मिलाकर सैकड़ों करोड़ का वार्षिक बजट।
विदेश यात्राएं:2021-2025 में कुल ₹362-462 करोड़ (33-43 यात्राएं)। 2025 में अकेले ₹67-175 करोड़।
अन्य (निवास, स्टाफ, घरेलू यात्राएं):आधिकारिक आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) का रखरखाव, स्टाफ, वाहन आदि सरकार वहन करती है। घरेलू यात्राएं रक्षा मंत्रालय के बजट से।
अन्य (घरेलू यात्रा, स्टाफ, निवास रखरखाव आदि) जोड़कर ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ प्रतिदिन तक जा सकता है।
ये भी पढ़ें…



